Kashmir

ब्रिटेन (Britain) में विपक्षी लेबर पार्टी (Labour Party) के नए प्रमुख कीर स्टार्मर (Keir Starmer) ने कश्मीर को भारत (India) और पाकिस्तान (Pakistan) का ‘द्विपक्षीय मुद्दा’ बताया।

जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir) की स्थिति का जायजा लेने राज्य के दौरे पर आए यूरोपीय संघ के सांसदों ने कहा है...

PM-NSA ने सांसदों को कश्मीर (Kashmir) की स्थिति से अवगत कराया मोदी ने कहा- आतंक के प्रायोजकों और समर्थकों पर...

ओसामा बिन लादेन की मौत के बाद अयमान अल जवाहिरी इस अतंरराष्ट्रीय आतंकवादी संगठन अलकायदा का नया प्रमुख बन चुका है। अयमान ने जो वीडियो संदेश जारी किया है उसका शीर्षक है 'कश्मीर को न भूलें।'

जम्मू-कश्मीर के पुलवामा के लेथपोरा में 2017 में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के कैंप पर हमले के साजिशकर्ता और जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी निसार अहमद तांत्रे को संयुक्त अरब अमीरात ने भारत को सौंप दिया है। निसार अहमद को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने राजधानी दिल्ली के हवाईअड्डे पर गिरफ्तार किया।

11 मार्च को सेना की 15वीं कोर के जीओसी केजेएस ढिल्लन में राज्य पुलिस और सीआरपीएफ के अधिकारियों के साथ श्रीनगर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए बताया कि मारे गए इन 21 आतंकियों में से 8 आतंकी पाकिस्तानी हैं।

बालकोट आतंकी कैम्प पर हमले के बाद पाकिस्तान पूरी तरह से बौखला गया है। जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कोई दबाव नहीं बना पा रहा है तो भारत विरोधी ताक़तों के ज़रिए उलटे सीधे हरकत करा रहा है।

पुलवामा आतंकी हमले को अभी एक महीना भी पूरा नहीं हुआ है और इस बीच जम्मू-कश्मीर के 150 से भी अधिक युवक देश की रक्षा के लिए सेना में भर्ती हुए हैं।

In the heat of Pulwama aftermath let us not get so carried away that we start treating all Kashmiris — our fellow Indians — as our enemy. That would be playing straight into the hands of Pakistan.

समय है बंदूक और बातचीत दोनों पर ध्यान रखने का। अगर हम सिर्फ बंदूक की भाषा का इस्तेमाल करेंगे तो यह भी एक तरह से पाकिस्तान के इरादों को कामयाब करने जैसा होगा।

शहीद मेजर चित्रेश सिंह बिष्ट 7 मार्च को होनेवाली अपनी शादी के लिए 28 फरवरी को घर आने वाले थे। आतंकवाद का दिया इससे बड़ा ज़ख्म और क्या हो सकता है। परिवार जहां बेटे के शादी में आने का इंतज़ार कर रहा था, आज पार्थिव शरीर का इंतज़ार कर रहा है।

हिजबुल के आतंकी बुरहान बानी का एनकाउंटर के वक्त हालात बद से बदतर हो गए थे। उस बिगड़ते माहौल से निपटने के लिए जब इस महिला अफसर ने मोर्चा संभाला तो उपद्रवियों के पैर उखड़ गए।

उनके सिर पर काफी चोटें आई थीं। जख्मी होने के बावजूद नजीर वानी ने आतंकियों को भागने नहीं दिया। वह आतंकियों के भाग निकलने के रास्ते पर डटे रहे। उन्होंने दूसरे आतंकी को भी ढेर कर दिया। इस एनकाउंटर में वानी और उनके साथियों ने कुल 6 आतंकियों को मार गिराया था।

अपनी साहस और बहादुरी के बूते चीता आज युवाओं के लिए प्रेरणा बन गए हैं। उनके जज्बे का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि करीब 2 महीने कोमा में रहने के बाद मौत के मुंह से निकलकर आए।

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