PLA

भारतीय वीर सपूत अपनी जान की बाजी लगाकर भी सीमा की रक्षा करते हैं। बीते 8 महीने से भारत और चीन के बीच लद्दाख (Ladakh) में सबसे विवादित इलाके में शुमार पैंगॉन्ग लेक पर चीनी सेना का डिसएंगेजमेंट (Disengagement) चल रहा है।

LAC पर हुए समझौते के बीच चीन (China) ने पहली बार औपचारिक तौर पर कबूल किया है कि गलवान घाटी (Galwan Valley Clash) के खूनी संघर्ष में उसके भी सैनिक मारे गए थे।

Indian Army ने बड़े स्तर पर बदलाव किए और समय के साथ वैश्विक स्तर के हथियारों को बेड़े में शामिल किया। जवानों की मूलभूत जरूरतें भी पूरी की जाती हैं।

LAC पर भारत के साथ जारी तनाव के बीच लगातार कोशिश की जा रही है कि विवाद को शांत किया जाए। पर चीन आए दिन कोई न कोई ऐसी हरकत कर देता है, जिससे दोनों देशों के बीच हालात और बिगड़ जाते हैं।

चीन (China) बातचीत की आड़ में एकबार फिर से भारत के साथ चालबाजी की तैयारी कर रहा है। चीन की सेना (PLA) ने अपने कब्‍जे वाले अक्‍साई चिन इलाके में पिछले 30 दिनों में बड़े पैमाने पर सैनिकों को तैनात किया है।

LAC पर जारी तनाव के बीच 19 अक्टूबर को लद्दाख के डेमचोक से पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के एक सैनिक को भारतीय सेना (Indian Army) ने पकड़ा।

यह भी पढ़ें