Pakistan

इस वॉर मेमोरियल में आपको पता लगेगा कि कैसे युद्ध में भारतीय सैनिक बंकर से लेकर बंकर तक योजनाबद्ध तरीके से भागते हुए दुश्मन सेना पर हथगोले फेंकते थे।

एक गंभीर आर्थिक संकट से घिरे पाकिस्तान ने सऊदी अरब (Saudi Arabia) से लोन लिया था। पाकिस्तान के हालिया बर्ताव के कारण सऊदी ने अपने वित्तीय समर्थन को वापस ले लिया है।

जवानों ने उसे कहा कि जहां हो वहीं रुक जाओ। दोनों हाथ ऊपर कर के वहीं खड़े हो जाओ। जवानों के बार-बार कहने पर भी जब वह नहीं माना और आगे बढ़ता रहा।

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में भारत ने पाकिस्तान को खरी खोटी सुनाई है। साथ ही दुनिया के देशों से आतंकवाद के खिलाफ अभियान चलाने की अपील की।

भारतीय सेना (Indian Army) ने नियंत्रण रेखा पर पाकिस्‍तान (Pakistan) की ओर से किए गए सीजफायर के उल्लंघन (Ceasefire Violation) का मुंहतोड़ जवाब दिया है। 7 अगस्त को पाकिस्तान ने तंगधार सेक्‍टर में संघर्ष विराम का उल्‍लंघन किया था।

Indian Army ने योजनाबद्ध तरीके से 3 दिसंबर, 1971 की सुबह कार्रवाई शुरू की। भारी गोलाबारी के बीच, बंकरों को ध्वस्त करते हुए, वे अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ते चले गए।

14 दिसंबर 1971 को श्रीनगर एयरफील्ड पर दुश्मन के 6 सेबर एयरक्राफ्ट ने हमला कर दिया था। सेखों उस समय ड्यूटी के लिए तैयार थे।

1947-48 के युद्ध के बाद जम्मू-कश्मीर के दो तिहाई हिस्सा भारत में ही रहा जबकि एक तिहाई हिस्से पर आज भी पाकिस्तान का कब्जा है।

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में पाकिस्तान को एक बार फिर कश्मीर मुद्दे को उठाने पर फजीहत का सामना करना पड़ा। बंद कमरे में हुई अनौपचारिक बैठक में शामिल सभी देशों ने इसे द्विपक्षीय मुद्दा बताकर कश्मीर को लेकर अपना रुख स्पष्ट कर दिया।

कश्मीर (Kashmir) से अनुच्छेद-370 (Article 370) हटाए जाने के खिलाफ यह रैली निकाली गई थी। बता दें कि 5 अगस्त को इसकी पहली वर्षगांठ थी, जिसके विरोध में कराची में यह रैली निकाली गई।

युद्धविराम पर सहमत होने के बाद दुश्मन देश ने अपने सैनिकों को निकालने से इनकार कर दिया नतीजन कश्मीर दो भागों में विभाजित हो गया।

साल 1971 भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश के लिए बेहद अहम था। 1971 में पूर्वी पाकिस्तान में आजादी का आंदोलन दिन ब दिन तेज होता जा रहा था।

दुश्मनों ने 6500 मीटर की ऊंचाई पर स्थिति चोटिंयों पर कब्जा जमा लिया था। ग्‍लेशियर पर बर्फं ने पाकिस्‍तानी घुसपैठियों की स्थिति को बेहद मजबूत कर दिया था।

बंटवारे के वक्त ब्रिटिश इंडिया सैन्य टुकड़ियों को भी भारत-पाक के बीच बांटा जा रहा था। ब्रिगेडियर मोहम्मद उस्मान भीड़ में शामिल नहीं हुए।

नियंत्रण रेखा पर पिछले दो महीने के भीतर 7 भारतीय जवान शहीद हो चुके हैं। वहीं इस साल अब तक पाकिस्तान (Pakistan) 2700 बार संघर्ष विराम का उल्लंघन कर चुका है।

पाकिस्तान ने 31 जुलाई देर रात पुंछ के मेंढर सेक्टर को निशाना बनाते हुए सीजफायर का उल्लंघन (Ceasefire Violation) किया। इस गोलीबारी में भारतीय सेना (Indian Army) का एक जवान शहीद हो गया।

पाकिस्तान 1965 में लड़े गए युद्ध में खुद को जीता हुआ मानता है। वह इसका लगातार जश्न भी मानाता आ रहा है जो कि झूठ पर आधारित है।