Madhubani Art

Madhubani Art: अविनाश ने 2014 में पहली बार इस बारे में सोचा था। एक वर्कशॉप के दौरान उन्हें पता चला कि गांव के लोगों ने कभी पेन या पेंसिल भी नहीं छुआ है।

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