Metro Man ई. श्रीधरन: जिसने रेंगती दिल्ली को दी रफ्तार, भारतीय रेलवे का किया उद्धार

दिल्ली मेट्रो से जुड़ने से पहले श्रीधरन (E Sreedharan) ने 58 साल तक सरकारी नौकरी की। 31 दिसम्बर, 2011 को रिटायर होने के बाद वो अपनी बाकी की जिन्दगी अपने गाँव केरल के त्रिशूर में बिता रहे हैं।

E Sreedharan metro man of india

भारत सरकार ने श्रीधरन (E Sreedharan) को उनके प्रभावशाली काम और उपलब्धियों के लिए वर्ष 1963 में रेलवे मिनिस्टर अवॉर्ड से नवाजा गया था।

ई. श्रीधरन (E Sreedharan) का जन्म 12 जून, 1932 को केरल स्थित पलक्कड़ में हुआ था। श्रीधरन की शुरुआती पढ़ाई ‘बेसिल इवांजेलिकल मिशन हायर सेकण्डरी स्कूल’ और फिर बालाघाट के ‘विक्टोरिया कॉलेज’ में हुई। वे भारत के एक प्रख्यात सिविल इंजीनियर हैं। उन्होंने आंध्र प्रदेश के काकीनाडा स्थित गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेज में दाखिला लिया जहां उन्होंने सिविल इंजीनियरिंग डिग्री हासिल की। वे 1995 से 2012 तक दिल्ली मेट्रो के निदेशक रहे। उन्हें भारत के ‘मेट्रो मैन’ के रूप में भी जाना जाता है।

भारत सरकार ने श्रीधरन (E Sreedharan) को उनके प्रभावशाली काम और उपलब्धियों के लिए वर्ष 1963 में रेलवे मिनिस्टर अवॉर्ड से नवाजा गया था। उन्हें 2001 में पद्म श्री तथा 2008 में पद्म विभूषण से भी सम्मानित किया गया। इसके अलावा भी उन्हें उनके उत्कृष्ट काम के लिए कई पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है।

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