India-China

विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में बताया कि चीन से कहा गया है कि दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों पर पिछले साल से गंभीर असर पड़ा है।

भारत और चीन (China) सीमा पर तनाव के बीच सरकार ने ये साफ कर दिया है कि चीनी कंपनियों को भारत में निवेश के लिए फिलहाल कोई मंजूरी नहीं दी गई है।

राज्य मंत्री ने बताया कि पिछले साल अप्रैल-मई माह में चीन ने पश्चिमी सेक्टर में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर यथास्थिति को बदलने के लिए कई प्रयास किये। हालांकि इन प्रयासों का हमारी सेना ने मुंहतोड़ जवाब दिया है।

S400 योजना के साथ-साथ दोनों पक्ष AK-203 कलाशनिकोव करार, KA-226 हेलीकॉप्टर कार्यक्रम को भी सफलतापूर्वक लागू करने पर आगे बढ़ रहे हैं, इसके साथ ही सुखोई-30 MKI सहित लड़ाकू विमान के क्षेत्र में सहयोग बढ़ रहा है।

इस मिशन के बाद इसरो (ISRO) की दिसंबर में जीएसएटी-12 आर कम्युनिकेशन सैटेलाइट लॉन्च करने की योजना है। जिसे पीएसएलवी-सी 50 रॉकेट के जरिये लॉन्च करने की योजना बन रही है।

भारत लद्दाख में सीमा पर तनाव के बाद चीन (China) के खिलाफ एक–एक कर कई कदम उठा चुका है और इन सब कदमों से चीन की अर्थव्यवस्था को जोर का झटका लगा है।

चीन वार्षिक मालाबार युद्धाभ्यास (Malabar Exercise)  के उद्देश्यों को लेकर सशंकित रहता है‚ वह महसूस करता है कि यह युद्धाभ्यास हिंद–प्रशांत क्षेत्र में उसके प्रभाव को नियंत्रित करने के लिए किया जाता है।

India China Faceoff: चीन अब टू फ्रंट वॉर की रणनीति अपनाने के बारे में विचार कर रहा है। भारत के एक तरफ पाकिस्तान है और दूसरी तरफ चीन।

पीएम मोदी (Narendra Modi) ने 74वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किला की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा था कि नियंत्रण रेखा (LoC) से वास्तविक नियंत्रण रेखा (LaC) तक देश की संप्रभुता पर जिस किसी ने आंख उठाई उसे उसकी ही भाषा में जवाब दिया गया।

युद्ध की वजह थी नाथू ला में भारतीय सीमा से सटे इलाके में चीनी द्वारा गड्ढों की खुदाई। चीनी सैनिकों ने नाथू ला में सेना की चौकियों पर हमला कर दिया था।

दोनों देशों के बीच तनाव कम करने और सैनिकों के पीछे हटने को लेकर रविवार को कोर कमांडर स्तर की वार्ता हुई थी।

2 अगस्त को भारत और चीन (India-China) के बीच कोर कमांडर स्तर की वार्ता हुई थी।

नेपाल ने कहा कि हम दोनों पड़ोसियों भारत और चीन के साथ सहयोग और साझेदारी को आगे बढ़ाना चाहते हैं। दोनों पड़ोसियों के साथ सहयोग हमारे लिए जरूरी है।

सैटेलाइट इमेज से साफ पता चलता है कि चीन फिंगर-5 से फिंगर-8 तक अपनी सैन्य ताकत बढ़ा रहा है। इमेज में फिंगर-5 पर पीएलए द्वारा बनाए जा रहे आर्मी बेस का भी पता चला है।

भारत में चल रही चीनी कंपनियों की कई बड़े प्रोजेक्ट्स की डील को भारत ने कैंसिल कर दिया था। इससे तिलमिलाया चीन (China) अब भारत को गीदड़भभकी दे रहा है।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अधिकारियों का कहना है कि भारत के इस कदम से LAC पर स्थिति बदल जाएगी।

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