Naxals

ये पता लगाने की कोशिश हो रही है कि आखिर नक्सलियों की जन अदालत में ऐसी क्या बात हुई कि उन्होंने बिना किसी मांग के ग्रामीणों के साथ सातों नौजवानों को बिना नुकसान पहुंचाये जाने दिया।

दोनों महिलाओं के नाम बत्ती उसेण्डी और नमनी मंडावी है। ये दोनों महिला नक्सली पिछले सात सालों से आदरे जनमिलिशिया संगठन के सदस्य के तौर पर जुड़ी हुई थीं।

सरेंडर करने वाले नक्सलियों (Naxalites) में जोगा मंडावी पर 2015 में दंतेवाडा के चोलनार में आईईडी की मदद से बारुदी सुरंग में विस्फोट करने के मामले में कथित रूप से शामिल होने का आरोप है।

दोनों आरोपी (Naxals associates) बरामद सामान से संबंधित किसी तरह को कोई दस्तावेज नहीं दिखा सके। जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर बयान के आधार पर बीजापुर कोर्ट में पेश किया गया और वहां से जेल भेज दिया गया है।

बस्तर नक्सल ऑपरेशन में एएसपी के सबसे चुनौतीपूर्ण पद पर किसी महिला पुलिस अधिकारी के रूप में पहली बार पोस्टिंग मिलने से अंकिता शर्मा (IPS Ankita Sharma) गौरवान्वित महसूस कर रही हैं।

नक्सली (Naxali) किशन का आतंक चतरा जिले के अलावा हजारीबाग, रांची, रामगढ़ और पलामू जिलों में भी था। झारखंड के कई जिलों के अलग-अलग थानों में इस नक्सली कमांडर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज है।

नक्सलियों (Naxalites) की तलाश में जवानों ने बड़े पैमाने पर सर्च अभियान भी चलाया हुआ है। शुरुआती जांच में पता चला है कि संभवत: कटेकल्याण एरिया कमेटी के नक्सलियों ने ही गोपनिय सैनिक बुधराम की हत्या की है।

संगठन में स्थानीय आदिवासी नौजवान कभी भी एरिया कमेटी से ऊपर प्रमोट नहीं किए जाते। केंद्रीय नेतृत्व में केवल आंध्र प्रदेश, तेलंगाना व केरल जैसे राज्यों के ही नक्सलियों (Naxalites) का बोल-बाला है।

जांच में इन तीनों नक्सलियों ने कुछ भी बड़ा खुलासा नहीं किया, लेकिन इनके पास से जब्त भारी तादात में हथियार कुछ और ही कहानी बयां कर रहे हैं, ऐसे में अब एनआईए को इस जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

पुलिस ने जब अपनी छानबीन शुरू की, तो घुसपैठिये के रूप 21 वर्षीय मजरूल उर्फ अनिस उर्फ बबलू पिता मुश्ताक अंसारी का नाम सामने आया।

सुरक्षाबलों के जवानों ने घटनास्थल से नक्सली का शव और हथियार बरामद किया है। हालांकि मारे गये दोनों नक्सलियों की पहचान खबर लिखे जाने तक नहीं हो पाई है। 

आज के तकनीक के इस दौर में 15 लाख का इनामी नक्सली रामप्रसाद मार्डी उर्फ सचिन, मदन व आकाश का दस्ता दोनों राज्यों की पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ है।

मिलिशिया प्लाटून का स्वयंभू सेक्शन कमाण्डर 32 वर्षीय कोरसा लच्छु और 29 वर्षीय उसकी पत्नी कोरसा अनिता ने पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया है।

सरेंडर करने वाले मिलिशिया सदस्य नक्सलियों धुरबेड़ा निवासी कमलू ध्रुवा, मालू ध्रुवा, गट्टाकाल निवासी राकेश उसेण्डी और गोमागाल डेंगलपुट्टीपारा निवासी हिड़मे कवाची शामिल हैं।

एक लाख का इनामी मिलिशिया कमांडर 29 वर्षीय नक्सली बोटी उर्फ भीमा वेट्टी अपने तीन साथियों के साथ लोन वर्राटू अभियान के तहत सरेंडर किया।

एसपी के अनुसार, इस मुठभेड़ में कुछ नक्सली भी घायल हुये हैं, जिन्हें उनके साथी अपने साथ भगा ले गये। जिनकी तलाश में आसपास के इलाके में सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।

सुकमा में भी कोबरा 206, एसटीएफ, डीआरजी व जिला बल की ज्वाइंट ऑपरेशन में बंदूक के साथ दो माओवादियों (Maoists) को गिरफ्तार किया गया है।

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