Drone

गिरफ्तार आतंकी (Militant) पीओके में मौजूद टीआरएफ के हैंडलर अहमद खालिद के निर्देश पर जम्मू आया था। इलाके की जानकारी हासिल करने में  इस आतंकी की मदद करने वाले उसके दो साथियों को भी पकड़ने के प्रयास तेज कर दिये गये हैं। 

पाकिस्‍तान (Pakistan) अपना हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। सीमा पार से घुसपैठ की कोशिश लगातार की जा रही है। पंजाब में भारत-पाकिस्तान बॉर्डर पर एक बार फिर ड्रोन (Drone) देखा गया है।

ड्रोन (Drone) के जरिए आतंकी एलओसी के पास आस-पास मौजूद जगहों को टारगेट कर सकते हैं। ड्रोन ज्यादा दूर तक उड़ान नहीं भर सकते हैं लिहाजा एलओसी के आस-पास के एरिया में ही इनके जरिए हमले किए जा सकते हैं।

जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir) में आतंकी (Terrorists) अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे। यहां लगातार घुसपैठ की घटनाएं हो रही हैं। बीते कुछ दिनों में ड्रोन (Drone) घुसपैठ की कई घटनाएं हुई हैं।

जम्मू कश्मीर (Jammu Kashmir) में बीते कुछ दिनों से ड्रोन (Drone) घुसपैठ की कई घटनाएं हुई हैं। जम्मू के सांबा में 1 अगस्त को 4 संदिग्ध ड्रोन नजर आए।

15 लाख के इनामी आतंकी लंबू ने पुलवामा हमले के दौरान कार में आइईडी फिट करने में अहम भूमिका निभाई थी। वहीं दूसरे आतंकी की पहचान 7 लाख के इनामी समीर के रूप में हुई है।

जम्मू के बारी-ब्राह्मण, चिलाद्या और गगवाल क्षेत्रों में गुरुवार रात करीब 8 बजे संद‍िग्‍ध पाकिस्तानी ड्रोन (Drones) देखे गए। पहले से ही अलर्ट सुरक्षाबलों ने फौरन मोर्चा संभाल लिया

जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir) में आतंकी घुसपैठ (Terrorists Infiltration) की खबरें आए दिन सुनने को मिलती हैं। अब जम्मू के अखनूर सेक्टर में 21 जुलाई की देर रात आतंकियों की घुसपैठ की खबर आई है।

आतंकियों के बाद नक्सलियों (Naxalites) ने भी ड्रोन (Drone) को अपना हथियार बना लिया है। अब नक्सलियों द्वारा सुरक्षाबलों के खिलाफ ड्रोन का इस्तेमाल करने का खुलासा हुआ है।

इस ड्रोन के मिलने से सुरक्षाबल काफी चौकन्ने हो गए लेकिन जब ये मालूम हुआ कि ये ड्रोन केंद्रीय सुरक्षा एजेंसी का है, तो घरोटा (Gharota) पुलिस ने चैन की सांस ली।

Army Day पर सेना ने पहली बार सेना ने ड्रोन अटैक (Drone Attack) का नजारा पेश किया। इस ड्रोन अटैक में दिखाया गया कि कैसे बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के ये ड्रोन दुश्मनों पर सटीक निशाना लगा सकते हैं।

छत्तीसगढ़ के सुकमा में नक्सलियों पर लगाम लगाने के लिए अब ड्रोन (Drone) का इस्तेमाल किया जा रहा है। सुकमा में 9 सितंबर को पहली बार इस तरह से इस्तेमाल हुआ।

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