Swami Vivekanand

भारत से दो लोग धर्म संसद में भेजे गए थे। ब्रह्म समाज की ओर से मजूमदार और थियोसोफिकल सोसायटी की तरफ से श्रीमती ऐनी बेसेंट। लेकिन हिन्दू धर्म की ओर से कोई प्रतिनिधि नहीं था। स्वामी जी हिन्दू धर्म के प्रतिनिधि तो थे लेकिन भारत से बाकायदा नामित करके भेजे गए प्रतिनिधि नहीं, स्वेच्छा से जाने वाले एक आगंतुक अतिथि के समान।

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