ISRO

ईओएस-03 अति उन्नत उपग्रह है जिसे इसरो (ISRO) अपने सबसे विश्वासपात्र जीएसएलवी एफ 10 यान की मदद धरती की कक्षा में स्थापित किया जाएगा।

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने रविवार सुबह 10:24 बजे आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से पीएसएलवी-सी51 को लॉन्च किया है।

ISRO के शीर्ष वैज्ञानिक और अहमदाबाद स्पेस एप्लीकेशन सेंटर के पूर्व निदेशक तपन मिश्रा (ISRO Scientist Tapan Mishra) ने 5 जनवरी को दावा किया कि उन्हें जहर देकर मारने की साजिश की गई थी।

देश भर में 'मेक इन इंडिया' को लागातार बढ़ावा दिया जा रहा है। हर क्षेत्र में स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसी कड़ी में अब भारत में रॉकेट में लगाए जानेवाले क्रायोजनिक इंजन (Cryogenic Engine) का निर्माण शुरू हो गया है।

इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन (ISRO) ने 7 नवंबर की दोपहर सैटेलाइट 'EOS-01' (अर्थ ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट) लॉन्च किया। इस सैटेलाइट (Satellite) की खास बात ये है कि इसे PSLV-C49 रॉकेट (Rocket) से लॉन्च किया गया।

इस मिशन के बाद इसरो (ISRO) की दिसंबर में जीएसएटी-12 आर कम्युनिकेशन सैटेलाइट लॉन्च करने की योजना है। जिसे पीएसएलवी-सी 50 रॉकेट के जरिये लॉन्च करने की योजना बन रही है।

अनुसंधानकर्ताओं ने तुलना के तौर पर कहा है कि सोफिया ने चंद्रमा (Moon) की सतह पर पानी की जितनी मात्रा का पता लगाया है, सहारा रेगिस्तान में उससे सौ गुना ज्यादा पानी है।

एक ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, चीन सिर्फ भारत की जमीन ही नहीं, उसके सैटेलाइट्स को भी निशाना बनाना चाहता है। यह रिपोर्ट अमेरिका के चीन एयरोस्‍पेस स्‍टडीज इंस्टिट्यूट (CASI) ने जारी की है।

चांद पर पहुंचने के बाद विक्रम लैंडर के साथ जो हादसा हुआ, उसके बारे में कुछ भी कह पाना मुश्किल है। जिस तकनीकि खामी की वजह से वह हादसा हुआ था, उसे चंद्रयान-3 के लैंडर में दूर कर लिया गया है।

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने संचार उपग्रह जीसैट-30 (GSAT-30) को जियोसिंक्रोनस ट्रांसफर ऑर्बिट (GTO) में सफलतापूर्वक लॉन्च किया है। इसका प्रक्षेपण फ्रेंच गुआना के कौरू स्थित स्पेस सेंटर यूरोपीयन स्पेस एजेंसी के एरियनस्पेस से हुआ।

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने एक और बड़ी कामयाबी हासिल कर ली है। 17 जनवरी की अहले सुबह यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी से संचार उपग्रह जीसैट-30 प्रक्षेपित किया गया।

अंतरिक्ष में भारत अपनी कामयाबी का इतिहास लगातार लिख रहा है। अमेरिका, रूस और चीन के बाद भारत दुनिया का चौथा अंतरिक्ष महाशक्ति बन चुका है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) द्वारा लगातार किए गए सफल परीक्षणों के चलते भारत एक स्पेस पावर बन चुका है।

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