United Nations

यूएन (UN) में भारत के स्थाई प्रतिनिधि टीएस तिरुमूर्ति ने ट्वीट कर इमरान खान के बयान को कूटनीतिक तौर पर निम्नस्तर का बताया। उन्होंने कहा कि इमरान खान के बयान में झूठे इल्जाम लगाना, व्यक्तिगत हमले करना, अपने यहां के अल्पसंख्यकों का हाल न देखकर भारत पर टिप्पणी करना शामिल था।

संयुक्त राष्ट्र (United Nations) की 75वीं वर्षगांठ के पहले दिन ही पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह मुहम्मद कुरैशी (Shah Mahmood Qureshi) की ओर से कश्मीर का मुद्दा उठाना महंगा पड़ा।

संयुक्त राष्ट्र की संस्थाओं की बदौलत पिछले 75 वर्षों में कोई विश्वयुद्ध नहीं हुआ है। लेकिन बढ़ते शहरीकरण, वैश्वीकरण और सामाजिक विषमताओं के चलते और कई विश्वव्यापी संकट खड़े हो गए हैं जिन के समाधान के लिए संयुक्त राष्ट्र और उसकी संस्थाएं अक्षम नज़र आने लगी हैं।

संयुक्त राष्ट्र (UN) की एक रिपोर्ट में खुलासा किया गया है कि गृहयुद्ध से जूझ रहे अफगानिस्तान में पाकिस्तान के करीब 6,500 आतंकवादी (Terrorists) युद्ध लड़ रहे हैं। इन आतंकवादियों में लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी शामिल हैं।

1950 से लेकर अब तक भारतीय सेना के जवानों ने संयुक्त राष्ट्र के कुल 71 शांति मिशन में हिस्सा लिया है। अब तक 10 लाख से ज्यादा भारतीय जवान संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन में अपने फर्ज को अंजाम दे चुके हैं।

पाकिस्तान की चार दिवसीय यात्रा पर पहुंचे संयुक्त राष्ट्र प्रमुख (UNSG) एंटोनियो गुतारेस (Antonio Guterres) ने जम्मू-कश्मीर को लेकर दोनों देशों के बीच मध्यस्थता की पेशकश की है। गुतारेस 16 फरवरी को इस्लामाबाद पहुंचे।

करीब पिछले 3 महीने से पाकिस्तान और चीन किसी ना किसी तरह संयुक्त राष्ट्र (United Nations) की बैठकों में भारत...

भारत ने जम्मू-कश्मीर के मुद्दे को संयुक्त राष्ट्र (United Nations)  के एक मंच पर उठाने पर पाकिस्तान को फटकार लगाते...

संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन में गुतारेस ने कहा कि हमारी क्षमता मदद से संबंधित है और यह तभी लागू हो सकता है, जब संबंधित पक्ष इसे स्वीकार करें।

संयुक्त राष्ट्र में धार्मिक स्वतंत्रता को लेकर एक लंबी बहस चल रही है। इसमें अमेरिका ने चीन और पाकिस्तान को खरी-खोटी सुनाई। वहीं ब्रिटेन और कनाडा ने भी धार्मिक भेदभाव को लेकर पाकिस्तान और चीन को जमकर लताड़ लगाई।

कश्मीर मसले को लेकर पाकिस्तान का विधवा विलाप जारी है। पाकिस्तान इसे लेकर संयुक्त राष्ट्र में गुहार लगाने जा रहा है। इधर, भारत ने वहां भी पाकिस्तान को पटखनी देने की तैयारी शुरू कर दी है।

लगता है कि अमेरिका अब आतंकवाद और मसूद अजहर के मामले में चीन से आमने-सामने के टकराव का मन बना चुका है। दरअसल, 27 मार्च को अमेरिका ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में फिर से एक प्रस्ताव लाया है। जिसमें पाकिस्तान में जैश-ए-मोहम्मद के आका अजहर मसूद को प्रतिबंधित करने की बात है।

यह भी पढ़ें