Lockdown

कोरोना वायरस (Corona Virus) के चलते देशभर में हुए लॉकडाउन (Lockdown) के दौरान अपने पिता को साइकिल पर बैठा कर हरियाणा के गुरुग्राम से बिहार के दरभंगा पहुंचने वाली ज्योति कुमारी (Jyoti Kumari)  इस समय सोशल मीडिया पर छाई हुई है।

लॉकडाउन (Lockdown) की स्थिति ने इन गरीब आदिवासियों के सामने राशन की कोई कमी ना हो इसके लिए गिरिडीह पुलिस (Police) इन नक्सलवाद प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की पूरी मदद कर रही है।

एक से दो करोड़ प्रवासी मज़दूरों की बात भी कर लें तो 10 से 20 हज़ार करोड़ रुपए महीने के ख़र्च पर इन्हें सड़कों पर ठोकरें खाने और अपने साथ वायरस को फैलाने से बचाया जा सकता था। 200 लाख करोड़ की अर्थव्यवस्था में क्या एक-दो महीने एक-दो करोड़ बदहाल लोगों का गुज़र चलाने के लिए अर्थव्यवस्था के एक हज़ारवें हिस्से की गुंजाइश भी नहीं थी?

कोरोना वायरस (COVID-19) के संकट से निपटने के लिए देश में लॉकडाउन आवश्यक कदम है। इसको ध्यान में रखते हुए गृह मंत्रालय (Ministry of Home Affairs) ने लॉकडाउन को दो हफ्तों के लिए बढ़ा दिया है।

वित्त मंत्री (Finance Minister) ने कहा कि हाउसिंग सेक्टर के लिए 70 हजार करोड़ का बढ़ावा देने वाली योजना लाएंगे। 6 लाख से 18 लाख तक आय वालों को इसका लाभ मिलेगा। 2.5 लाख मध्यम वर्ग के लोगों को फायदा होगा।

MSME को बल मिलता है तो भारत विश्व के तमाम देशों की आवश्यकताओं को पूरा करने में सक्षम होगा और विश्व का नेतृत्व करने की दिशा में भारत बढ़ सकेगा। इसका एक अन्य लाभ यह होगा कि बाजार में पूंजी की तरलता बढ़ेगी और कारोबारी से लेकर मजदूर तक सभी के सामने आर्थिक संकट दूर होगा।

यह भी पढ़ें