Naxals

पुलिस टीम को  अभी तक यह जानकारी नहीं मिली है कि कंपनी कमांडर कुबेर सिंह (Company Commander) ने आखिर सुसाइड जैसा बड़ा कदम क्यों उठाया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

जब सुरक्षाबलों ने घटनास्थल की तलाशी ली तो वहां दो नक्सलियों का शव मिला। साथ ही घटनास्थल के पास से एक देशी रिवाल्वर और पांच किलोग्राम का एक बारूद बरामद किया गया।

इस धमाके के बाद वहां मौजूद मृतक पदम के साथी नक्सली फरार हो गये। कहा जा रहा है कि मृतक नक्सली पदम आईईडी बम लगाने में माहिर था।

झारखंड (Jharkhand) में नक्सलियों (Naxals) को लेकर बड़ी बात सामने आई है। भाकपा माओवादी के जोनल कमांडर 15 लाख रुपये का इनामी बुद्धेश्वर उरांव अपनी सुरक्षा के लिए जंगलों में जगह-जगह पर ढाई-ढाई सौ ग्राम का आईईडी बम (IED Bomb) बिछा रखा है।

झारखंड (Jharkhand) में नक्सलियों (Naxals) को लेकर एक बड़ी बात सामने आई है। झुमरा रेंज के नक्सली सुरक्षाबलों को निशाना बनाने के लिए अमेरिकन एम 16 राइफल जैसे घातक हथियार का इस्तेमाल कर रहे हैं।

आईटीबीपी के जवान सर्च ऑपरेशन से लौट रहे थे। तभी रास्ते में नक्सलियों (Naxalites) ने एक आईईडी ब्लास्ट कर दिया। इस हमले में तमिलनाडु क रहने वाले आईटीबीपी के जवान एन, बालाचामी शहीद हो गये।

नक्सली गुड्डी माड़वी के खिलाफ अप्रैल वर्ष 2019 में श्यामगिरी के करीब दंतेवाड़ा विधायक भीमा मंडावी के काफिले को बारूदी सुरंग में विस्फोट कर उड़ाने की घटना में शामिल होने का आरोप है।

छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) में लाल आतंक का गढ़ कहे जाने वाले बस्तर में पत्रकारिता बेहद चुनौतीपूर्ण है। प्रदेश में नक्सलियों (Naxalites) ने बड़ा दुस्साहस किया है। यहां प्रेस नोट जारी कर नक्सलियों ने पत्रकारों को धमकी दी है।

एसपी ने कहा कि लांजो गांव पहाड़ी के बहुत ऊपर मौजूद है, लेकिन हम लोगों ने नक्सलियों के सुरक्षित कहे जाने वाले इस एरिया से उन्हें खदेड़ दिया है। नक्सलियों (Naxalites) का जड़ इस अभियान से पूरी तरह कमजोर होगा।

झारखंड (Jharkhand) की सरकार ने कुख्यात अजय महतो सहित 33 हार्डकोर नक्सलियों (Naxals) पर देशद्रोह का मुकदमा चलाने की मंजूरी दे दी है। डीसी राहुल कुमार सिन्हा ने पीरटांड़ पुलिस के आवेदन को देखते हुए सरकार से इसकी मंजूरी देने की मांग की थी।

झारखंड पुलिस (Jharkhand Police) की गिरफ्त में आए भाकपा माओवादी नक्सली (Naxali) अनिल खेरवार ने कई बड़े राज खोले है। नक्सली अनिल ने स्वीकार किया है कि वह सात साल से भाकपा माओवादियों के साथ काम रहा है।

नक्सलवाद (Naxalism) का दंश झेल रहे छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के दंतेवाड़ा (Dantewada) जिले की तस्वीर बदलने के लिए जिला प्रशासन और पीडब्ल्यूडी प्रयास कर रहे हैं। दुर्गम क्षेत्रों में पुल-पुलियों के निर्माण में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।

नक्सली (Naxals) हमेशा से लोकतंत्र को निशाना बनाते आए हैं। वे सरकार के साथ-साथ जन प्रतिनिधियों को भी निशाना बनाते हैं। छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) में नक्सली एक बार फिर वही कर रहे हैं।

झारखंड (Jharkhand) में नक्सलियों (Naxals) के खिलाफ सरकार का रुख काफी सख्त है। नक्सलवाद (Naxalism) पर लगाम लगाने के लिए कड़े कदम उठाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में राज्य सरकार ने प्रदेश के 14 कुख्यात नक्सलियों पर नए सिरे से इनाम की घोषणा की है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, नारायणपुर के ओरछा थाना क्षेत्र में नक्सलियों (Naxali) के बिझाये बारूदी सुरंग में हुए विस्फोट में छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल के 16वीं बटालियन के दो जवान संतोष यादव और महेश अलामी घायल हो गए।

माओवादियों (Maoists) के खिलाफ सलवा जुडूम कार्यकर्ताओं की हत्या, पुलिस शिविर पर हमला करने, पुलिस टीम पर हमला करने और साल 2013 में बासागुड़ा के साप्ताहिक बाजार में पत्रकार साई रेड्डी की हत्या में शामिल रहने का आरोप है।

नक्सली (Naxals)  हमेशा से विकास कार्यों में खलल डालते आए हैं। वे अपनी करतूतों से आम लोगों की जिंदगी मुश्किल बनाने पर तुले रहते हैं। बिहार (Bihar)  के गया जिले के नक्सल प्रभावित कोंच प्रखंड में नक्सलियों (Naxalites) की काली करतूतों की वजह से विकास के कार्यों में बाधा पड़ रही है।

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