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वापसी के दौरान दोपहर करीब दो बजे जवानों ने मुकरम जंगल में नाले के पास चार संदिग्ध व्यक्तियों को देखा। पुलिस को देखकर चारों संदिग्ध इधर-उधर छिपने व भागने की कोशिश करने लगे।

सुकमा जिले के भज्जी थाने के अंतर्गत सुकमा निवासी पूनेम हड़मा और दंतेवाड़ा निवासी धनीराम कश्यम खून से लथपथ गिरे हुये थे। नक्सलियों (Naxali) ने दोनों पुलिसकर्मियों की गर्दन काट दी थी

174वीं बटालियन के कमांडेंट डॉ प्रेमचंद ने कहा कि सारंडा में नक्सलियों (Naxalites) के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने नक्सलियों (Naxalites) को भी अगाह करते हुए कहा कि नक्सली या तो सरेंडर करें या फिर परिणाम भुगतने को तैयार रहें।

नक्सली (Naxali) राम बाबू सहनी सीतामढ़ी, शिवहर व पूर्वी चंपारण जिले में दर्जनों नक्सली वारदातों में शामिल था। साव 2008 में शिवहर जिले के तरियानी छपरा में नक्सलियों ने राणा सिंह समेत चार लोगों की निर्मम हत्या कर दी थी।

माओवादी वेट्टी हुंगा माओवादियों (Maoists) की जनताना स्कूल में शिक्षक था। वहीं कुंजाम हड़मा मिलिशिया प्लाटून का सदस्य है। गिरफ्तार माओवादियों के खिलाफ पुलिस टीम पर हमला, हत्या और हत्या का प्रयास समेत कई मामले दर्ज हैं।

गिरफ्तार नक्सली (Naxals) योगेंद्र इनामी कमांडर पिटू राणा का बेहद खास आदमी है। लेकिन वह होली होली के अवसर पर घर आया था, जिसके बाद उसे गिरफ्तार किया गया।

गिरफ्तार नक्सली सोनू के खिलाफ जमुई जिले के विभिन्न थानों में 5 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। जिसकी वजह से वह जिले के टॉप टेन नक्सलियों (Naxals) की सूची में शामिल है।

पुलिस ने तीन नक्सलियों (Naxalites) को सदर थाना क्षेत्र के उदयपुरा मोड़ के नजदीक से गिरफ्तार किया। वहीं टीपीसी नक्सली को जिले के सदर थाना क्षेत्र के खुर्द गांव से हिरासत में लिया।

झारखंड के जिन कुख्यात नक्सलियों (Naxals) के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा चलेगा, उनमें अनल दा उर्फ पति राम मांझी, अजय महतो उर्फ टाइगर, कृष्णा दा उर्फ कृष्णा हांसदा जैसे कुख्यात के नाम शामिल हैं।

ये नौजवान पश्चिमी इलाकों के कई कुख्यात नक्सलियों (Naxali) को पहचानते हैं और संपर्क में भी हैं। इतना ही नहीं, ये नक्सलियों (Naxali) के असलहे और अन्य सामग्री भी छुपाने का काम करते थे।

गिरफ्तार नक्सली पर मुरहू इलाके में स्थानीय बीजेपी नेता के परिवार के तीन लोगों की हत्या करने का भी आरोप है। इस नक्सली (Naxalite) के खिलाफ अलग-अलग थानों में करीब 22 मामले दर्ज हैं।

इस पूर्व नक्सली (Naxali) ने कबूल किया कि जेल से छूटने के बाद उसने खेती-बाड़ी से अपनी जीविका चलाने की  भरपूर कोशिश की लेकिन महज खेती पर आश्रित रहने के कारण उसके सामने रोजी-रोटी की समस्या पैदा हो गई थी।

केएनओ और एक अन्य उग्रवादी संगठन (Maoist Organisation) यूनाइटेड पीपुल्स फ्रंट (यूपीएफ) काफी दिनों से कूकी समुदाय के लिए एक क्षेत्रीय परिषद की मांग कर रहे हैं।

गिरफ्तार नक्सलियों (Naxali) के पास से दो अमेरिकी पिस्टल, एक पुलिस की लूटी हुई रायफल,  कई जिंदा कारतूस, 6 मोबाइल फोन, 16 सिमकार्ड, तीन हजार रुपये कैश के साथ तीन मोटरसाइकिल भी बरामद की गई है।

पकड़े गये सभी अपराधियों का किसी भी नक्सली संगठन से कोई संपर्क नहीं है। हालांकि ये लोग नक्सलियों (Naxalites)  के नाम पर लेवी वसूलने का कार्य कर रहे थे।

जीवन (Jeevan Kandulna) ने कहा कि वह सरकार की आत्मसमर्पण नीति और विकास कार्यों से प्रभावित होकर मुख्यधारा में लौटा है। उसने नक्सली साथियों से भी हिंसा का रास्ता छोड़कर आम जिंदगी जीने की अपील की।

नक्सलियों (Naxalites) के खिलाफ चलाये गये इस अभियान के दौरान भाकपा माओवादी के एक 40 वर्षीय सदस्य बुधु हंसे (Naxali) को गिरफ्तार किया।

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