PLA

L-70 तोपें सभी प्रकार के ड्रोन, फाइटर ड्रोन, फाइटर हेलीकॉप्टर और फाइटर प्लेन को मार गिराने में माहिर हैं। ये तोपें सभी मौसम में काम कर सकती हैं।

चीन की सरकार ने भारत के साथ लगते तिब्बत के हिमालयी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के हर घर से 18 से 40 वर्ष तक के उम्र के एक व्यक्ति को चीनी मिलिशिया में शामिल होना अनिवार्य कर दिया गया है।

भारत और चीन के रिश्ते बीते कुछ सालों में खराब हुए हैं। सीमा विवाद के चलते चीन हमारे खिलाफ आक्रामक रवैया अपनाए हुए है। चीन हमेशा से विस्तारवादी की नीति को फॉलो करता आया है।

जिस वक्त तिब्बत (Tibet) में 14वें दलाई लामा को चुनने की प्रक्रिया चल रही थी तभी यह हमला किया गया था। चीन नहीं चाहता था कि तिब्बत में फिर से चुनावी प्रक्रिया के जरिए दलाई लामा यानी धर्मगुरु की नियुक्ति हो।

चीन की बढ़ती ताकत सबको साफ नजर आ रही है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि आने वाले समय में चीन दुनिया की सुपर पॉवर होगा और इसमें उसकी सैन्य ताकत का अहम रोल होगा।

पीपल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) दुनिया की सबसे बड़ी सेनाओं में से एक है। इसमें करीब 23 लाख सैनिक हैं। इनमें थल, जल, वायु, रॉकेट फोर्स और रणनीतिक सपोर्ट सेना शामिल हैं।

India China Tension: सीमा विवाद ही दोनों देशों के सैनिकों के बीच झड़प की मुख्य वजह रहा है। 1962 के बाद दोनों देशों के बीच अबतक कई बार झड़प हो चुकी है। 

सेना की ओर से बताया गया कि दोनों पक्षों के बीच समाधान को लेकर बातचीत जारी है और संबंधित क्षेत्रों में नियमित तौर पर पेट्रोलिंग की जा रही है। सीमा पर अब तक हालात सामान्य हैं।

एलएसी (LAC) पर चीन (China) अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। चीन ने अब तिब्बत के लोगों को पीएलए में भर्ती करना शुरू कर दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारतीय सीमा के पास चीन ने तिब्बत के लोगों की भर्ती शुरू कर दी है।

सेना (Indian Army) ने एक बयान में कहा, ‘‘देश उन वीर सैनिकों का हमेशा आभारी रहेगा, जिन्होंने अत्यधिक ऊंचाई वाले सबसे कठिन इलाकों में लड़ाई लड़ी और राष्ट्र की सेवा के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया।’’

चीन के एक रिटायर वरिष्ठ सैन्य अधिकारी ने सुझाव दिया कि टकराव से बचने के लिए दोनों पक्षों को विश्वास बहाली पर पूर्व में बनी सहमति पर फिर से आगे बढ़ना चाहिए और कम विवादास्पद उपायों को कार्य में लाना चाहिए।

भारतीय वीर सपूत अपनी जान की बाजी लगाकर भी सीमा की रक्षा करते हैं। बीते 8 महीने से भारत और चीन के बीच लद्दाख (Ladakh) में सबसे विवादित इलाके में शुमार पैंगॉन्ग लेक पर चीनी सेना का डिसएंगेजमेंट (Disengagement) चल रहा है।

LAC पर हुए समझौते के बीच चीन (China) ने पहली बार औपचारिक तौर पर कबूल किया है कि गलवान घाटी (Galwan Valley Clash) के खूनी संघर्ष में उसके भी सैनिक मारे गए थे।

Indian Army ने बड़े स्तर पर बदलाव किए और समय के साथ वैश्विक स्तर के हथियारों को बेड़े में शामिल किया। जवानों की मूलभूत जरूरतें भी पूरी की जाती हैं।

LAC पर भारत के साथ जारी तनाव के बीच लगातार कोशिश की जा रही है कि विवाद को शांत किया जाए। पर चीन आए दिन कोई न कोई ऐसी हरकत कर देता है, जिससे दोनों देशों के बीच हालात और बिगड़ जाते हैं।

चीन (China) बातचीत की आड़ में एकबार फिर से भारत के साथ चालबाजी की तैयारी कर रहा है। चीन की सेना (PLA) ने अपने कब्‍जे वाले अक्‍साई चिन इलाके में पिछले 30 दिनों में बड़े पैमाने पर सैनिकों को तैनात किया है।

LAC पर जारी तनाव के बीच 19 अक्टूबर को लद्दाख के डेमचोक से पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के एक सैनिक को भारतीय सेना (Indian Army) ने पकड़ा।

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