Naxali

अमोनियम नाइट्रेट को नक्सलियों ने पुलिस दल को नुकसान पहुंचाने के लिए रखा था, लेकिन सुरक्षा बलों की सुझबूझ और सतर्कता के कारण नक्सलियों (Naxali) के मंसूबों को विफल करने में सफलता मिली है।

एसपी ने नक्सल सगंठन के सभी सदस्यों (Naxali) और उनके नेताओं से अपने हथियारों के साथ सरेंडर करने और आम जनता और विकास के हित में समाज की मुख्यधारा में शामिल होने की अपील की।

गिरफ्तार नक्सली (Naxali) कृपाल आबुन गांव अपने परिवार से मिलने जा रहा था तभी उसको पुलिस ने दबोच लिया। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार नक्सली की आधे दर्जन से अधिक नक्सल संबंधी वारदात में तलाश की जा रही थी।

पुलिस ने प्रतिबंधित नक्सली संगठन पीएलएफआई के चार सक्रिय नक्सलियों (Naxalites) को बानो के कनरंवा जंगल से धर दबोचा। इनके पास से एक लोडेड देशी रायफल, 12 बोर की पांच जिंदा गोली, तीन मोबाइल, नक्सल मैग्जीन बरामद किया है।

मृतक की पहचान पड़ोसी जिले मुलुगु के रहने वाले ईश्वर के तौर पर हुई। नक्सलियों (Naxali) ने अपने मुखबिर ईश्वर की गला दबाकर हत्या की गई और उसका शव चारला वन क्षेत्र में पाया गया।

दंतेवाड़ा एसपी पल्लव के अनुसार, सरेंडर करने वाले 32 नक्सलियों (Naxali) में से 19 बकेली गांव के रहने वाले हैं। जबकि चार कोरकोट्टी और उदेनार, टुमारीगुंडा और मतासी गांव के तीन-तीन नक्सली हैं।

नक्सलियों (Naxali) के पास अब सिर्फ दो ही विकल्प मौजूद है। एक तो सुरक्षाबलों के समक्ष आत्मसमर्पण करके अपना इलाज करायें या फिर कोरोना वायरस (Coronavirus) या साथी की के हाथों मारे जायें।

कोरसा ने मेडिकल की पढ़ाई नहीं की है लेकिन वह नक्सलियों (Naxalites) को इंजेक्शन लगाने, टांका लगाने और छोटी-मोटी बीमारियों की दवा देने की ट्रेनिंग देता था।

एसपी इंद्रजीत महाथा ने जानकारी देते हुए कहा कि गिरफ्तार नक्सली (Naxali) करम सिंह पूर्ति कई हार्डकोर नक्सलियों के साथ सक्रिय सदस्य के रूप में काम कर चुका है।

दशमी का बड़ा भाई अभी भी नक्सलियों (Naxali) के बहकावे में जंगलों की खाक छान रहा है। दशमी ने अपने बड़े भाई से अपील किया है कि वो भी हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौट आए।

दशमी का बड़ा भाई अभी भी नक्सलियों (Naxali) के बहकावे में जंगलों की खाक छान रहा है। दशमी ने अपने बड़े भाई से अपील किया है कि वो भी हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौट आए।

मौजूदा समय में नक्सली (Naxali) घटनाओं में आई भारी कमी पुलिस-प्रशासन के प्रयास का नतीजा है। बहरहाल छुट-पुट नक्सली घटनाओं को छोड़ दें तो बड़े नक्सली हमलों का रुकना, उसमें जवानों का हताहत ना होना और आम आदमी को डर के साए में ना जीना एक बड़ा पड़ाव है।

गिरिडीह पुलिस को नक्सलियों (Naxals) के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है। पुलिस (Police) ने यहां 24 जुलाई को एक खूंखार महिला नक्सली को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार महिला नक्सली भाकपा माओवादी संगठन की एरिया कमांडर (Woman Naxali Commander) है। पुलिस अधीक्षक अमित रेनू ने इस बात की जानकारी दी।

गिरफ्त में आए नक्सली का नाम नंदा कुंजाम है और वह मलंगिर एरिया कमेटी के पिरनार पंचायत कमेटी का अध्यक्ष था।

तेलंगाना से आने वाले प्रवासी मजदूरों ने संक्रमण का फैलाव किया है। इस नक्सली इलाके में संक्रमण फैलने से नक्सली मूवमेंट में भी कमी आई है। बहुत से नक्सली (Naxali)जंगल छोड़कर इलाज कराने के लिए मुख्यधारा में लौट रहे हैं।

बिहार में मूलरूप से नक्सल के तीन हॉट स्पॉट हैं, एक गया-औरंगाबाद का इलाका जिसमें चकरबंधा का जंगली इलाका नक्सलियों का गढ़ है और दूसरा जमुई का इलाका है। ये दोनों नक्सली (Naxali) हॉट स्पॉट झारखंड की सीमा से लगे हुए हैं और तीसरा यूपी-नेपाल से सटा हुआ उत्तरी बिहार का बगहा जिला है, जहां पर आज की ये मुठभेड़ हुई। 

छत्तीसगढ़ का बस्तर (Bastar) जिला, जिसकी पहचान नक्सलवाद (Naxalism) से होती है, उसी बस्तर जिले के एक छोटे से पंचायत की इस पहल ने देश भर में कोरोना के संकटकाल में मिसाल कायम किया है।

यह भी पढ़ें