Kundan Pahan

नक्सली कुंदन (Kundan Pahan) ये अपनी याचिका में सरकारी पॉलिसी के तहत सरेंडर करने और 5 साल की सजा काटने का हवाला दिया है।

इसी बात से लोकतंत्र की असली ताकत का अंदाजा लगाया जा सकता है कि जो कभी खुद चुनाव का बहिष्कार करता था, मतदान नहीं करने के लिए लोगों को डराता-धमकाता था, आज उसका पूरा परिवार चुनाव में वोट देने के लिए खड़ा है।

'लाल आतंक' की शरण में आते ही प्रमाणिक अब पहले से ज्यादा खूंखार हो गया। उसने सीआरपीएफ के अफसर हमला किया और कांग्रेस के चांडिल प्रखंड अध्यक्ष को भी मारा।

भूरे बाल और हरे रंग के यूनिफॉर्म में 5 फुट 5 इंच के इस नक्सली को देखने के लिए वहां लोगों की भीड़ जमा थी। कुंदन पाहन सीपीआई माओवादियों का कमेटी सेक्रेट्री रहा था।