Terrorist Attack

11 साल पहले जयपुर में हुए सीरियल धमाकों (Jaipur Serial Blast) सुनवाई करते हुए अदालत ने 4 आरोपियों को आखिरकार दोषी करार दे दिया।

11 साल पहले आज ही के दिन मुंबई (Mumbai) में सबसे बड़ा आतंकी हमला (26/11 Terrorist Attack) हुआ था। इस हमले में पाकिस्तानी आतंकियों ने 160 से अधिक लोगों को मौत के घाट उतार दिया था।

पाकिस्तान के आतंकी संगठन उत्तर प्रदेश में बड़े आतंकी (Terrorists) हमले की फिराक में हैं। अयोध्या में राममंदिर पर फैसले को लेकर आतंकी हमले की आशंका जताई जा रही है।

पंजाब के पठानकोट में आतंकी हमले के इनपुट के बाद पठानकोट और गुरदासपुर में हाईअलर्ट जारी कर कॉम्बिंग आपरेशन शुरू किया गया है।

जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद से ही अतंकी संगठन घाटी में शांति भंग करने की फिराक में हैं। आतंकवादियों ने कश्मीर के सोपोर में एक बार फिर गोलाबारी की है।

बटला हाउस फिल्म बटला हाउस एनकाउंटर पर आधारित है। इस एनकाउंटर में दिल्ली पुलिस के स्पेशल-सेल के डेकोरेटेड ऑफिसर मोहन चंद्र शर्मा शहीद हो गए थे।

जम्मू कश्मीर के अनंतनाग में आतंकियों ने सीआरपीएफ के गश्ती दल पर हमला किया।

जम्मू कश्मीर में एक ओर जहां आतंकियों के खिलाफ सुरक्षाबलों का अभियान जारी हैं, वहीं दूसरी ओर दहशतगर्द अपने नापाक मंसूबों को आंजाम देने की फिराक में हर वक्त लगे रहते हैं। घाटी में एक बार फिर एक हमले की घटना सामने आई है।

उग्रवादियों ने तिरप जिले में हमला कर एनपीसी विधायक समेत 11 लोगों की हत्या कर दी है। एनएससीएन (आईएम) के संदिग्ध उग्रवादियों ने इस हमले को अंजाम दिया है।

कश्‍मीर घाटी में जो आतंकवादी संगठन सक्रिय हैं, पाकिस्‍तान उन्‍हें चीन के बने हैंड ग्रेनेड सप्‍लाई कर रहा है। खुफिया एजेंसियों की ओर से जारी एक रिपोर्ट में यह बात कही गई है। आतंकियों को न केवल हैंड ग्रेनेड बल्कि चीन के बने अल्‍ट्रा मॉर्डन हथियार भी सप्‍लाई किए जा रहे हैं। एजेंसियों के अनुसार, पाकिस्‍तान ऐसा इसलिए कर रहा है ताकि वह भारत में अपनी गतिविधियों को झुठला सके।

दक्षिणी कश्मीर के पुलवामा में 17 अप्रैल की रात आतंकियों ने ग्रेनेड हमला किया। जिले के त्राल इलाके में सीआरपीएफ कैंप को निशाना बनाकर दागे गए ग्रेनेड से एक जवान घायल हो गया।

9 अप्रैल को दोपहर जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में आतंकियों ने आरएसएस नेता और उनके सुरक्षा में तैनात पीएसओ को गोली मार दी। आतंकी मौके से फरार हो गए।

मातृभूमि के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सपूत का परिवार दर-दर की ठोकरें खा रहा है। अपना अधिकार पाने के लिए यह परिवार व्यवस्था से लड़ रहा है। जिस शख़्स ने इस देश के लिए अपनी जान गंवा दी, आज उसी शहीद के मां-बाप सरकारी सिस्टम की लापरवाही का शिकार हैं।

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