Kundan Pahan

इसी बात से लोकतंत्र की असली ताकत का अंदाजा लगाया जा सकता है कि जो कभी खुद चुनाव का बहिष्कार करता था, मतदान नहीं करने के लिए लोगों को डराता-धमकाता था, आज उसका पूरा परिवार चुनाव में वोट देने के लिए खड़ा है।

'लाल आतंक' की शरण में आते ही प्रमाणिक अब पहले से ज्यादा खूंखार हो गया। उसने सीआरपीएफ के अफसर हमला किया और कांग्रेस के चांडिल प्रखंड अध्यक्ष को भी मारा।

भूरे बाल और हरे रंग के यूनिफॉर्म में 5 फुट 5 इंच के इस नक्सली को देखने के लिए वहां लोगों की भीड़ जमा थी। कुंदन पाहन सीपीआई माओवादियों का कमेटी सेक्रेट्री रहा था।

यह भी पढ़ें