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जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) के पुंछ में पुलिस (Police) और एसओजी (SOG) के जवानों ने पाकिस्तान से लगती नियंत्रण रेखा (LoC) पर बेतार नदी पार कर इस पार पहुंचे एक नाबालिग लड़के को पकड़ा है।

पाकिस्तान (Pakistan) ने एलओसी (LoC) पर एक बार फिर सीजफायर का उल्लंघन (Ceasefire Violation) किया है। जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) के पुंछ जिले के मनकोट सेक्टर में पाकिस्तान ने फायरिंग शुरू कर दी।

एलओसी (LoC) पर तैनाती से पहले जवानों को खास तरह की ट्रेनिंग की जरूरत होती है, जिससे वह दुश्मन की हर चाल को नाकाम कर सकें। राजौरी सेक्टर के कोर बैटल स्कूल (Core Battle School) में एलओसी पर तैनाती से पहले सैनिकों को ट्रेनिंग दी जाती है।

जम्मू-कश्मीर के पुंछ सेक्टर में LoC पर पाकिस्तान ने 10 दिसंबर और 11 दिसंबर की दरमियानी रात भारी हथियारों से फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में भारतीय सेना (Indian Army) ने उसके पांच सैनिक मार गिराए।

दिवाली के मौके पर एक बार फिर पाकिस्तान ने अपना नापाक चेहरा दिखाया है। शुक्रवार को LoC के पास अलग-अलग इलाकों में पाकिस्तान ने सीजफायर तोड़ा है।

दो देशों को बीच सीमा का निर्धारण दो तरह से होता है जिनमें से एक है लाइन ऑफ कंट्रोल (LoC)  और दूसरा इंटरनेशनल बॉर्डर (IB) है। एलओसी, पीओके और जम्मू-कश्मीर के बीच की रेखा है।

भारतीय सेना (Indian Army) ने जवाबी कार्रवाई की और पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब दिया। भारतीय सेना की कार्रवाई में पाकिस्तान का बंकर नष्ट हो गया।

उस अंधेरी रात में जल्द ही फुरकान उसकी आंखों से दूर हो गया। ऋषभ के दिल में किसी अनहोनी का अंदेशा अब भी था। लाइन ऑफ कंट्रोल पर Indian Army हमेशा मुस्तैद थी। ऐसे में रात को किसी भी तरह की हरकत होती देख कर उनका कार्रवाई करना लाज़िमी था।

पाकिस्तान (Pakistan) अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। ताजा मामला राजौरी जिले का है जहां मंगलवार को पाकिस्तान ने एक बार फिर सीजफायर का उल्लंघन किया।

पाकिस्तान (Pakistan) ने मोर्टार दागे और छोटे हथियारों से फायरिंग की। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान ने इस साल 2700 बार सीजफायर तोड़ा है।

Pakistan: इस गोलीबारी में भारतीय सेना का एक जवान शहीद हो गया और 2 अन्य सैन्यकर्मी घायल हो गए। शहीद जवान का नाम भूपेंद्र है।

नेगी जनवरी में LoC पर हुए हिमस्खलन का शिकार हो गए थे। इसके बाद से ही उनकी खोज जारी थी लेकिन जब सेना को उनके बारे में कोई जानकारी नहीं मिल सकी तो सेना ने उन्हें शहीद घोषित कर दिया।

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