Maoist

प्रेस कॉन्फ्रेंस में एसपी दिवाकर ने बताया कि जिले में 50-60 की संख्या में नक्सली किसी बड़ी घटना को अंजाम देने के लिए एकत्र हुये थे लेकिन खुफिया तंत्र के कारण समय रहते सुरक्षाबलों ने उनके इस मंसूबे को नाकाम कर दिया।

खुफिया सूत्रों और पुलिस की टेक्टिनकल टीम की मदद से जिला पुलिस व सीआरपीएफ के संयुक्त टीम ने छापेमारी करके माओवादी डॉक्टर बेसरा को गिरफ्तार किया है।

गुप्त सूचना के आधार पर नक्सली मंगरू (Naxali) को उसके घर से ही गिरफ्तार किया गया। मंगरू के बारे में कहा जाता है कि वह पीएलएफआई (PLFI) सुप्रीमो दिनेश गोप का काफी करीबी है

मूल रूप से छत्तीसगढ़ निवासी शंकर (Naxali Shankar) बरगढ़- बलांगीर- महासमुंद डिवीजन में एरिया कमेटी मेंबर के रूप में कार्य कर रहा था और कई नक्सली हिंसा में शामिल था।

सुकमा के पुलिस अधिक्षक सुनील शर्मा ने भी गिरफ्तार नक्सली (Naxali) की पुष्टि करते हुये कहा कि सर्चिंग पर निकले सीआरपीए, एसटीएफ और डीआरजी की संयुक्त कार्रवाई में इस इनामी नक्सली को पकड़ा गया है।

नक्सलियों के पास से सुरक्षाबलों ने हथियार का जखीरा बरामद किया है। जिसमें अमेरिका में बना स्टेनगन, एसएलआर राईफल, 105 गोलियां समेत और कई हथियार जब्त किये गये हैं।

ओडिशा व पश्चिम बंगाल की सीमा पर इन माओवादियों (Maoists) के सहयोग से पुलिस को सर्च ऑपरेशन चलाने में सफलताएं मिल रही हैं।

सोमवार दोपहर अचानक नैरो पहाड़ी में सुरक्षाबलों की घेराबंदी देख आसपास इलाके में डर व्याप्त हो गया। स्थानीय लोग किसी बड़ी घटना को लेकर चिंतित हो गये थे।

एसपी लिंडा के निर्देश पर छापेमारी टीम आनंदपुर थाना काहेतर के बोरोतिका भुईया टोला में छापेमारी की। जहां पर एक निर्माणाधिन मकान से 3 लोगों को अवैध हथियारों के साथ पकड़ा।

इस खूंखार नक्सली (Naxali) के सरेंडर करने के बाद, उसे 10,000 रुपये की वित्तीय सहायता राशि दी गई और छत्तीसगढ़ सरकार की नीतियों के अनुसार उसका पुनर्वास किया जाएगा।

डीआईजी ने सभी नक्सलियों के परिजनों से सरकार के सरेंडर नीति के तहत हथियार डालने वाले वाले नक्सलियों को मिलने वाली सहायता राशि दोगुनी कर दी है। 

नक्सली के घर की तलाशी में 9 एमएम का एक कार्बाइन, दो मैगजीन व तीन पीस 9एमएम का जिंदा कारतूस बरामद किया गया है।

सुरक्षाबल के जवान जब चिह्नित स्थल पर पहुंचे तो वहां से नक्सली (Naxals) नदारद थे। हालांकि सघन तलाशी के दौरान जंगल से बड़ी संख्या में विस्फोटक बरामद किया गया।

नक्सली विमल (Naxali Vimal) के अधिकार छीनने के बाद संगठन के सेंट्रल कमिटी सदस्य मिथिलेश मेहता को बूढ़ा पहाड़ का नया मुखिया बनाया गया है। वह करीब छह महिने पहले बिहार में चकरबंधा से निकल कर बूढ़ा पहाड़ आया है।

कंक्रीट के पुल के निर्माण में बहुत समय लगता है। इस बीच नक्सली निर्माण में बाधा पहुंचाने की कोशिश करते रहते हैं। स्टील के पुलिया में पहले से तैयार लोहे के अलग-अलग हिस्सों को जोड़ना भर होता है।

मृतक की पत्नी के अनुसार, उनका पति बेकसूर था। ऐसे में नक्सलियों (Naxalites) से उन्हें और उनके बच्चों को भी जान का खतरा हो सकता है। मृतक की पत्नी ने पुलिस सुरक्षा की मांग की है।

लक्ष्मीपुर थाने की पुलिस गिरफ्तार नक्सली वीरेंद्र (Naxalite) के कारनामों की पड़ताल कर रही है। वहीं उसके अन्य साथी लालो दास को थानाध्यक्ष मृत्युंजय पंडित ने पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

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