Imran khan

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने 29 सितंबर को अमेरिका से लौटने के बाद एक बार फिर कश्मीर का राग अलापा है। इमरान खान ने कहा कि जो लोग कश्मीरियों के साथ खड़े हैं वे 'जिहाद' कर रहे हैं और पाकिस्तान कश्मीरियों का साथ देगा।

संयुक्त राष्ट्र महासभा सत्र (UNGA) में अपने भाषण से पहले पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान ने एकबार फिर कश्मीर पर रोना रोया है। अपने संबोधन से पहले उन्होंने कहा कि वह सिर्फ जम्मू-कश्मीर का मसला उठाने के लिए ही यहां पर आए हैं।

पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान जम्मू-कश्मीर का मसला बार-बार अंतर्राष्ट्रीय मंच पर उठाने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन हर तरफ से उन्हें निराशा ही हाथ लग रही है और साथ ही शर्मिंदगी भी उठानी पड़ रही है।

जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाए जाने के बाद से पाकिस्तान की वैश्विक स्तर पर समर्थन जुटाने की कोशिश जी जान से जारी है। इसी सिलसिने में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने 19 सितंबर को जेद्दा में सऊदी अरब के शहजादे मोहम्मद बिन सलमान से मुलाकात की।

भारत को बार-बार धमकी देने वाले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान लगता है अब डर गए हैं। 18 सितंबर को उन्होंने पाकिस्तानियों को चेतावनी दी कि वे जिहाद के लिए कश्मीर नहीं जाएं, क्योंकि इससे कश्मीरियों को नुकसान पहुंचेगा।

13 सितंबर को आयोजित अपने जलसा के दौरान प्रधानमंत्री इमरान खान ने अंतरराष्ट्रीय मुस्लिम समुदाय को कश्मीर के मुद्दे पर उकसाने की कोशिश की। लेकिन वहीं जब उइगर मुसलमानों के मुद्दे पर सवाल पूछे गए तो वे उन्हें टालते दिखे।

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान का सोशल मीडिया पर एक दावे को लेकर खूब मजाक उड़ाया जा रहा है। इमरान खान के दावे को लेकर खुद पाकिस्तान की जनता भी अपने प्रधानमंत्री का मजाक उड़ा रही है।

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने आखिरकार कबूल किया है कि कई आतंकी संगठन उनकी जमीन पर पैदा हुए और उन्हें ट्रेनिंग दी गई। उन्होंने स्वीकार किया कि उनके मुल्क ने ही आतंकवादियों को प्रशिक्षित किया था, लेकिन वे आतंकवादी नहीं जेहादी थे।

सहजधारी सिख बलदेव का कहना है कि अल्पसंख्यकों पर पाकिस्तान में अत्याचार हो रहे हैं। हिंदू और सिख नेताओं की हत्याएं की जा रही हैं। साल 2016 में उनके विधानसभा क्षेत्र के सिटिंग विधायक की हत्या हो गई। उसकी हत्या के झूठे आरोप में उन्हें दो साल जेल में रखा गया।

पाकिस्तानी सियासतदान लगातार परमाणु हमले और युद्ध की धमकियां दे रहे हैं। लेकिन सच्चाई यह है कि पाकिस्तान खुद ही डरा हुआ है। यही कारण है कि अपनी सेना का मनोबल बढ़ाने के लिए पाकिस्तान के अफसर और नेता लगातार एलओसी का दौरा कर रहे हैं।

सऊदी सरकार ने पाकिस्तान से MS और MD डिग्री वाले डॉक्टरों को अयोग्य बताया है। वहां की सरकार का मानना है कि पाकिस्तान के इन दोनों डिग्री वाले डॉक्टर्स की पढ़ाई उस स्तर की नहीं कि उन्हें यहां प्रैक्टिस करने दिया जाए।

अमेरिका के जाने-माने अखबार ‘द न्यूयॉर्क टाइम्स’ में लिखे एक लेख में प्रधानमंत्री इमरान खान ने द्वितीय विश्व युद्ध के घटनाक्रम को याद करते हुए लिखा है कि दूसरा विश्व युद्ध म्यूनिख में तुष्टिकरण की नीति की वजह से हुआ, इस बार भी दुनिया पर कुछ ऐसा ही खतरा मंडरा रहा है, लेकिन इस बार ये खतरा परमाणु युद्ध का है।

जबसे भारत सरकार ने जम्मू-कश्मीर अनुच्छेद 370 से हटाया है, तभी से इमरान खान अंतर्राष्ट्रीय मंच पर अपना रोना रो रहे हैं। वे भारत के खिलाफ लगातार बयान दे रहे हैं। सोशल मीडिया पर तो उन्होंने और उनके मंत्रियों ने अभियान ही छेड़ रखा है।

अपनी सरजमीन पर आतंकवाद को शह देने और दुनियाभर से भीख मांगने वाले पाकिस्तान को एक और बड़ा झटका लगा है। फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स एशिया-पैसिफिक ग्रुप (एफएटीएफ एपीजी) ने पाकिस्तान को ब्लैक लिस्ट कर दिया है।

ट्रंप की इमरान से एक सप्ताह के अंदर यह दूसरी बातचीत है। बता दें कि गत शुक्रवार को भी ट्रंप और इमरान के बीच बात हुई थी। इस बात के दौरान इमरान ने ट्रंप से कश्मीर के मुद्दे पर बात की थी और क्षेत्रीय शांति पर इसके खतरे को लेकर पाकिस्तान की चिंता से अवगत कराया था।

इमरान खान एक बार फिर कश्मीर मुद्दे पर दुनिया का समर्थन मांगते नजर आए। इमरान ने कहा कि कश्मीर के हालात को देखते हुए अब तक खतरे की घंटियां बज जानी चाहिए थीं ।

जम्मू कश्मीर के पुनर्गठन और Artcile 370 को खत्म करने के भारत के फैसले से पाकिस्तान बौखलाया हुआ है। इसी बौखलाहट में वो कई तरह उलटे सीधे फैसला करता जा रहा है। इसी कड़ी में पाकिस्तान ने अपने एयर स्पेस के एक कॉरिडोर को बंद कर दिया है।

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