DRDO

चीन (China) के साथ जारी तनाव के बीच भारत लगातार अपनी रक्षा शक्तियों को बढ़ा रहा है। चीन को हर मोर्चे पर मात देने के लिए भारत (India) पूरी तरह तैयार हो रहा है। भारत के वैज्ञानिकों की ओर से लगातार देश की शक्ति और तकनीक को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है।

भारत ने इस आधुनिक मिसाइल का परीक्षण ऐसे समय पर किया है जब एलएसी पर चीन के साथ तनाव चरम पर है। मौजूदा मिसाइलों के मुकाबले यह हल्का है और इस्तेमाल भी आसान है।

सेना (Indian Army) ने LAC पर एक ऐसी मिसाइल तैनात कर दी है जिसको अभी विधिवत रूप से सेना को सौंपा जाना है। डीआरडीओ (DRDO) द्वारा विकसित यह सबसोनिक क्रूज मिसाइल 1,000 किलोमीटर तक सटीक निशाना साधने में सक्षम है।

भारत ने विस्तारित रेंज ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल (BrahMos Missile) का सफलतापूर्वक परीक्षण किया, जो 400 किमी से अधिक दूरी तक दुश्मन को ढेर कर सकती है। यह परीक्षण उड़ीसा के बालासोर में किया गया।

रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (Defence Research and Development Organisation) ने पिनाक मिसाइल (Pinaka Missiles) को बनाने संबंधी जरूरी प्रक्रिया की शुरुआत कर दी है।

चीन के साथ LAC पर जारी तनाव के बीच भारत ने 23 सितंबर को सतह से सतह पर मार करने और परमाणु हथियारों को ले जाने में सक्षम पृथ्वी II मिसाइल (Prithvi II Missile) का सफलतापूर्वक परीक्षण किया।

रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) ने लेजर गाइडेड एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल का सफल परीक्षण कर लिया है। केके रेंजेस, आर्मर्ड कोर सेंटर और स्कूल (ACC & S) अहमदनगर में एमबीटी अर्जुन (MBT Arjun) से इसका सफल परीक्षण किया गया।

डिफेंस रिसर्च एंड डेवलेपमेंट ऑर्गनाइजेशन (DRDO) ने 7 सितंबर को स्वदेशी स्क्रैमजेट प्रोपल्शन सिस्टम का उपयोग कर हाइपरसोनिक टेक्नोलॉजी डेमोनट्रेटर वाहन का सफलतापूर्वक परीक्षण किया।

रक्षा के क्षेत्र में देश लगातार नई-नई ऊंचाइयों को छू रहा है। इसी कड़ी में रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) एक नई और उच्च तकनीकि की मिसाइल विकसित कर रहा है।

डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट आर्गेनाइजेशन (DRDO) भारतीय एयरफोर्स के लिए एक अत्याधुनिक एयरक्राफ्ट तैयार कर रहा है। करीब चार साल में भारतीय वायुसेना को तूफान से भी अधिक तेज गति से सूचना देने वाला एयरक्राफ्ट एयरबोर्न रडार मिल जाएगा।

भारत ने 23 दिसंबर को ओडिशा तट के पास एक परीक्षण स्थल से सतह से हवा में मार करने वाली त्वरित प्रतिक्रिया मिसाइल (Quick Reaction Surface to Air Missile) प्रणाली का सफल परीक्षण किया।

रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) के कॉन्फ्रेंस में सेना प्रमुख बिपिन रावत ने कहा कि हम भविष्य की लड़ाई में काम आने वाले सिस्टम को देख रहे हैं। हमें सायबर, स्पेस, इलेक्ट्रॉनिक, रोबॉटिक और आर्टिफिशल टेक्नोलॉजी के विकास पर ध्यान देना होगा।

पाकिस्तान इस बात से अच्छी तरह वाकिफ है कि वह चाहे कितनी भी गीदड़ भभकी दे, किसी भी क्षेत्र में भारत के सामने खड़ा होना उसके लिए बिल्कुल भी आसान नहीं है।

हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) के बनाए स्वदेशी जेट विमान एलसीए तेजस को हाल ही में एयर शो में फाइनल ऑपरेशन क्लीयरेंस (एफओसी) देकर वायुसेना में शामिल किया गया था।

अंतरिक्ष में भारत अपनी कामयाबी का इतिहास लगातार लिख रहा है। अमेरिका, रूस और चीन के बाद भारत दुनिया का चौथा अंतरिक्ष महाशक्ति बन चुका है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) द्वारा लगातार किए गए सफल परीक्षणों के चलते भारत एक स्पेस पावर बन चुका है।

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