Kargil Vijay Diwas

कारगिल युद्ध, को ऑपरेशन विजय के नाम से भी जाना जाता है। ये युद्ध भारत और पाकिस्तान के बीच मई और जुलाई 1999 के बीच लड़ा गया। भारत-पाक सीमा से सटे कारगिल क्षेत्रों में सर्दियों कड़ाके की ठंड पड़ती है।

कारगिल युद्ध में सेना को लीड करने वाले कई अधिकारियों ने कई मौकों पर कहा है कि भारतीय वायुसेना के हवाई हमले से दुश्मन का मनोबल टूटा था। वायुसेना ने 32 हजार फीट की ऊंचाई से जम्मू कश्मीर के द्रास-कारगिल इलाके में टाइगर हिल पर एयर पावर का इस्तेमाल किया था।

कारगिल युद्ध के दौरान सौरभ कालिया 22 दिनों तक पाकिस्तान सेना की कैद में रहे और 9 जून 1999 को पाकिस्तानी सेना द्वारा उनके शव सौंपा गया। उन्हें सिगरेट से जलाया गया था और उनके कानों में लोहे की सुलगती छड़ें घुसेड़ी गई थीं।

गुंजन सक्सेना: 1999 में गुंजन की पोस्टिंग 132 फॉरवर्ड एरिया कंट्रोल में की गई थी। उनकी उम्र तब मात्र 25 वर्ष थी। 1975 में जन्मीं गुंजन पायलटों के दल में एकमात्र महिला थीं।

बात फरवरी की है जब एलओसी पर मौजूद कारगिल की ऊंची पहाड़ियों पर कड़ाके की ठंड पड़ती है। दोनों देशों की सेनाएं इस दौरान पीछे हट जाती हैं। लेकिन सेना के जनरल परवेज मुशर्रफ ने पाकिस्तानी सेना को पीछे हटने की बजाय कारगिल में आगे बढ़ने के लिए कह दिया।

मनोज पांडेय बतौर कमीशंड ऑफिसर गोरखा राइफल्स की पहली बटालियन में भर्ती हुए। उनकी तैनाती कश्मीर घाटी में हुई। कारगिल युद्ध (Kargil War) से पहले उन्हें सियाचिन भेजा गया था। मनोज पांडेय (Manoj Kumar Pandey) और उनकी बटालियन के पास विकल्प था कि वे अवकाश ले सकते थे, लेकिन इस परमवीर ने अवकाश लेने से मना कर दिया।

सौरभ कालिया की उम्र उस वक्त 23 साल थी और अर्जुन राम की महज 18 साल। कैप्टन सौरभ कालिया सेना में नियुक्ति के बाद अपनी पहले महीने की सैलरी भी नहीं उठा पाए थे।

Kargil Vijay Diwas 2019: करगिल विजय दिवस पर आज पूरा देश शहीदों को नमन कर रहा है। 20 साल पहले कारगिल की चोटी पर पाकिस्तान को परास्त कर हमारे वीर जवानों ने करगिल की पहाड़ियों पर तिरंगा लहराया था।

Kargil Vijay Diwas 2019: राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने कारगिल विजय दिवस के अवसर पर शहीदों को याद करते हुए लिखा कि कारगिल विजय दिवस हमारे कृतज्ञ राष्ट्र के लिए 1999 में कारगिल की चोटियों पर अपने सशस्त्र बलों की वीरता का स्मरण करने का दिन है।

Kargil Vijay Diwas 2019: आज कारगिल युद्ध की बीसवीं बरसी है इस दिन को पूरे देश में कारगिल विजय दिवस के रूप में बड़े ही गर्व के साथ मनाया जाता है। भारत ने 1999 में करगिल युद्ध के दौरान 26 जुलाई को जीत हासिल की थी। भारत और पाकिस्तान के बीच ये युद्ध 60 दिन तक चला था ।

करगिल विजय दिवस: मेहर सिंह के मुताबिक, हमारे वीर जवानों ने पत्थरों की आड़ में सारी रात गुजारी। उनकी ए और बी कंपनी अपने टास्क को पूरा कर आगे बढ़ चली तो कमांडिंग ऑफिसर ले. कर्नल योगेश कुमार जोशी ने उनके कंपनी कमांडर कैप्टन विक्रम बत्रा को प्वाइंट 5140 पर कब्जा करने का निर्देश दिया।

Kargil Vijay Diwas 2019: करगिल युद्ध के दौरान लेफ्टिनेंट जनरल एएन औल शायद इकलौते ऐसे कमांडर थे जिन्होंने यह भीषण युद्ध अपने बेटे के साथ मिलकर लड़ा था। साल 1999 में पाकिस्तान के साथ हुए युद्ध में लेफ्टिनेंट जनरल औल 56 माउंटेन ब्रिगेड के कमांडर थे।

Kargil Vijay Diwas 2019: वर्ष 1999 के बाद से लेकर अब तक बॉलीवुड ने भी विजय दिवस को खास तरीके से मनाया है। मायानगरी में भारत माता के वीर सपूतों के साहस और बलिदान पर कई फिल्में बनी हैं। विजय दिवस को अब करीब 20 साल हो गए हैं।

कारगिल युद्ध में वायुसेना ने अपने ऑपरेशन का नाम रखा था-‘सफेद’। इस ऑपरेशन को सफल बनाने के लिए हमारे वायु दूतों ने आसमान से गोले बरसाने शुरू किए।

करगिल में जब भारत-पाकिस्तान के बीच घनघोर युद्ध छिड़ा तो भारतीय जवानों ने हिमालय से भी ऊंची साहस का परिचय देते हुए इसी दिन विजयी पताका लहराया और तब से हम इस दिन को विजय दिवस के तौर पर मनाते हैं।

'Uri: The Surgical Strike' महाराष्ट्र में 'उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक' को कारगिल विजय दिवस के मौके पर दोबारा रिलीज किया जा रहा है। यह अनूठी पहल महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने की है। इस फिल्म में मुख्य भूमिका में अभिनेता विक्की कौशल हैं।

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