Pakistan Army

फायरिंग की चपेट में आने से तीन सैन्यकर्मी और एक पुलिसकर्मी घायल हो गये। जिन्हें फौरन इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। लेकिन गंभीर रूप से घायल पुलिसकर्मी रोहित चिब को बचाया नहीं जा सका और वह अस्पताल में ही शहीद हो गये।

एक जनवरी को भी कुपवाड़ा के केरन सेक्टर में पाकिस्तानी बॉर्डर एक्शन टीम की मदद से आतंकी घुसपैठ (Infiltration) की कोशिश की गई थी जिसे चौकन्नी भारतीय सुरक्षाबलों ने नाकाम कर दिया था।

आईजीपी विजय कुमार ने इस घटना की पुष्टि करते हुये बताया कि मारे गये आतंकवादी की पहचान लश्कर-ए-तैयबा के टॉप आतंकी सैफुल्ला उर्फ अबु खालिद उर्फ शवाज के तौर पर हुई है।

मारे गये लश्कर के आतंकी की पहचान पाकिस्तान मूल के अबू जरार के तौर पर हुई है। वहीं जवानों ने घटनास्थल से एक एके 47 रायफल, 4 मैग्जीन, एक ग्रेनेड और भारतीय करेंसी बरामद की है।

मारे गए आतंकी की पहचान अभी नहीं हो सकी है। फिलहाल पुलवामा में यह मुठभेड़ जारी है और 2-3 आतंकियों (Militants) के छिपे होने की सूचना है।

आईएसआई इन मासूम बच्चों को भविष्य में आतंकी बनाने लिए चीन और तुर्की के हाईटेक हथियार‚ बम बनाने‚ जीपीएस चलाने जैसे अन्य खतरनाक हथियारों की ट्रेनिंग दे रहा है।

ओजीडब्ल्यू जम्मू कश्मीर में आतंकियों को मानवीय सहायता‚ रेकी‚ मुखिबरी‚ नकद‚ आवास और अन्य सुविधाएं प्रदान करते हैं। यानी आतंकियों को सुरक्षित मार्ग‚ घर या किसी तरह की सूचना प्रदान करता है।

हमारे देश में आने वाले ड्रोन (Chinese Drones) की संख्या कम है और यह सभी चीन निर्मित ड्रोन हैं। जो कि बहुत हाईटेक और लाइटवेट उठाने वाले हैं

निबाब खां की चांदन में नेशनल हाइवे पर मोबाइल फोन, सिमकार्ड व फोटो स्टेट की दुकान है। इसी दुकान की आड़ में निबाब खां स्थानीय सैन्य गतिविधियों की जानकरी अपने पाकिस्तानी आकाओं को उपलब्ध करवाता था।

आतंकी कमांडरों और आईएसआई ने सैकड़ों आतंकी रंगरूटों का पहले चयन किया था। उसके बाद उसमें से तीन दर्जन से अधिक आतंकवादियों (Militants) का ब्रेनवॉश कर उनको स्विमिंग और डाइविंग की ट्रेनिंग दी।

इस साल सुरक्षाबलों के साथ हुई मुठभेड़ में अभी तक 112 आतंकवादी मारे जा चुके हैं और करीब 135 आतंकवादी और उनके सहयोगियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

ये मुठभेड़ राज्य पुलिस और सेना के एरिया डोमिनेशन पेट्रोल टीम (एडीपी) पर हुये आतंकी हमले के बाद शुरू हुई। आतंकियों ने बारामूला के चेरदारी में सुरक्षाबलों को नुकसान पहुंचाने के लिए अंधाधुंध फायरिंग की।

पिछले 2-3 महीनों में अब तक 10 से ज्यादा पाकिस्तानी मूल के लश्कर के आतंकियों ने जम्मू-कश्मीर के राजौरी व पुंछ के सीमावर्ती इलाकों से भारतीय सीमा में घुसपैठ की है।

पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के रहने वाले मोहम्मद अशरफ उर्फ अली अहमद नूरी बांग्लादेश के रास्ते भारत आया था और वह फर्जी डॉक्यूमेंट्स के जरिए भारतीय पहचान पत्र हासिल कर करीब 10 साल से भारत में रह रहा था।

पाकिस्तानी ड्रोन से गिराए गए पैकेट में एक एके असॉल्ट राइफल, तीन मैगजीन, 30 गोलियां और एक टेलीस्कोप बरामद हुआ है।

गिरफ्तार आतंकी (Militant) पीओके में मौजूद टीआरएफ के हैंडलर अहमद खालिद के निर्देश पर जम्मू आया था। इलाके की जानकारी हासिल करने में  इस आतंकी की मदद करने वाले उसके दो साथियों को भी पकड़ने के प्रयास तेज कर दिये गये हैं। 

Indian Army vs Pakistani Army: दोनों देशों के बीच कश्मीर और सियाचिन के मुद्दे पर ही युद्ध लड़े गए हैं। पहला युद्ध आजादी के तुरंत बाद 1948 में लड़ा गया था।

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