S Jaishankar

जयशंकर (S. Jaishankar) ने बताया कि इस समझौतों में यह बताया गया था कि आप सीमा पर बड़ी सेना नहीं लायेंगे और वास्तविक नियंत्रण रेखा का सम्मान किया जायेगा और इसे बदलने का प्रयास नहीं होगा।

भारत और चीन के बीच आगे की राह आसान करने के लिए 3-M फॉर्मूले को लेकर बात हुई है, जिसके आधार पर विवाद को निपटाया जाएगा। इसमें आपसी सम्मान, आपसी संवेदनशीलता और आपसी हित को ध्यान में रखा जाएगा।

एस जयशंकर के मुताबिक‚ ‘आतंकवाद  मानव जाति के लिए सबसे गंभीर खतरों में से एक है।' लंबे समय से इसका पीड़ित होने के कारण आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक लड़ाई में भारत सबसे अग्रणी रहा है।

विदेश मंत्री एस जयशंकर (S Jaishankar) ने यूएनएससी (United Nations Security Council) में 1 जनवरी, 2021 को दो साल के लिए भारत की सदस्यता ग्रहण करने के बाद पहली बार यूएन (UN) को संबोधित किया।

भारत और चीन के बीच एलएसी (LAC) पर चल रहा गतिरोध सात महीने से ज्यादा लंबा हो चुका है। विदेश मंत्री एस जयशंकर (S Jaishankar) ने चीन (China) के साथ पूर्वी लद्दाख में चल रहे तनाव के बीच 9 दिसंबर को बड़ा बयान दिया।

अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो (Mike Pompeo) तीसरे भारत-अमेरिका ‘टू-प्लस-टू’ वार्ता के लिए अगले हफ्ते भारत का दौरा करेंगे। 27 अक्‍टूबर को माइक पॉम्पिओ और रक्षा मंत्री मार्क एस्‍पर (Mark Esper) भारत में होंगे।

विदेश मंत्री एस जयशंकर (S Jaishankar) ने लद्दाख (Ladakh) की स्थिति को 1962 के संघर्ष के बाद सबसे गंभीर बताया है। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों की ओर से वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर अभी तैनात सुरक्षा बलों की संख्या भी अभूतपूर्व है।

इस बातचीत में उन्होंने कोरोना वायरस (Coronavirus) से फैली वैश्विक महामारी से निपटने के साथ ही हिंद-प्रशांत क्षेत्र समेत अंतरराष्ट्रीय चिंता के मामलों के संबंध में द्विपक्षीय एवं बहुपक्षीय सहयोग को लेकर चर्चा की।

अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम द्वारा कश्मीर के हालात पर पूछे गए एक सवाल के जवाब में जयशंकर ने कहा, “चिंता मत कीजिए। एक लोकतंत्र (भारत) इसे सुलझा लेगा और आप जानते हैं कि वह देश कौन सा है?”

भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने एस जयशंकर ने न्यूयॉर्क में कहा है कि भारत को पाकिस्तान से नहीं, 'टेररिस्तान' से बात करने में दिक्कत है।

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