Chhattisgarh Naxals

छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में नक्सलियों ने पुलिसकर्मी के पिता का अपहरण कर लिया है। दंतेवाड़ा के पुलिस अधीक्षक अभिषेक पल्लव ने जानकारी दी है कि नक्सलियों ने बीती रात पुलिसकर्मी के माता-पिता का गुमियापाल में अपहरण कर लिया है।

'पिता मर गए...यह बात तब पता चली जब मैं दो साल बाद घर आई...मां के मरने की खबर मिली थी लेकिन उस वक्त नक्सली आकाओं ने मुझे जाने नहीं दिया।' मरने के बाद अपने माता-पिता का चेहरा तक नहीं देख सकी कोर्राम सुंदरी उर्फ ललिता की ये बातें नक्सलियों के जुल्म-ओ-सितम की कहानी बयां करने के लिए काफी हैं।

गांव का मुन्ना जब नक्सली बना तो वो इतना बड़ा हो गया कि उसे लोगों की हत्या, लूटपाट और रंगदारी मांगने जैसे काम छोटे लगने लगे। भटका हुआ मुन्ना राम कड़ती (Munna Ram Kadti) कई सालों तक नक्सली संगठन में रहा और संगठन के लिए कई गंभीर अपराधों को अंजाम भी दिया।

छत्तीसगढ़ के सुकमा में नक्सलियों ने बड़े धमाके की तैयारी की थी। नक्सलियों के निशाने पर थे सुरक्षाबल के जवान। लेकिन वक्त रहते सुरक्षाबलों ने नक्सलियों की इस साजिश को नाकाम कर दिया।

सरेंडर के बाद अंजू ने बताया कि जब वो 7 साल की थी तब कुछ लोगों ने उसके भाई की हत्या कर दी थी। भाई की मौत का बदला लेने के लिए उसने इसी उम्र में नक्सली संगठन ज्वायन कर लिया।

छत्तीसगढ़ में बस्तर क्षेत्र के तीन जिलों में तीन इनामी नक्सलियों समेत पांच नक्सलियों ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया है।

आम लोगों की जिंदगी में मुश्किलें खड़ी करना और हमारे प्रहरियों की राह में कांटा बिछाना....इस काम में नक्सलियों का कोई सानी नहीं है। कायरता से भरे कारनामे करने वाले नक्सलियों ने अब छत्तीसगढ़ में एक और कायरतापूर्ण कार्रवाई को अंजाम दिया है।

50 साल की कानी और 43 साल के रामा रिश्ते में भाई बहन हैं और आज एक-दूसरे के खिलाफ बंदूक उठा कर लड़ रहे हैं। इस मुठभेड़ के बाद रामा ने कहा, 'मैं उस पर गोली चलाना नहीं चाहता था। लेकिन उसकी टीम में शामिल माओवादियों ने अचानक मुझ पर गोलियां चला दी।'

छत्तीसगढ़ के सुकमा में सुरक्षाबलों ने नक्सलियों की एक बड़ी साजिश नाकाम कर दिया है। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवानों ने शक्तिशाली IED नष्ट कर दिया। आईईडी बिछाने के पीछे नक्सलियों का इरादा सुरक्षाबलों की गाड़ियों को निशाना बनाना था।

छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में सुरक्षाबलों ने एक महिला नक्सली को गिरफ्तार किया है। पुलिस इस महिला नक्सली की गिरफ्तारी को बड़ी कामयाबी मान रही है। इस महिला नक्सली की गुनाहों की फेहरिस्त काफी लंबी है।

छत्तीसगढ़ में नक्सली शहीदी सप्ताह मना रहे हैं। इस मौके पर उन्होंने बंद भी बुलाया है। पर बंद के पहले ही दिन सुकमा में नक्सलियों को बड़ा झटका लगा। सुकमा में 14 नक्सलियों ने पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया।

छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित नारायणपुर जिले में पुलिस ने एक स्पेशल स्कूल खोला है। यह स्कूल आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों के लिए है। इस स्कूल में फिलहाल 300 से ज्यादा नक्सली पढ़ाई कर रहे हैं।

छत्तीसगढ़ में सुरक्षा बलों ने नक्सलियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। बस्तर इलाके में डीआरजी और स्पेशल फोर्स के जवानों मुठभेड़ के दौरान 7 नक्सलियों को ढेर कर दिया।

नक्सल प्रभावित छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत बन रही सड़कों पर माओवादियों की बुरी नजर है। वे क्षेत्र में सड़कों का निर्माण नहीं होने देना चाहते।

इस रियल कहानी का असल किरदार जब मर जाता है तब सामने आती है उसके बचपन की वो कहानी जो एकदम हिंदी फिल्मों की तरह लगती है।

लगभग एक दर्जन हथियारबंद नक्सली नवामुड़ा गांव में स्थित तेंदूपत्ता गोदाम पहुंचे थे। नक्सलियों के इस दल में महिला नक्सली भी शामिल थीं।

एक समय वह खूंखार नक्सली था। 18 सालों तक बीहड़ों में रह कर उसने सिर्फ खून-खराबा किया। लेकिन कहते हैं न, जब जागो, तभी सवेरा...। तो आज वह उस अंधेरी दुनिया से निकल आया है।

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