Militant

बांग्लादेश में स्थित जेएमबी के आतंकी शिविर में लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादियों को देखा गया था‚ जो आईएसआई (SI) के इशारे पर जेएमबी के आतंकियों (Terrorists) को प्रशिक्षण दे रहे हैं।

ऐसे आतंकी ग्रेनेड हमलों को अंजाम देते हैं और हमले के बाद मौके से भाग जाते हैं। कहा गया कि ओजीडब्लू और स्लीपर सेल की तरह ही यह आतंकी पार्टटाइम होते हैं‚ शेष समय में यह दूसरा काम धंधा करते हैं।

डीजीपी गुप्ता के अनुसार, शुरुआती छानबीन के दौरान, आतंकी सरूप सिंह (Militant) ने खुलासा किया है कि वह सोशल मीडिया पर विदेशी आतंकी आकाओं (पाकिस्तानी आतंकी) के संपर्क में आया था।

गिरफ्तार जहांगीर हिज्ब-ऊत-तहरीर संगठन से जुड़ा था, लेकिन मूल रूप से वह प्रतिबंधित बांग्लादेशी आतंकी संगठन जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश (JMB) का सदस्य है।

पुलिस के मुताबिक हमलावर अभी इसी इलाके में कहीं छिपे हुये हैं। ऐसे में घेराबंदी मजबूत कर दी गई है। ऐसे में हमलावरों के बच निकलने की संभावना बहुत कम है।

उल्फा (आई) (ULFA-I) के उग्रवादियों ने 21 अप्रैल को असम-नगालैंड बॉर्डर पर शिवसागर जिले में स्थित लाकवा तेल क्षेत्र से ओएनजीसी (ONGC) के तीन कर्मचारियों का अगवा किया था।

एसटीएफ की ज्वाइंट टीम इस गुप्त सूचना के आधार पर सक्रिय हुई तो मोहम्मद राशिद (Mohmmad Rashid) ट्रेन से जाने का इरादा छोड़ कर बस्ती जिले में ही कहीं भूमिगत हो गया।

आतंकी (Militant) शेर अली सरहद पार पाकिस्तान से ड्रग्स व हथियारों की तस्करी करवाने में भी वांटेड था। कुवैत से भारत के अच्छे संबंधों के चलते वहां की सरकार ने उसे भारत सरकार को सौंप दिया।

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