Police

कॉन्स्टेबल अभिषेक पटेल (Head Constable Abhishek Patel) ने फर्ज के आगे अपनी जिंदगी को दांव पर लगा दिया। परिसर में मौजूद लगभग 400 लोगों की जान बचाने के लिए इस हीरो ने अपनी जान  जोखिम में डालने का फैसला किया।

मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) की बालाघाट पुलिस (Police) द्वारा गिरफ्तार किए गए तीन राज्यों के इनामी नक्सली (Naxalite) श्यामलाल उर्फ मोतीराम सनकुजांग धुर्वे ने पूछताछ में अनेक राज उगले हैं।

छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के नक्सल प्रभावित इलाकों (Naxal Area) में रहने वाले ग्रामीणों का पुलिस से संबंध बताकर नक्सली (Naxalites) उनकी बेवजह हत्या कर रहे हैं। बीते कुछ महीनों के दौरान मारे गए चार लोगों में किसी का पुलिस से संबंध नहीं है।

झारखंड (Jharkhand) के चतरा में पुलिस (Police) ने नक्सलियों (Naxalites) को उखाड़ फेंकने के लिए कमर कस लिया है। नक्सलियों के खिलाफ अभियान (Anti Naxal Operations) में तेजी लाने के लिए पुलिस अब पोस्टर की मदद लेगी।

एसआई सिरीशा (Kotturu Sirisha) ने उस लाश को अपने कंधे पर लादकर करीब दो किलोमीटर दूर श्मशान तक पैदल ही गईं। इस दौरान सिरीशा खेतों के बीच पतली पगडंडियों पर ही चलीं।

तेलंगाना के खम्मम में पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई है। इस मुठभेड़ में एक नक्सली मारा गया है और एक नक्सली फरार हो गया।

पुलिस ने पिस्टल समेत नकली साहित्य बरामद किया है और सर्च ऑपरेशन जारी है। ये जानकारी गुमला एसपी हरदीप पी जनार्दन ने दी है।

एसटीएफ डीएसपी पंकज कुमार ने सशस्त्र बलों के साथ सखौल, गोरैया, अमरासनी आदि पहाड़ी क्षेत्रों में नक्सलियों के खिलाफ सर्च ऑपरेशन चलाया था।

एसपी के मुताबिक नक्सली के पास से एक पिस्टल (लोडेड), एके-47 के ग्यारह कारतूस और संगठन की रसीद वगैरह बरामद हुई है।

झारखंड और बिहार की पुलिस लगातार अपनी सीमा में संयुक्त रुप से अभियान चला रही है, जिसमें कई नक्सली पुलिस की रडार पर हैं।

महाराष्ट्र में बीते 24 घंटे में 121 पुलिसकर्मी कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं, और 2 की मौत हुई है। यहां अब तक मरने वालों की संख्या 102 पहुंच गई है।

हैरानी की बात ये है कि नक्सली जिनकी मदद से यह काम करते हैं, उन्हें भी मौत के घाट उतारने से नहीं कतराते हैं।

झारखण्ड में कोरोना से संक्रमित होने वाले पुलिसकर्मियों की संख्या 260 और चिकित्साकर्मियों की संख्या 179 है।

दुबे साल 2001 में दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री संतोष शुक्ला हत्याकांड का मुख्य आरोपी है। दुबे राजनीतिक सरपरस्ती में पला बढ़ा था। राजनीतिक गलियारों में अच्छी पकड़ होने की वजह से विकास पुलिस से खुद को बचाकर रखे हुए था।

कोरोना (Corona Virus) के चलते देश भर में हुए लॉकडाउन (Lock Down) के कारण इस इलाके में लोगों की हालत बेहद खराब हो चुकी थी।

असम (Assam) में 8 प्रतिबंधित संगठनों के 644 उग्रवादियों ने 177 हथियारों के साथ 23 जनवरी को आत्मसमर्पण कर दिया। उग्रवादियों ने मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल (Sarbananda Sonowal) की मौजूदगी में सरेंडर किया

2011 में मध्य विद्यालय परछा के भवन को बारूदी सुरंग से विस्फोट कर उड़ाने, अमहुआ में सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ समेत अन्य नक्सली वारदातों में इन नक्सलियों का हाथ रहा है। पुलिस को इनकी तलाश पिछले आठ सालों से थी।

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