Militants

ये तीनों लश्कर-ए-तैयबा (LeT) कमांडर मो. यूसुफ डार उर्फ कांटरू और अबरार नदीम भट के भी संपर्क में थे। इनके पास से गोला बारूद और लश्कर-ए-तैयबा के पोस्टरों के अलावा कुछ और आपत्तिजनक सामग्री जब्त हुई हैं।

सुरक्षाबल मस्जिदों में छिपे आतंकियों (Militants) को मार गिराने की कोशिश नहीं करेंगे और उन्हें वहां से सुरक्षित निकलने का रास्ता देंगे और यदि सुरक्षाबल उन पर हमला करते है तो मस्जिद को बहाना बनाकर सुरक्षाबलों के खिलाफ एक माहौल बनाया जाएगा।

इस सफलता से 11 दिन पहले ही पुलिस की विशेष अभियान टीम ने इस्लामिक स्टेट जम्मू एंड कश्मीर (ISJK) के कमांडर अब्दुल्ला को जम्मू-श्रीनगर राजमार्ग पर झज्जर कोटली से गिरफ्तार किया था।

ऐसी ही घटना 1 जुलाई, 2020 को सोपोर में भी घटी थी। जहां आतंकवादियों (Militants) ने एक मस्जिद की आड़ में सीआरपीएफ टीम फायरिंग की थी, जिसमें एक जवान शहीद और एक नागरिक की मौत हो गई थी।

शाहिद नावेद की गिरफ्तारी से पहले उसके एक अन्य सहयोगी शेर अली को भी तब गिरफ्तार किया गया था, जब वह कुवैत सरकार द्वारा डीपोर्ट किए जाने के बाद भारत पहुंचा था।

पुलिस और सेना के ज्वाइंट टीम ने इलाके की घेराबंदी की और वहां आतंकवादियों (Terrorists) की मौजूदगी के बारे में विशेष जानकारी के आधार पर सर्च अभियान चलाया।

वहीद–उर–रहमान 2016 में कुपवाडा इलाके से दक्षिण कश्मीर में हथियारों की तस्करी करने में भी शामिल था, जब पूर्ववर्ती राज्य जम्मू–कश्मीर में पीडीपी की बीजेपी के साथ गठबंधन की सरकार थी।

ये घटना दक्षिण कश्मीर जिले में बिजबेहरा के संगम में हुई है। आतंकवादी (Militant) ने ग्रेनेड को सड़क किनारे फेंका था। इसलिए वहां पर पहले से ही मौजूद दो व्यक्ति मामूली रूप से घायल हो गये।

पिछले 12 दिनों में तीसरी बैंक लूट की वारदात है। इससे पहले 16 मार्च को भी आतंकियों (Militants) ने श्रीनगर के पंजीनारा इलाके में मौजूद ग्रामीण बैंक की शाखा से साढ़े तीन लाख की राशि लूट ली थी।

इस सीजन में घुसपैठ के लिए लॉन्च पैड और उसके आसपास के इलाकों में आतंकी‚ उनके गाइड और पोर्टर्स की हरकतें तेज हो गई हैं। ये लोग घुसपैठ के लिए लगातार रेकी करते नजर आ रहे हैं।

आतंकियों (Terrorists)  के साथ सुरक्षाबलों की ये मुठभेड़ (Encounter) शोपियां के मनिहाल गांव में हुई है। 4 आतंकियों के मारे जाने के बाद भी पूरे इलाके में फायरिंग की आवाज आ रही है।

खुफिया सूत्रों के अनुसार पाकिस्तानी सेना जेल से भी आतंकी बनाने का दांव खेल रही है। पाक जेल में बंद मुजरिम की सजा माफ करना और रिहाई का आश्वासन देते हुए पैसे का भी लालच दिया जा रहा है।

इससे पहले पिछले रविवार को भी सेना के जवानों ने इस एनकाउंटर (Encounter) में नारापोरा शोपियां के रहने वाले लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादी जहांगीर अहजद वानी पुत्र स्वर्गीय अब्दुल रहमान वानी को मार गिराया था।

इसी महीने की 12 तारीख को भी बारामूला में आतंकियों ने ग्रामीण बैंक को लूट लिया था। जहां से आतंकियों (Militants) ने हथियार के दम पर करीब ढाई लाख रुपये लूटकर फरार हो गये थे।

जवानों ने आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्म्द के आतंकी कमांडर विलायत हुसैन लोन को मार गिराया है। इसी के साथ पिछले तीन दिन से घाटी में जारी अभियान में अभी तक दो आतंकी (Militant) ढेर हो चुके हैं।

घाटी में स्टिकी बम का खतरा बढ़ा है लेकिन वह किसी भी प्रकार के आतंकी हमले (Terror Attacks) को नेस्तनाबूद कर देंगे।

पुलिस ने इन आतंकवादियों (Militants) की जानकारी देने के लिए कई मोबाइल फोन और लैंडलाइन नंबर भी शेयर किए हैं साथ ही इन आतंकवादियों  की सूचना देने वालों को उचित ईनाम देने का भी वादा किया है।

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