United Nations

भारत ने संयुक्त राष्ट्र (UN) में पाकिस्तान को एक एकबार फिर जमकर लताड़ लगाई है। संयुक्त राष्ट्र में 11 जून को एक बार फिर से पाकिस्तान द्वारा कश्मीर मसला उठाए जाने पर भारत ने कड़ी आपत्ति दर्ज की।

झगड़े की शुरुआत तब हुई जब भारतीय सुरक्षा बलों को पता चला कि पाकिस्तान ने डींग और सुराई को जोड़ने के लिए 18 मील लंबी एक कच्ची सड़क बना ली थी।

अचानक प्रकट हुये इस खतरे के मद्देनजर भारतीय दल की त्वरित कार्रवाई से गोमा में लोगों और संयुक्त राष्ट्र (United Nations) के कर्मचारियों को सुरक्षित निकालने में मदद मिली है।

इजरायल (Israel) और फिलिस्तीन (Palestine) में बढ़ते तनाव के बीच भारत ने बयान जारी किया है। भारत ने सभी हिंसक गतिविधियों, खासकर गाजा से किए गए रॉकेट हमलों की निंदा की है।

हक ने इसके साथ ही बताया कि संयुक्त राष्ट्र (United Nations) यह सुनिश्चित कर रहा है कि भारत में उसके अंतर्राष्ट्रीय और राष्ट्रीय कर्मचारी सुरक्षित रहें ताकि भारत की स्वास्थ्य प्रणाली पर बोझ नहीं बढ़े।

ISIL-K ने पिछले साल मई माह में काबुल के प्रसूति अस्पताल, अगस्त में जलालाबाद शहर के जेल, नवम्बर में काबुल विश्वविद्यालय और दिसम्बर में नंगरहार राज्य में एक महिला पत्रकार की हत्या समेत कई हमलों की जिम्मेदारी ली है।

अपने सभी नापाक मंसूबों में फेल होता पाकिस्तान (Pakistan) अपने झूठ से अब संयुक्त राष्ट्र को बरगलाने की कोशिश कर रहा है। पाकिस्तान ने अब समयुक्त राष्ट्र (UN) में झूठा डोजियर पेश किया है।

यूएन (UN) में भारत के स्थाई प्रतिनिधि टीएस तिरुमूर्ति ने ट्वीट कर इमरान खान के बयान को कूटनीतिक तौर पर निम्नस्तर का बताया। उन्होंने कहा कि इमरान खान के बयान में झूठे इल्जाम लगाना, व्यक्तिगत हमले करना, अपने यहां के अल्पसंख्यकों का हाल न देखकर भारत पर टिप्पणी करना शामिल था।

संयुक्त राष्ट्र (United Nations) की 75वीं वर्षगांठ के पहले दिन ही पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह मुहम्मद कुरैशी (Shah Mahmood Qureshi) की ओर से कश्मीर का मुद्दा उठाना महंगा पड़ा।

संयुक्त राष्ट्र की संस्थाओं की बदौलत पिछले 75 वर्षों में कोई विश्वयुद्ध नहीं हुआ है। लेकिन बढ़ते शहरीकरण, वैश्वीकरण और सामाजिक विषमताओं के चलते और कई विश्वव्यापी संकट खड़े हो गए हैं जिन के समाधान के लिए संयुक्त राष्ट्र और उसकी संस्थाएं अक्षम नज़र आने लगी हैं।

संयुक्त राष्ट्र (UN) की एक रिपोर्ट में खुलासा किया गया है कि गृहयुद्ध से जूझ रहे अफगानिस्तान में पाकिस्तान के करीब 6,500 आतंकवादी (Terrorists) युद्ध लड़ रहे हैं। इन आतंकवादियों में लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी शामिल हैं।

1950 से लेकर अब तक भारतीय सेना के जवानों ने संयुक्त राष्ट्र के कुल 71 शांति मिशन में हिस्सा लिया है। अब तक 10 लाख से ज्यादा भारतीय जवान संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन में अपने फर्ज को अंजाम दे चुके हैं।

पाकिस्तान की चार दिवसीय यात्रा पर पहुंचे संयुक्त राष्ट्र प्रमुख (UNSG) एंटोनियो गुतारेस (Antonio Guterres) ने जम्मू-कश्मीर को लेकर दोनों देशों के बीच मध्यस्थता की पेशकश की है। गुतारेस 16 फरवरी को इस्लामाबाद पहुंचे।

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संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन में गुतारेस ने कहा कि हमारी क्षमता मदद से संबंधित है और यह तभी लागू हो सकता है, जब संबंधित पक्ष इसे स्वीकार करें।

संयुक्त राष्ट्र में धार्मिक स्वतंत्रता को लेकर एक लंबी बहस चल रही है। इसमें अमेरिका ने चीन और पाकिस्तान को खरी-खोटी सुनाई। वहीं ब्रिटेन और कनाडा ने भी धार्मिक भेदभाव को लेकर पाकिस्तान और चीन को जमकर लताड़ लगाई।

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