DRDO

रक्षा के क्षेत्र में देश लगातार नई-नई ऊंचाइयों को छू रहा है। इसी कड़ी में रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) एक नई और उच्च तकनीकि की मिसाइल विकसित कर रहा है।

डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट आर्गेनाइजेशन (DRDO) भारतीय एयरफोर्स के लिए एक अत्याधुनिक एयरक्राफ्ट तैयार कर रहा है। करीब चार साल में भारतीय वायुसेना को तूफान से भी अधिक तेज गति से सूचना देने वाला एयरक्राफ्ट एयरबोर्न रडार मिल जाएगा।

भारत ने 23 दिसंबर को ओडिशा तट के पास एक परीक्षण स्थल से सतह से हवा में मार करने वाली त्वरित प्रतिक्रिया मिसाइल (Quick Reaction Surface to Air Missile) प्रणाली का सफल परीक्षण किया।

रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) के कॉन्फ्रेंस में सेना प्रमुख बिपिन रावत ने कहा कि हम भविष्य की लड़ाई में काम आने वाले सिस्टम को देख रहे हैं। हमें सायबर, स्पेस, इलेक्ट्रॉनिक, रोबॉटिक और आर्टिफिशल टेक्नोलॉजी के विकास पर ध्यान देना होगा।

पाकिस्तान इस बात से अच्छी तरह वाकिफ है कि वह चाहे कितनी भी गीदड़ भभकी दे, किसी भी क्षेत्र में भारत के सामने खड़ा होना उसके लिए बिल्कुल भी आसान नहीं है।

हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) के बनाए स्वदेशी जेट विमान एलसीए तेजस को हाल ही में एयर शो में फाइनल ऑपरेशन क्लीयरेंस (एफओसी) देकर वायुसेना में शामिल किया गया था।

अंतरिक्ष में भारत अपनी कामयाबी का इतिहास लगातार लिख रहा है। अमेरिका, रूस और चीन के बाद भारत दुनिया का चौथा अंतरिक्ष महाशक्ति बन चुका है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) द्वारा लगातार किए गए सफल परीक्षणों के चलते भारत एक स्पेस पावर बन चुका है।

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