Jammu Kashmir Police

आईएसआई (ISI) ने आदेश दिया है कि हायरकी में नीचे के आतंकी हथियार नहीं खरीदेंगे सिर्फ टॉप आतंकी कमांडर या आईएसआई (ISI) ही आतंकवादियों (Militants) को हथियार मुहैया कराएगी।

आईएसआई ने ड्रोन के माध्यम से पंजाब और जम्मू–कश्मीर के विभिन्न क्षेत्रों में हथियार भेजने की कोशिश की है‚ जिन्हें हाल ही में जम्मू–कश्मीर (Jammu Kashmir) में सुरक्षाबलों द्वारा मार गिराया गया था।

आईएसआई की मदद से अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद वहां की जेल से इस्लामिक स्टेट खुरासान (ISPK) के तीनों बड़े आतंकी भाग गये हैं।

आतंकी एजाज अहंगर (Terrorist Aijaz Ahmad Ahangar) कई सालों तक घाटी में सक्रिय था और इस दौरान कई बार गिरफ्तार भी हुआ। लेकिन 1996 में कश्मीर में जेल से आखिरी बार छूटने के बाद से ही वह भूमिगत हो गया।

पुलिस ने इस आतंकी ठिकाने से मैगजीन के साथ एक 9 एमएम की पिस्टल और 20 राउंड गोलियां, एक ग्रेनेड, एक एके 47 मैगजीन और दो वायरलेस सेट जब्त किया है।

सोनू खान (Terrorist Izhar Khan) की गिरफ्तारी के बाद से परिवार के लोग काफी मुखर हैं। इजहार के भाई नूर मोहम्मद ने मीडिया में कहा था कि वह और इजहार जम्मू में फल का कारोबार करते थे। उनका भाई निर्दोष है।

जम्मू में बड़े आतंकी हमलों (Terror Attacks) को लेकर लगातार इनपुट मिल रहे हैं इसलिए यहां तलाशी अभियान के अलावा हर आने–जाने वाले पर पैनी निगाह रखी जा रही है।

पुलिस के मुताबिक हमलावर अभी इसी इलाके में कहीं छिपे हुये हैं। ऐसे में घेराबंदी मजबूत कर दी गई है। ऐसे में हमलावरों के बच निकलने की संभावना बहुत कम है।

सोमवार दोपहर करीब 3 बजे जम्मू रेलवे स्टेशन के बाहर स्थित मंगल मार्केट में तब हड़कंप मच गया, जब सेना की वर्दी (Army Uniform)  पहने 2 लोगों के पीछे सेना (Indian Army) का एक जवान दौड़ने लगा।

ये आतंकी मॉड्यूल लश्कर-ए-तैयबा के सक्रिय आतंकियों (Militants) के लिए काम कर रहा था और अनंतनाग शहर में विस्फोट करने के लिए आईईडी (IED) विकसित करने की प्रक्रिया में थे।

सरकारी योजना के संबंध में जब किसी व्यक्ति की जांच करते हुए उसकी सुरक्षा मंजूरी रिपोर्ट तैयार करनी है तो इस बात का खास ध्यान रखा जाए कि वह शख्स कानून व्यवस्था भंग करने में लिप्त न रहा हो।

अहमद पूर्व उप-मुख्यमंत्री मुजफ्फर बेग के भाई हैं और जेकेएपी के चीफ कोआर्डिनेटर हैं। इस आतंकी हमले में उनके परिवार में को किसी तरह की कोई क्षति नहीं पहुंची है।

बम निरोधक दस्ते की मदद से सभी आईईडी को तत्काल प्रभाव से निष्क्रिय कर दिया गया है। फिलहाल आईईडी रखने वाले आतंकियो की तलाश में सुरक्षाबलों की छापेमारी जारी है।

पिछले सप्ताह भी लश्कर के आतंकियों (Militants) सहित घाटी में कई दहशतगर्दों का सफाया सुरक्षाबलों ने किया है। गौरतलब है कि सेना और सुरक्षाबलों की कार्रवाई से आतंकियों में खलबली मची हुई है।

पुलवामा शहर के मालिक पुरा इलाके के न्यू कॉलोनी में मंगलवार देर रात को ही स्थानीय पुलिस और 55 राष्ट्रीय रायफल के जवानों ने पूरे इलाके को घेर लिया था।

आतंकियों ने सुरक्षाबलों की मौजूदगी की भनक लगते ही जवानों पर फायरिंग शुरू कर दी है। सूत्रों के अनुसार, शहर के एक घर में 2-3 संख्या की तादाद में आतंकी छुपे हुये हैं। फिलहाल दोनों तरफ से गोलीबारी जारी है।

ISIS के इशारे पर एक भारत केंद्रित ऑनलाइन दुष्प्रचार सामग्री मासिक आधार पर प्रकाशित की गई, जिससे कि सीधे-साधे नौजवानों को उकसाया जा सके और उन्हें कट्टरपंथ के रास्ते पर ले जाया जा सके।

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