Jammu kashmir

सेना और पुलिस के जवानों की टीम ने पूरे इलाके को घेर कर तलाशी अभियान शुरू किया। सुरक्षाबलों को एक पहाड़ी मिली जिसका अगला भाग थोड़ा कटा हुआ था। उसे सूखे पौधों से ढक कर रखा गया था। सुरक्षाबलों को शक हुआ। उन्होंने पौधों को हटाना शुरू किया तो एक छोटा सा खुला भाग मिला। जो पहाड़ी के अंदर बने हुए गुफा में जाता था।

स्पेशल सेल ने कुल 11 बड़े आतंक-विरोधी आभियान चलाए, जिनमें से 4 तो बीते चार महीनों में ही चलाए गए। दिल्ली पुलिस के ये ऑपरेशंस केवल दिल्ली तक ही सीमित नहीं थे। बल्कि इसके तहत जम्मू-कश्मीर, नेपाल सीमा और पूर्वोत्तर भारत में भी संदिग्ध आतंकियों की धरपकड़ की गई।

31 मई तक 101 आतंकी मारे गए हैं। जिनमें 23 विदेशी और 78 स्थानीय आतंकी शामिल हैं। मारे गए आतंकवादियों में सर्वाधिक संख्या शोपियां से है, जहां 16 स्थानीय आतंकियों समेत 25 आतंकवादी मारे गए। वहीं, पुलवामा में 15, अवंतीपुरा में 14 और कुलगाम में 12 आतंकी मारे गए हैं।

जम्मू कश्मीर में एक ओर जहां आतंकियों के खिलाफ सुरक्षाबलों का अभियान जारी हैं, वहीं दूसरी ओर दहशतगर्द अपने नापाक मंसूबों को आंजाम देने की फिराक में हर वक्त लगे रहते हैं। घाटी में एक बार फिर एक हमले की घटना सामने आई है।

सुरक्षाबलों को 6 मई रात को ही पंजरान लस्सीपोरा इलाके में आतंकियों के छिपे होने की जानकारी मिल गई थी। इसके बाद राष्ट्रीय राइफल्स, स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी), सीआरपीएफ और जम्मू कश्मीर पुलिस ने जॉइंट ऑपरेशन शुरू किया था।

टेरिटोरियल आर्मी के जवान मंजूर अहमद बेग सडूरा गांव में ईद मनाने के लिए अपने घर पर थे। ईद के अगले दिन यानि 6 मई की शाम को आतंकियों ने उन्हें गोली मार दी।

शोपियां तुर्कवांगम रोड पर मूल चित्रग्राम में एक चौकी पर सुरक्षा बलों ने एक टवेरा वाहन को रोका था। लेकिन वह नहीं रुका और सुरक्षा बलों पर फायरिंग शुरू कर दी।

सेना की राष्ट्रीय राइफल्स के जवानों ने घेराबंदी की। सुरक्षाबलों ने यहां एक मकान में छिपे हुए आतंकियों को सरेंडर करने के लिए कहा। जिसके बाद आतंकियों ने फायरिंग शुरू कर दी।

जम्मू-कश्मीर के कुलगाम के मोहम्मदपोरा इलाके में सुरक्षा बलों और आतंकियों के बीच हुई मुठभेड़ में सुरक्षा बलों ने एक आतंकी को मार गिराया।

पिछले पांच वर्षों में सिर्फ 40 स्थानीय युवक आतंकी संगठनों से जुड़े हैं। इससे पहले के वर्षों की तुलना में यह संख्या आधी रह गई है। उन्होंने बताया कि जम्मू-कश्मीर में अभी 275 आतंकवादियों के सक्रिय होने की सूचना है।

दक्षिणी कश्मीर के कुलगाम में सुरक्षाबलों को एक और बड़ी सफलता हाथ आई है। 22 मई को मुठभेड़ के दौरान यहां सेना के जवानों ने 2 आंतकवादियों को मार गिराया।

दक्षिणी कश्मीर के शोपियां जिले के हंडेव गांव में में 16 मई की शाम हुई मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने तीन आतंकियों को मार गिराया।

जम्‍मू एवं कश्‍मीर के शोपियां जिले में 3 मई को सुरक्षा बलों और अतंकियों के बीच हुई मुठभेड़ में दो आतंकी मारे गए। ये दोनों हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकी बताए जा रहे हैं।

जम्मू कश्मीर में आतंकियों और सुरक्षाबलों के बीच मुठभेड़ में एक आतंकी मारा गया। यह मुठभेड़ बारामूला जिले के सोपोर में 20 अप्रैल की सुबह हुई। सोपोर में सुरक्षाबल की एक टीम गश्त कर रही थी कि अचानक एक आतंकी ने सुरक्षाबल के जवानों पर फायरिंग शुरू कर दी।

जम्मू कश्मीर में सुरक्षाबल के जवानों पर पत्थरबाजी करने वालों को पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई द्वारा विगत कई वर्षों से लगातार मदद की जा रही है। पत्थरबाज़ों को आईएसआई के साथ-साथ दुबई से भी आर्थिक मदद मिलती रहती है। इनकी मदद में नई दिल्ली स्थित पाकिस्तानी दूतावास भी साथ देता है।

दक्षिणी कश्मीर के पुलवामा में 17 अप्रैल की रात आतंकियों ने ग्रेनेड हमला किया। जिले के त्राल इलाके में सीआरपीएफ कैंप को निशाना बनाकर दागे गए ग्रेनेड से एक जवान घायल हो गया।

जम्मू कश्मीर के कुपवाड़ा में 14 अप्रैल को सर्च ऑपरेशन के दौरान मेजर विकास सिंह शहीद हो गए। मेजर विकास अंबुश लगाते समय खाई में गिर गए थे।

यह भी पढ़ें