DRDO

रक्षा मंत्रालय ने इसे सरकार के ‘आत्मनिर्भर अभियान' की दिशा में बड़ा कदम बताया। बताया जा रहा है कि अधिकतम दूरी की मारक क्षमता के लिए इस मिसाइल (Akash-NG) का पहले ही सफल परीक्षण हो चुका है।

देश ने रक्षा के क्षेत्र में एक और कामयाबी हासिल कर ली है। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने अग्नि सीरीज की नई एडवांस्ड मिसाइल अग्नि-प्राइम (Agni Prime) का सफल परीक्षण कर लिया है।

अग्नि प्राइम (Agni Prime) को 4,000 किलोमीटर की रेंज वाली अग्नि-4 और 5,000 किलोमीटर की अग्नि-5 मिसाइलों में इस्तेमाल होने वाली अत्याधुनिक तकनीकों को मिलाकर डेवलप किया गया है।

डीआरडीओ (DRDO) ने यह दावा किया गया है कि यह दवा (2-डीजी) कोरोना मरीजों के अस्पताल में रहने के समय को कम करती है और ऑक्सीजन लेवल को भी सही रखती है।

यह दवा डॉक्टरों की सलाह और इलाज के प्रोटोकॉल के तहत मरीजों को दी जा सकेगी। डीआरडीओ (DRDO) की लैब इन्मास ने डॉ. रेड्डीज लैब के साथ मिलकर ये दवा विकसित की गई है।

डीआरडीओ (DRDO) ने इस दवा को अपने प्रतिष्ठित प्रयोगशाला नामिकीय औषिध व संबद्ध विज्ञान संस्थान (INMAS) ने हैदराबाद के डॉ. रेड्डी लेबोरेटरी के साथ मिलकर विकसित किया है।

विमान से मिसाइल के सफलतापूर्वक अलग होने संबंधी परीक्षणों के बाद गोवा में ‘दुश्मन' के लक्ष्य को भेदने के लिए परीक्षण किया गया। बयान में कहा गया कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने डीआरडीओ (DRDO) और परीक्षण से जुड़े सभी लोगों को बधाई दी है।

कोरोना (Coronavirus) के खिलाफ लड़ाई में डीआरडीओ (DRDO) बड़ा कदम उठाने जा रहा है। दिल्ली कैंट में अगले रविवार तक डीआरडीओ 500 बेड वाले आईसीयू (ICU) सुविधाओं से लैस अस्पताल की शुरुआत करने जा रहा है।

डीआरडीओ (DRDO) ने 22 फरवरी को स्वदेशी तकनीक से निर्मित एवं डिजाइन वर्टिकल लॉन्च शॉर्ट रेंज सरफेस टू एयर मिसाइल (वीएल-एसआरएसएएम) का दो सफल परीक्षण किया।

सरकार अब रक्षा उत्पादन निर्यात प्रोत्साहन नीति 2020 के तहत वर्ष 2025 तक 35 हजार करोड़ रुपए के रक्षा उपकरणों के निर्यात (Export) को हासिल करने का लक्ष्य लेकर अपने निर्यात को बढ़ा रही है।

Smart Anti-Airfield Weapon Test: चीन और पाकिस्तान के साथ सीमा पर चल रहे तनाव के बीच भारत लगातार अपनी रक्षा तैयारियों को मजबूत कर रहा है। इसके अलावा अब भारत का पूरा फोकस स्वदेशी हाईटेक उपकरणों पर है।

मेडिकल इमर्जेंसी की स्थिति में सुरक्षाबलों को तत्काल मदद पहुंचाने के लिए CRPF, DRDO और INMAS ने मिलकर एक खास बाइक एंबुलेंस (Bike Ambulance) तैयार किया है।

भारतीय सेना (Indian Army) की सहायता से डीआरडीओ (DRDO) द्वारा डेवलप की पिस्टल को सुरक्षाबलों में 9 मिमी पिस्तौल को रिप्लेस करने के लिए तैयार किया गया है। ये मशीन पिस्तौल इजरायल की उजी सीरीज की तोपों में इस्तेमाल होती है।

डीआरडीओ (DRDO) के प्रेस रिलिज में आगे कहा गया कि इनका निर्माण केंद्र की ‘मेक इन इंडिया'मिशन के तहत किया गया है। साथ ही इस पूरे प्रोजेक्ट की कॉस्टिंग डीआरडीओ व नौसेना (Indian Navy) ने मुहैया करवाई।

साल 2020 में भारत ने डिफेंस रिसर्च सेक्‍टर कई बड़ी सफलताएं हासिल की हैं। डीआरडीओ (DRDO) के वैज्ञानिकों ने रिकॉर्ड मिसाइलें टेस्‍ट की। साल 2020 में तीन दर्जन से भी ज्‍यादा मिसाइल्‍स का सफल परीक्षण हुआ।

भारत और चीन के बीच तनाव जारी है। इस बीच भारतीय सेना को अपनी ताकत बढ़ाने की जरूरत है क्योंकि चीनी सेना लगातार अपनी ताकत में इजाफा कर रही है।

DRDO का कहना है कि अगर उसे ऑर्डर मिले तो 18 से 24 महीनों में वह 200 से ज्यादा मेड इन इंडिया एडवांस टावर आर्टिलरी गन सिस्टम हॉवित्जर तैयार कर सकता है।

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