ITBP

छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई की जा रही है। फिर भी नक्सली अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं। ताजा मामला कोंडागांव का है।

Uttarakhand Disaster: मलारी को जोड़ने वाला पुल भी बह गया है। ये पुल सेना को बॉर्डर से जोड़ता है। ऐसे में ITBP के जवानों को वहां भेजा गया है।

Republic Day 2021: देश आज 72वें गणतंत्र दिवस का जश्न मना रहा है। इस मौके पर देश के अलग-अलग हिस्सों में लोगों ने पूरे उत्साह के साथ इस दिन को सेलीब्रेट किया।

छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के खिलाफ अभियान तो चलाया ही जा रहा है, साथ में नक्सलियों से प्रभावित इलाकों का विकास भी किया जा रहा है।

ITBP का कहना है कि ये इलाका पहले पूरी तरह बंजर था, लेकिन अब यहां इस तरह के पौधे लगाए गए हैं, जो इस माहौल में जिंदा रह सकें।

सूत्रों के मुताबिक, आईटीबीपी का कहना कि अगर उसके जवानों की तैनाती आंतरिक सुरक्षा के कामों में जारी रही, तो उन्हें एक अच्छा ब्रेक मिलेगा।

भारत तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) की K9 टीम के डॉग सिस्टर्स ने बल के नेशनल ट्रेनिंग सेण्टर फॉर डॉग्स (एनटीसीडी), पंचकुला, हरियाणा में 17 तंदुरुस्त पप्स को जन्म दिया है। दोनों डॉग सिस्टर्स अभी आईटीबीपी के इस ब्रीडिंग केंद्र में अपने बच्चों की देखभाल कर रही हैं।

सुरक्षाबल, नक्सलियों (Naxalites) के खिलाफ लगातार अभियान चला रहे हैं, अब तक कई नक्सली मारे गए हैं और कई ने सरेंडर किया है।

छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) में नक्सलियों (Naxals) के नापाक मंसूबों पर भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के जवानों ने पानी फेर दिया है। दरअसल, ITBP की 40वीं बटालियन ने कोरबा जंगल के बूभन्भाट के पास एक संयुक्त तलाशी अभियान चला था।

ITBP की पर्वतारोही टीम ने कोरोना काल में एक कारनामा कर दिखाया है। इस टीम ने उत्तराखंड में गंगोत्री द्वितीय शिखर (21,615 फीट) पर चढ़ाई पूरी की है।

2016 में ITBP ने इन लड़कियों को प्रशिक्षित करने की ठानी थी। ये वो समय था, जब इन लड़कियों को हॉकी (Hockey) के बेसिक्स के बारे में बहुत जानकारी नहीं थी।

India China Border: यशवंत ने 11 साल पहले भारत-तिब्बत सीमा पुलिस ज्वाइन की थी। उनके निधन की खबर जैसे ही घरवालों को मिली, पूरे घर में मातम छा गया।

भारत तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) सरहद पर निगेहबानी तो करती ही है, साथ ही देश की जनता की हर संभव मदद के लिए भी तत्पर रहती है। कोरोना काल में इस बल के जवानों ने लोगों के लिए संकट मोचन बनकर काम किया।

ITBP के शहीद जवान जमीर के बेटे सनाउल ने बताया कि उनके पिता 12 दिसंबर 2019 को ड्यूटी के लिए गए थे, तब से वह डोकलाम में ही तैनात थे।

मामला उत्तराखंड के पिथौरागढ़ से सामने आया है। यहां ITBP के जवानों ने एक व्यक्ति के शव को कंधे पर उठाया और 25 किलोमीटर की दूरी तय की।

कांकेर जिले में भी सीमा सुरक्षा बल (एसएसबी) के 4 जवान कोरोना पॉजिटिव हुए हैं। बता दें कि सुरक्षाबलों की तैनाती छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में की गई है।

सीमा पर आईटीबीपी (ITBP) के जवान चीन तथा दूसरे अन्य पड़ोसी मुल्कों से लगातार हमारी सुरक्षा कर रहे हैं। तमाम मुश्किल हालातों के बीच यह जवान अब गरीब आदिवासियों की मदद भी करने में जुटे है।

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