Naxals

आत्मसमर्पण (Surrender) करने वाले नक्सलियों (Naxalites) में सभी सुकमा जिले के ही दस अलग-अलग गांवों के रहने वाले हैं। सभी नक्सलियों ने वरिष्ठ पुलिस अधिक्षक और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के सामने आत्मसमर्पण किया है।

नक्सली अक्कीराजू (Naxali Akkiraju) माओवादियों के आंध्र-उड़ीसा बॉर्डर स्टेट कमेटी का सचिव रह चुका है। छत्तीसगढ़ से लगी आंध्र प्रदेश और उड़ीसा की सीमा पर नक्सल गतिविधियों की निगरानी कर रहा था।

पिछले कुछ महीनों से नक्सलियों के द्वारा सुरक्षाबलों को टारगेट करने के लिए गोरिल्ला तकनीक से हमला करने की घटनायें बढ़ी हैं। नक्सली आमने-सामने की लड़ाई को छोड़कर सुरक्षाबलों पर छिप कर वार कर रहे हैं।

गुप्त सूत्रों से जानकारी मिली थी कि तुलसी संरक्षित जंगल में करीब 30 से 40 नक्सली मौजूद थे, जिसमें करीब 5 नक्सल कैडर थे। ये नक्सली पिछले दो दिन से यहीं शिविर डालकर रह रहे थे।

सरेंडर करने वाले नक्सलियों (Naxalites)  के ​खिलाफ पुलिस टीम को नुकसान के लिए बारूदी सुरंग में विस्फोट करने, ग्रामीणों की हत्या करने व अन्य नक्सली घटनाओं में संलिप्त होने का आरोप है।

पुलिस अधिकारी के ने आगे बताया कि इस दुर्घटना में घायल आठ पुलिसकर्मियों (Policemen) को मामूली चोट आई है और वहीं गंभीर रूप से घायल चार पुलिसकर्मियों का इलाज जिला अस्पताल में किया जा रहा है।

दो महिला नक्सलियों (Naxalites) सहित कुल 11 नक्सलियों (Naxalites) ने सरेंडर किया है। इन सभी ने माओवादियों की खोखली विचारधारा, भेदभाव पूर्ण व्यवहार, शोषण, अत्याचार और अमानवीय कार्यों से तंग आकर ये फैसला लिया है।

सरेंडर करने वाले नक्सलियों (Naxalites) को प्रशासन की पुनर्वास नीति के तहत सहायता राशि और अन्य सुविधाएं दी जाएगी।

फरार कैदी कृष्ण मोहन झा शंख जोन का पूर्व नक्सली जोनल कमांडर (Naxali Zonal Commander) रह चुका है। वह अभय जी उर्फ विकास जी के नाम से भी जाना जाता है।

नैमेड और मिरतूर थाना क्षेत्र में सुरक्षाबलों ने पांच नक्सलियों कमलू ओयाम (23), मनीष कलमूम (26), गुड्डु हेमला (30), बिज्जा उर्फ बीजा कड़ती (47) और मुड़ा (47) को गिरफ्तार किया है।

जवानों की अलग-अलग टीम को एरिया डोमिनेशन के लिए बड़ेसेट्‌टी कैंप से पालोड़ीपारा, दुरमापारा, गंधारपारा, बुधरापारा व कंगोड़ीपारा की तरफ रवाना किया गया था। इसी दौरान इन्हें बड़ी सफलता हाथ लगी है।

पुलिस की ओर से जवाबी गोलीबारी होने पर टीएसपीसी के सभी नक्सली (Naxalites) फरार हो गये। मुठभेड़ आधे घंटे तक चली, इसमें दोनों तरफ से किसी को कोई नुकसान नहीं हुआ।

सक्रिय नक्सलियों (Naxalites) की घर वापसी के लिए लोन वर्राटू अभियान चलाया जा रहा है। अब तक 110 इनामी नक्सली सहित कुल 412 नक्सलियों ने सरेंडर किया है।

नक्सल प्रभावित दंतेवाड़ा जिले में सुरक्षाबलों ने एक नक्सली दंडकारण्य आदिवासी किसान मजदूर संगठन के अध्यक्ष 35 वर्षीय सुखराम कवासी को गिरफ्तार किया है।

ये नक्सली साल 2019 में इन्ड्रीपाल गांव में हुये एनकाउंटर में भी शामिल था,  जिसमें सुरक्षाबलों ने एक नक्सली (Naxali) को मार गिराया था, लेकिन फिर वहां से ये भाग निकलने में सफल रहा था।

जनवरी 2020 से 31 जुलाई 2021 तक कुल 688 माओवादियों (Maoists) को गिरफ्तार किया गया। इस दौरान पुलिस एनकाउंटर में 18 मारे भी गए और 25 ने पुलिस के सामने सरेंडर (Surrender) भी कर दिया।

गिरफ्तार माओवादियों (Maoists) के खिलाफ सड़क खोदकर मार्ग अवरुद्ध करने, हत्या के मामले में शामिल होने और नक्सली बैनर पोस्टर लगाने के आरोप हैं।

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