Odisha

ओडिशा में नक्सलवाद के खिलाफ मुहिम में सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। ओडिशा के कंधमाल में सुरक्षाबलों ने चार नक्सलियों को मार गिराया। मुठभेड़ में कई नक्सलियों के घायल होने की भी खबर है।

नक्सलियों का गढ़ माना जाने वाला ओडिशा का जिला मलकानगिरि लाल आतंक की गिरफ्त से निकल रहा है। नक्सलियों (Naxals) का प्रबल समर्थन करने वाले 250 से भी ज्यादा आदिवासियों ने 22 दिसंबर को पुलिस के सामक्ष आत्मसमर्पण कर दिया।

ओडिशा (Odisha) के नक्सल प्रभावित जिलों में नक्सलियों (Naxalites) ने फरमान जारी किया है कि कोई भी मोबाइल फोन का इस्तेमाल न करे। इसकी वजह से लोगों में दहशत है। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है।

नक्सलियों द्वारा विस्फोट के इरादे से बिछाई गई बारूदी सुरंग का पता लगाने के साथ ही एक किलो विस्फोटक व अन्य सामग्री को सीआरपीएफ (CRPF) के जवानों ने जब्त किया।

ओडिशा के मलकानगिरी को एक नई पहचान मिली है। नक्सल हिंसा के लिए कुख्यात इस क्षेत्र को नई पहचान दी है यहां की एक आदिवासी बेटी अनुप्रिया लाकरा (Anupriya Lakra) ने। इस इलाके से पहली बार कोई महिला पायलट बनी है।

ओडिशा के कंधमाल जिले में दो नक्सली घटनाओं को अंजाम दिया गया है। एक घटना में माओवादियों ने मतदान केंद्र पर जा रही एक महिला निर्वाचन अधिकारी की गोली मारकर हत्या कर दी जबकि दूसरी घटना में चुनावी वाहन में आग लगा दी। दोनों ही घटनाएं नक्सल प्रभावित कंधमाल जिले की हैं।

मधि का कहना है कि हम कई महीनों से आत्मसमर्पण करना चाहते थे। लेकिन इसके लिए हमें सही मौके की तलाश थी। हमने अपने साथियों से कहा कि हम कुछ दिनों के लिए गांव जा रहे हैं। चूंकि हम लंबे समय से संगठन से जुड़े हुए थे, इसलिए किसी को भी हम पर शक नहीं हुआ। 

ओडिशा में माओवादियों का गढ़ मने जाने वाले मालकानगिरी ज़िले की रहने वाली सिरिसा करामी ने कुछ वर्ष पूर्व भारतीय महिला वॉलीबॉल टीम में स्थान हासिल किया।

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