Naxalites Surrender

दंतेवाड़ा में पुलिस के सामने 7 ऐसे लोगों ने सरेंडर किया है जो अपनी पहचान छिपा कर नक्सलियों की मदद किया करते थे। खास बात यह भी है कि यह सभी लोग गांव वालों के साथ मिलजुल कर रहते थे लेकिन किसी को उनकी करतूतों का पता तक नहीं चलता था।

छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में 15 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। एसपी के सामने सरेंडर करने वाले सभी नक्सली संगठन में हो रही ज्यादतियों से परेशान थे। सरेंडर करने वाले नक्सलियों ने बताया कि संगठन में अब विचारधारा नाम की कोई चीज नहीं रह गई है।

छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में 4 अप्रैल को तीन इनामी नक्सलियों ने सरेंडर किया है। सरेंडर करने वालों में एक महिला नक्सली भी शामिल है। तीनों ही अलग-अलग इलाकों में सालों से आतंक का खेल खेल रहे थे।

नक्सल संगठन द्वारा शोषण से तंग आकर दो महिला नक्सलियों समेत 10 नक्सलियों ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है। आत्समर्पण करने वाले नक्सली अपने संगठन के नेताओं के शोषण एवं प्रताड़ना से तंग आ चुके थे। इसलिए आत्मसमर्पण करने का फैसला लिया। ये सभी नक्सली सुकमा जिले के कोंटा थाना में बालेंगतोंग गांव के रहने वाले थे।

सोनमती एक प्रशिक्षित नक्सली है। उस पर एक लाख का इनाम भी घोषित था। वह साल 2016 में नक्सली संगठन से जुड़ी।

सालों तक खून-खराबा किया। कई बड़ी वारदातों में शामिल रहा। एक तरफ, जहां हर वारदात के साथ नक्सल संगठन में उसका कद बढ़ता जा रहा था, वहीं दूसरी तरफ उसके दिल में वापसी की इच्छा भी हिलोरें ले रही थी।

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