Kirti Chakra

सिंह को इस दौरान आतंकियों की ओर से दागी गईं गोलियां और ग्रेनेड के छर्रे भी लगे। पर, वह आतंकियों के सामने मजबूती से डटे रहे और उन्हें मार गिराने तक पीछे नहीं हटे थे।

कमर के नीचे का हिस्सा बुरी तरह जख्मी होने के बावजूद भृगुनंदन चौधरी (Constable Bhrigu Nandan Choudhary) के हौसले पस्त नहीं हुए। वे असहनीय दर्द के बावजूद रेंगते हुए आगे बढ़ते रहे और उन्होंने आधा दर्जन नक्सलियों को मार गिराया।

नक्सलियों से मुठभेड़ जारी थी कि तभी सूचना मिली, यात्रियों से भरी एक बस गोलीबारी के बीच फंस गयी है। विनोद कुमार अपने जान हथेली पर रख गोलियों के बीच से निकल बस तक पहुंच गए और बस को गोलीबारी के बीच से हटा गांव के लिए सुरक्षित रवाना किया।