Defense Minister Rajnath Singh

राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने पूर्वी लद्दाख की एक अग्रिम चौकी पर सैनिकों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत बातचीत के माध्यम से पड़ोसी देशों के साथ विवादों को सुलझाना चाहता है।

सात कंपनियां बनाई जाएंगी‚ उनमें एक गोला–बारूद और विस्फोटक समूह की होगी। इस प्रकार के उत्पादन में लगी सभी ऑर्डिनेंस फैक्टरियों (Ordnance Factories) को इसमें मर्ज किया जाएगा।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने 30 दिसंबर को चीन के साथ विवाद पर बयान दिया। रक्षामंत्री ने कहा कि चीन के साथ बातचीत चल रही है, लेकिन अभी तक कोई नतीजा नहीं निकल पाया है।

रक्षा मंत्री (Defence Minister Rajnath Singh) ने कहा, यह सच है कि हम लद्दाख में एक चुनौती के दौर से गुजर रहे हैं लेकिन साथ ही मुझे भरोसा है कि हमारा देश और हमारे वीर जवान इस चुनौती पर खरे उतरेंगे।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) और तीनों सेनाओं प्रमुखों ने कारगिल विजय दिवस (Kargil Vijay Diwas) के मौके पर पर नेशनल वॉर मेमोरियल (National War Memorial) में शहीदों को श्रद्धांजलि दी।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Defense Minister Rajnath Singh) ने एयर फोर्स (Indian Air Force) कमांडरों की कॉन्फ्रेंस का उद्घाटन किया। 22 जुलाई से 24 जुलाई तक 3 दिनों तक चलने वाले इस कॉन्फ्रेंस में एलएसी (LAC) पर चीन के साथ चल रहे तनाव, एयर फोर्स की तैयारियों को लेकर चर्चा होगी।

रक्षा मंत्रालय (Ministry of Defence) ने 10 साल से कम की सर्विस करने वाले सशस्त्र बलों (Armed Forces) के कर्मचारियों को इनवैलिड पेंशन (Invalid Pension) या आशक्त पेंशन देने का फैसला किया है।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) दो दिवसीय लद्दाख (Ladakh) और जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) दौरे पर हैं। उनके साथ चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल बिपिन रावत (General Bipin Rawat) और सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे (General MM Naravane) भी लेह पहुंचे है।

भारत और चीन के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा (LaC) पर तनाव जारी है। इस बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 26 मई को चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) बिपिन रावत और तीनों सेना प्रमुखों के साथ बैठक की है। इस दौरान राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर चर्चा की गई।

रेगिस्तान में युद्ध लड़ने की महारत रखने वाली भारतीय सेना (Indian Army) की कोणार्क कोर (Konark Corps) ने आज 33वां स्थापना दिवस मनाया।

रक्षा मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, कार्यक्रम का आयोजन लद्दाख के स्थानीय लोगों के साथ शोध जनित कृषि प्रौद्योगिकी को साझा करने के लिए किया जा रहा है। जिसमें रक्षा अनुसंधान विकास संगठन द्वारा विकसित कृषि उत्पादों की प्रदर्शनी शामिल है।

राजनाथ सिंह ने कहा कि हमारी नीति रही है कि हम परमाणु हथियार का पहले प्रयोग नहीं करेंगे, लेकिन आगे क्या होगा यह समय, काल और परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।

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