Martyr

झारखंड (Jharkhand) की लातेहार जिला पुलिस और लातेहार अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी बिरेंदर राम 30 अक्टूबर को सदर प्रखंड लातेहार के पतरातू के रहने वाले होमगार्ड के शहीद (Martyr) जवान सकिंदर सिंह के घर पहुंचे।

ओडिशा (Odisha) के राउरकेला जिले की पुलिस (Police) की आला अफसरों की टीम शहीद (Martyr) पुलिसकर्मियों के परिवारों से मुलाकात करेगी। उनके घर जाकर परिवार की स्थिति की जांच करेंगे।

शहीदों के परिवारों, वीर नारियों और पूर्व सैनिकों के लिए 21 सब एरिया की ओर से स्थापित वेटर्न सहायता केंद्र (वीएसके) काफी सराहनीय काम कर रहा है। इस केंद्र ने कई सैनिकों और शहीदों के परिवारों की मदद की है।

सुरक्षाबलों की ओर से पूरे इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। आतंकी हमले (Terrorist Attack) के बाद से इस इलाके को सीज कर दिया गया है।

गाजियाबाद के कविनगर थानाक्षेत्र में शहीद आर्मी (Army) अफसर की पत्नी से दुष्कर्म का मामला सामने आया है। पीड़िता के मुताबिक, बम्हैटा निवासी युवक महिला को शादी का झांसा देकर कई माह तक दुष्कर्म करता रहा।

भारत और चीन के तनाव के बीच राजस्थान के झुंझुनूं जिले के गांव हुकमपुरा के शमशेर अली खान (42) गुरुवार को भारत-चीन सीमा पर पेट्रोलिंग के दौरान शहीद (Martyr) हो गए।

शहीद दीवान चंद (Martyr Deewan Chand) की अंतिम यात्रा में गांव के लोगों का काफिला भारत माता और शहीद दीवान चंद अमर रहे के नारे लगाते हुए चल रहे थे।

लेह लद्दाख में तैनात मनोज कुमार (Manoj Kumar) गुरुवार को शहीद हो गए। बताया जाता है कि ऑक्सीजन की कमी के कारण उन्हें दिल का दौरा पड़ा और उनका निधन हो गया।

जंग के मैदान में उतरे तो उनकी उम्र उस वक्त महज 21 साल थी। उनके इस शौर्य के लिए उन्हें सेना के सर्वोच्च सम्मान 'परमवीर चक्र से नवाजा गया।

लद्दाख (Ladakh) में भारत और चीनी सैनिकों के बीच हुई झड़प में हमारे देश के 20 जवान शहीद हो गए। इसमें से एक तमिलनाडु के रामनाथपुरम के रहने वाले पलानी (Martyr Palani) हैं। 17 जून को उनका पार्थिव शरीर घर पहुंचेगा।

इसी साल छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) में हुए एक नक्सली हमले (Naxal Attack) में राजस्थान के अलवर के बहरोड़ के गंडाला गांव के रहने वाले अजीत सिंह मीणा शहीद (Martyr) हो गए थे। शहीद (Martyr) की वीरांगना ने कोविड-19 (COVID-19) से जूझ रहे देश की सेवा के लिए अपनी जमा पूंजी में से 5 लाख रुपए निकालकर मुख्यमंत्री सहायता कोष में जमा कर दिये।

हम बात कर रहे हैं बीते 5 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के केरन सेक्टर में शहीद हुए बालकृष्ण की। हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले के पुईद गांव के रहने वाले बालकृष्ण भारतीय सेना में पैराट्रूपर थे।

हमारी सेना के जवान देश सेवा के लिए हमेशा ही अपने प्राण तक त्यागने के लिए तैयार रहते हैं। कई बार वो प्राकृतिक या अन्य विपदा के समय भी अपनी जान की बाजी लगाकर नागरिकों की नि:स्वार्थ मदद करते हैं।

जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) के पुंछ जिले के दिगवार सेक्टर में 8 फरवरी की देर रात पाकिस्तानी गोलाबारी में भारतीय सेना (Indian Army) 5 राजपूत रेजिमेंट के तीन जवान घायल हो गए थे।

श्रीनगर में 5 फरवरी को CRPF पर हुए आतंकवादी हमले में बिहार के भोजपुर जिले के एक सपूत ने अपनी जान न्योछावर कर दी। स्वतंत्रता संग्राम के महनायक वीर बाकुंड़े बाबू कुंवर सिंह की धरती का लाल रमेश रंजन आतंकियों के साथ मुठभेड़ में शहीद हो गया।

शहीद सौरभ कटारा (Saurabh Katara) की कहानी कलेजा चीर कर रख देती है। शादी के सिर्फ आठ दिन हुए थे, लेकिन देश की रक्षा के लिए सौरभ ने ड्यूटी ज्वाइन की।

छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले से शहीद (Martyr) एसआई मूलचंद कंवर की सवा साल की बेटी का भावुक कर देनेवाला वीडियो सामने आया है।

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