Militants

शुरुआती छानबीन से पता चला है कि आतंकी इरफान अहमद डार (Terrorist) अन्य गिरफ्तार आतंकियों के साथ मिलकर आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने की प्लानिंग में शामिल था।

15 लाख के इनामी आतंकी लंबू ने पुलवामा हमले के दौरान कार में आइईडी फिट करने में अहम भूमिका निभाई थी। वहीं दूसरे आतंकी की पहचान 7 लाख के इनामी समीर के रूप में हुई है।

जम्मू के बारी-ब्राह्मण, चिलाद्या और गगवाल क्षेत्रों में गुरुवार रात करीब 8 बजे संद‍िग्‍ध पाकिस्तानी ड्रोन (Drones) देखे गए। पहले से ही अलर्ट सुरक्षाबलों ने फौरन मोर्चा संभाल लिया

यूपी में 15 अगस्त के मौके पर सीरियल ब्लास्ट की तैयारी में लगे आतंकी संगठन पर शिकंजा कस गया है। ये आतंकी संगठन राज्य में बड़ी साजिश को अंजाम देने की फिराक में थे।

गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने बताया कि जम्मू कश्मीर में वर्ष 2019 की तुलना में वर्ष 2020 में आतंकी हिंसा की घटनाओं में 59 फीसदी की कमी आई।

अफगानिस्तान से अमेरिकी सेना की वापसी के साथ ही तालिबान अफगान सुरक्षाबलों पर भारी पड़ रहे हैं। कंधार के अपने पूर्व गढ़ के साथ ही तालिबान ने एक तिहाई जिलों पर कब्जा करने का दावा किया है। 

अहमद पूर्व उप-मुख्यमंत्री मुजफ्फर बेग के भाई हैं और जेकेएपी के चीफ कोआर्डिनेटर हैं। इस आतंकी हमले में उनके परिवार में को किसी तरह की कोई क्षति नहीं पहुंची है।

पाकिस्तान के राज्य प्रायोजित कुछ तत्व हथियारों‚ गोला–बारूद और नकदी की आपूर्ति श्रृंखला को बनाए रखने की कोशिश कर‚ जम्मू–कश्मीर में सक्रिय पाकिस्तानी आतंकी संगठनों की मदद कर रहे हैं।

ड्रोन हमले के पीछे आतंकवादी संगठन लश्कर–ए–तैयबा का हाथ बताया गया और अब खुलासा हुआ है कि ड्रोन हमले में इस्तेमाल आईईडी को पाकिस्तान की फैक्टरी में तैयार किया गया था।

बम निरोधक दस्ते की मदद से सभी आईईडी को तत्काल प्रभाव से निष्क्रिय कर दिया गया है। फिलहाल आईईडी रखने वाले आतंकियो की तलाश में सुरक्षाबलों की छापेमारी जारी है।

संदिग्ध आतंकी (Terrorist) इजहार के पकड़े जाने से कांधला में हड़कंप मच गया था। इजहार के पकड़े जाने के तुरंत बाद उसके भाई नूर मोहम्मद ने मीडियो से कहा कि वह जम्मू में पिछले कई साल से फल का कारोबार करते हैं।

भारत–पाक सीमा के पार सियालकोट जिले के शकरगढ़ इलाके में ड्रोन आतंकी साजिश का कंट्रोल रूम स्थापित है। जिसकी कमान पाकिस्तान सेना के एक ब्रिगेडियर स्तर के अधिकारी के पास है।

सुरक्षाबलों को इलाके में आतंकियों (Militants) के छिपे होने की जानकारी मिली थी जिसके बाद सेना की 22 आरआर, एसओजी सोपोर और सीआरपीएफ 179, 177 और 92 बटालियन की एक संयुक्त टीम ने वारपोरा में घर-घर में बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन चलाया।

सतवारी के एयर फोर्स स्टेशन और पास के ही मशहूर पीर बाबा की दरगाह के ऊपर एक के बाद एक दो ड्रोन (Drone) उड़ते दिखाई दिए। इसने फिर पाक की भारत विरोधी कुत्सित चालों व बदनियति को बेनकाब किया है।

सीमा पर तैनात जवान व अफसर हाई अलर्ट पर हैं। सीमा पार से आने वाले ड्रोन (Drone) को लेकर भी अति सतर्कता बरती जा रही है।

अनंतनाग जिले के एसएसपी इम्तियाज हुसैन ने इन नौजवानों (Youth) के माता-पिता को सलाह दी कि वे अपने बच्चों की उचित देखभाल करें और उनकी गतिविधियों, कार्यों और व्यवहार पर कड़ी नजर रखें।

सेना के विश्वसनीय इनपुट के आधार पर तलाशी अभियान शुरू किया गया, जिसके कारण हाइवे से करीब 700 मीटर दूर 30 किलोग्राम आईईडी बरामद किया गया।

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