Latehar

गिरफ्तार महिला उग्रवादी की तलाशी के दौरान पुलिस को नेपाली करेंसी के साथ कुल 24 हजार 5 सौ रुपए बरामद हुए हैं। उसके पास से कई और चीजें भी बरामद हुई हैं।

ताजा मामला लातेहार जिले का है। यहां नक्सलियों ने बड़ा हमला किया है और 5 वाहनों में आग लगा दी दी है। इस दौरान नक्सलियों ने 3 लोगों को गोली मारी है।

ताजा मामला लातेहार जिले का है। यहां नक्सलियों ने बड़ा हमला किया है और 5 वाहनों में आग लगा दी दी है। इस दौरान नक्सलियों ने 3 लोगों को गोली मारी है।

झारखंड में नक्सलियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है, लेकिन नक्सली अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं।

झारखंड विधानसभा चुनाव (Jharkhand Assembly Elections) के प्रथम चरण के चुनाव के ठीक पहले 22 नवंबर को बड़ा नक्सली हमला हुआ था।

नक्सलियों ने लातेहार (Latehar) जिले में लैंडमाइंस विस्फोट कर दिया है। नक्सलियों द्वारा किया गया यह धमाका इतना जोरदार था कि इसकी गूंज करीब ढाई किलोमीटर दूर तक सुनी गई।

झारखंड पुलिस ने नक्सल प्रभावित लातेहार (Latehar) से भारी मात्रा में विस्फोटक बरामद किया। जानकारी के मताबिक, नक्सली झारखंड में विधानसभा चुनाव (Jharkhand Assembly election) को प्रभावित करना चाहते थे।

झारखंड के लातेहार से पुलिस ने एक नक्सली को गिरफ्तार किया है। जिले के एसपी के निर्देश पर बरवाडीह थाना प्रभारी दिनेश कुमार, एएसआई पारस नाथ प्रसाद और बंधन भगत ने पुलिस की टीम के साथ छापेमारी कर 19 सितंबर को एक कुख्यात नक्सली झमन सिंह को गिरफ्तार कर लिया।

यहां नक्सली किस कदर बेलगाम थे इसका अंदाजा आप इस बात से लगा सकते हैं कि यहां कभी नक्सली हथियारों की मंडी सजाते थे। बीच सड़क पर चादर या कोई अन्य सामान बिछा कर नक्सली अपने हथियार यहां खुलेआम सजा कर रखते थे।

खेत के मेड़ पर आधा दर्जन आम के पेड़ लगे हैं, जो उन्नत किस्म के हैं। सभी पेड़ों में फल भी लग चुका है। संतू की खेती कि एक विशेषता और भी है कि मक्का की खेती हो या सब्जियों की खेती, वह रासायनिक खाद का उपयोग कभी नहीं करते हैं।

झारखंड में अपने दहशत के बल पर करोड़ों रुपये की उगाही करने वाले नक्सली अब म्यूचुअल फंड में निवेश कर अपना भविष्य संवारने की कोशिश में लगे हुए हैं। जमीन और फ्लैट में निवेश करने वाले माओवादी नेताओं ने अब म्यूचुअल फंड में भी निवेश करना शुरू कर दिया है।

झारखंड का लातेहार जिला नक्सली गतिविधियों के कारण हमेशा से चर्चा में रहता है। इसकी भौगोलिक स्थिति भी इसे नक्सलियों की मौजूदगी से पूरी तरह उबरने नहीं दे रही। लेकिन केन्द्र और राज्य की सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल और सरकार के बहुआयामी प्रयास से अब लातेहार का परिदृश्य बहुत हद तक बदलने लगा है।

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