Coronavirus Vaccine

भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के सहयोग से भारत बायोटेक (Bharat Biotech) द्वारा विकसित स्वदेशी कोविड-19 टीका 'कोवैक्सीन' (Covaxin) के पहले चरण के क्लीनिकल परीक्षण के अंतरिम नतीजों से पता चला है कि सभी आयुवर्ग के समूहों पर कोई गंभीर या प्रतिकूल प्रभाव देखने को नहीं मिला है।

कैली मेकनैनी ने कहा, ‘‘कल अमेरिका ने चिकित्सीय चमत्कार देखा। देशभर में कोविड-19 से निपटने के लिए अग्रिम मोर्चे पर काम कर रहे कर्मियों को वैक्सीन (Vaccine) की पहली खुराक दी गई।

कोरोना वैक्सीन पर डॉ गुलेरिया ने कहा कि भारत में कोविड के जो टीके बन रहे हैं, वह आखिरी चरण में हैं। 70 से 80 हजार वालंटियर्स ने ये टीके लगवाए हैं

कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए देशभर में लॉकडाउन सहित कई उपाय किए गए। लेकिन अब भी इसका तांडव कम नहीं हुआ है। अब वैक्सीन ही एक आखिरी उपाय दिख रहा है। विश्व भर में कई देशों ने इसके वैक्सीन ( Corona Vaccine) पर काम शुरू कर दिया है।

Corona Vaccine: भारत में एक बार फिर कोरोना के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। इस बीच कोरोना वैक्सीन पर एक राहत की खबर भी सामने आई है।

ICMR से जुड़े एक सीनियर भारतीय वैज्ञानिक ने समाचार एजेंसी रायटर्स को बताया है कि फरवरी 2021 तक भारत में कोरोना की वैक्सीन लॉन्च हो सकती है।

पुतिन ने बताया कि रूस ने कोरोना की दूसरी वैक्सीन EpiVacCorona को रजिस्टर कर लिया है और यहां की सरकार ने इस वैक्सीन को मंजूरी दे दी है।

Coronavirus vaccine: कोरोना के संक्रमितों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। ऐसे में हर देश के नागरिक पूछ रहे हैं कि आखिर हमें कोरोना वैक्सीन कब मिलेगी?

Coronavirus Vaccine: रूस ने बीते महीने इस वैक्सीन को मंजूरी दे दी थी। हालांकि पश्चिमी देशों ने इस वैक्सीन को लेकर कई सवाल उठाए थे।

भारत में अब तक तीन ऐसे मामले सामने आए, जिनको कोरोना वायरस हुआ और ठीक हो गए। उनके शरीर में एंटीबॉडी (Antibody) भी डेवलप हो गया, लेकिन कुछ महीनों बाद उसको फिर से कोरोना (COVID-19) ने अपनी जद में ले लिया।

एक खास तरह के केकड़े से कोविड-19 (COVID-19) के लिए एक प्रभावी टीका बनाया जाएगा। हॉर्शू क्रैब (Horseshoe Crab) नाम का जीव कोरोना का टीका बनाने में काफी फायदेमंद साबित हो सकता है।