Taliban

अफगानिस्तान से अमेरिकी सेना की वापसी के साथ ही तालिबान अफगान सुरक्षाबलों पर भारी पड़ रहे हैं। कंधार के अपने पूर्व गढ़ के साथ ही तालिबान ने एक तिहाई जिलों पर कब्जा करने का दावा किया है। 

अफगानिस्तान (Afghanistan) में तालिबान (Taliban) की हिंसा बढ़ती जा रही है। इस बीच अफगानिस्तान में अमेरिकी सेना के लिए काम करने वाले एक अफगान दुभाषिए सोहेल पारदीस का तालिबान ने सिर कलम कर दिया है।

पाकिस्तान में अफगान राजदूत नजीबुल्लाह अलीखील की 26 वर्षीय बेटी सिलसिला अलीखील का 17 जुलाई को इस्लामाबाद स्थित उनके घर लौटते समय अगवा कर लिया गया।

अफगानिस्तान (Afghanistan) सरकार ने आरोप लगाया है कि पाकिस्तान ने तालिबान आतंकवादी समूह के लिए समर्थन बढ़ा दिया है।

तालिबान (Taliban) ने अफगानिस्तान (Afghanistan) पर कहर बरपाना शुरू कर दिया है। अफगानिस्तान के कई महत्वपूर्ण इलाकों पर कब्जा करने के बाद तालिबान ने वहां अपनी क्रूरता शुरू कर दी है।

अमेरिकी सेनाओं की वापसी के बाद से अफगानिस्‍तान (Afghanistan) में हालात बदतर होते जा रहे हैं। वहां तालिबान (Taliban) के अमानवीय और क्रूर शासन का खतरा मंडराने लगा है।

पाकिस्तानी अखबार डॉन के मुताबिक, अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि अफगानिस्तान के विभिन्न प्रांतों में पिछले 24 घंटों के दौरान 300 से ज्यादा तालिबानी आतंकी मारे गए हैं।

अमेरिकी सैनिकों (US Army) की अफगान से वापसी ने चीन की भी टेंशन बढ़ा दी है। उसे डर है कि इसके बाद अफगानिस्तान में फिर से आतंकवाद भड़क सकता है जिसका असर उसकी बीआरआई (BRI) परियोजना पर पड़ सकता है।

पाकिस्तान (Pakistan) दुनिया भर में आतंक फैलाता है, ये सबको मालूम है। भारत के खिलाफ तो आतंकवाद (Terrorism) ही उसका सबसे बड़ा हथियार है। अब पाकिस्तान, अफगानिस्तान (Afghanistan) को तालिबानी आतंकियों के हाथों में सौंप देना चाहता है।

ट्रंप साहब चाहे जितने जीत के दावे और आइसिस ख़त्म करने के दावे करते फिरें। असलियत में यह समझौता अगर किसी की जीत के रूप में देखा जा सकता है तो वह तालिबान की जीत है।

बातचीत रद्द होने के बाद अफगानिस्‍तान के राष्‍ट्रपति अशरफ गनी का कहना है कि इस क्षेत्र में सही मायनों में तभी शांति आएगी, जब तालिबान इस तरह हमलों को अंजाम देना बंद करेगा और अफगानिस्‍तान की सरकार से सीधे बातचीत करेगा।

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