India China Clash

चीन के एक रिटायर वरिष्ठ सैन्य अधिकारी ने सुझाव दिया कि टकराव से बचने के लिए दोनों पक्षों को विश्वास बहाली पर पूर्व में बनी सहमति पर फिर से आगे बढ़ना चाहिए और कम विवादास्पद उपायों को कार्य में लाना चाहिए।

लद्दाख में भारत ने 50 हजार अतिरिक्त जवानों को तैनात किया है। ऐसा इसलिए किया गया है क्योंकि चीनी (China) सेना तिब्बत में युद्धाभ्यास कर रही है।

साल 2020 में 45 सालों बाद भारत-चीन की सीमा पर जवान शहीद हुए थे। ये देश के इतिहास की एक बड़ी घटना थी। इन वीरों के नाम M-120 पोस्ट पर बनाए गए स्मारक में लिखे हैं।

जयशंकर (S. Jaishankar) ने बताया कि इस समझौतों में यह बताया गया था कि आप सीमा पर बड़ी सेना नहीं लायेंगे और वास्तविक नियंत्रण रेखा का सम्मान किया जायेगा और इसे बदलने का प्रयास नहीं होगा।

विदेश मंत्री (S Jaishankar) ने बताया कि लद्दाख की घटनाओं ने दोनों देशों द्वारा सीमा पर सैनिकों की संख्या को कम करने की प्रतिबद्धता का अनादर किया, बल्कि शांति भंग करने की इच्छा भी जाहिर की।

India China clash: भारतीय सेना के जवानों ने चीनी सैनिकों को उनकी सीमा में खदेड़ दिया है। सीमा पर तनाव का माहौल है।

रक्षा मंत्रालय ने अपनी 2020 की वर्षांत समीक्षा (Year Ender Review 2020) में कहा है कि वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के पास गलवान घाटी में पिछले साल 15 जून को चीनी सैनिकों ने नए तरह के हथियार का इस्तेमाल किया था।

अमेरिकी राजनयिक यह सुनिश्चित करने के लिए अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर गठबंधन कर सकता है कि अगले दलाई लामा (Dalai Lama) का चयन सिर्फ तिब्बती बौद्ध समुदाय ही करे।

भारत (India) और चीन (China) के बीच हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। इस बीच भारत ने अपने सभी एयरलाइंस से चीनी नागरिकों की भारत यात्रा पर प्रतिबंध लगाने के लिए कहा है। सरकार ने अनौपचारिक तौर पर यह निर्देश दिए हैं।

चीन अपनी चालबाजियों से बाज नहीं आ रहा। उसने शर्त रखी थी कि पहले भारतीय सेना (Indian Army) पैंगोंग झील के दक्षिणी किनारे पर ऐडवांस्‍ड पोजिशंस से वापस जाए। लेकिन भारत ने भी चीन से दो टूक कह दिया है कि अगर सेनाएं हटेंगी तो दोनों तरफ से हटेंगी।

एक ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, चीन सिर्फ भारत की जमीन ही नहीं, उसके सैटेलाइट्स को भी निशाना बनाना चाहता है। यह रिपोर्ट अमेरिका के चीन एयरोस्‍पेस स्‍टडीज इंस्टिट्यूट (CASI) ने जारी की है।

India China Clash: लद्दाख में एक ऐसा परिवार भी है, जिसके दोनों बेटे भारत-चीन सीमा पर तैनात हैं। इन जवानों के पिता खुद को खुशनसीब मानते हैं।

आरोपित पत्रकार राजीव (Rajeev Sharma) साल 2010 से 2014 के बीच चीन के मुखपत्र और प्रमुख समाचार पत्र ग्लोबल टाइम्स के लिए लिखता था। उसके लेख पढ़कर चीनी खुफिया एजेंसी से जुड़े लोग उसके संपर्क में आए।

India China Clash: अभी तक चीन इस बात को स्वीकार नहीं करता था कि गलवान में भारतीय सैनिकों के साथ हुई झड़प में उसके सैनिकों की भी मौत हुई थी।

India China Clash: चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वांग वेनबिन ने बुधवार को कहा कि भारत अपनी गलत चीजों को फौरन ठीक करे।

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