Chhattisgarh Naxal Attack

हमला रात के समय में किया गया था। रानीबोदली गांव में मौजूद पुलिस कैंप में जब जवान सो रहे थे। नक्सलियों ने जवानों पर फायरिंग कर दी थी।

नक्सलियों को उनके गढ़ में घुसकर सीने पर वार करने वाले हमारे जवान हमेशा देश की रक्षा में जुटे रहते हैं। ये जवान सरहद पर ही नहीं बल्कि देश के अंदर ही देश के लिए काला धब्बा बन चुके नक्सलियों (Naxalites) से लड़ते हैं।

जैसे ही हमला शुरू हुआ तो सीआरपीएफ जवानों और नक्सलियों के बीच गोलीबारी शुरू हो गई थी। दरअसल नक्सलियों ने पहले ही जवानों की लोकेशन का पता लगा लिया था।

नक्सली संगठन अपने कुछ साथियों के साथ मिलकर हमले की प्लानिंग कर रहा था। पुलिस को इसकी सूचना मिल गई। जिसके बाद नक्सलियों के साथ मुठभेड़ हुई।

1 अगस्त को गश्त के दौरान पुलिस के एक दल ने जिले के भैरमगढ़ थाना क्षेत्र के तिंडोडी गांव से नक्सली (Naxal) महेश यादव को गिरफ्तार कर लिया।

छत्तीसगढ़ में 17 शहीद जवानों के परिजन गमजदा हैं। शहीद जवानों की लिस्ट में मिनपा इलाके के तोंगपाल थाना क्षेत्र के लेदा पंचायत के चिड़पाल के रहने वाले जवान लिबरु राम का भी नाम है।

छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले से शहीद (Martyr) एसआई मूलचंद कंवर की सवा साल की बेटी का भावुक कर देनेवाला वीडियो सामने आया है।

छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में सुरक्षा बल के जवान और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई है। कटेकल्याण के डब्बा इलाके में पुलिस के साथ एनकाउंटर हुआ है। मुठभेड़ में जवानों ने एक वर्दीधारी नक्सली को मार गिराया है। वहीं एक जवान शहीद हो गया है।

जल्द ही घर आने वाले थे महादेव पाटिल, पर नियति को कुछ और ही मंजूर था।

मदनपाल सिंह साल 1986 में सीआरपीएफ में भर्ती हुए थे और वे सीआरपीएफ में एसआइ के पद पर थे।

नक्सली इलाके के होनहारों को कलम के बदले बंदूक की शिक्षा देना चाहते थे। लेकिन अब यहां रहने वाले बच्चों को आशा की नई किरण नजर आई है।

छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में 15 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। एसपी के सामने सरेंडर करने वाले सभी नक्सली संगठन में हो रही ज्यादतियों से परेशान थे। सरेंडर करने वाले नक्सलियों ने बताया कि संगठन में अब विचारधारा नाम की कोई चीज नहीं रह गई है।

छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले के मानपुर थाना के महाराष्ट्र सीमा के पास बुकमरका पहाड़ी में 10 अप्रैल को पुलिस ने धावा बोल कर नक्सली शिविर को ध्वस्त कर दिया। काफी देर तक चली फायरिंग के दौरान नक्सलियों ने आइईडी ब्लास्ट भी किए और फिर पुलिस को भारी पड़ता देख मोर्चा छोड़कर वहां से भाग खड़े हुए।

शहीद दंतेश्वर मौर्य एक महीने पहले ही छुट्टियों में घर आए थे। 12 अप्रैल को उनकी भतीजी की शादी है, जिसके लिए उन्हें दो दिन बाद ही घर जाना था। पर शादी के मौके पर घर में मातम का माहौल है।

छत्तीसगढ़ में लोकसभा के पहले और दूसरे चरण के मतदान 11 अप्रैल और 18 अप्रैल को होने हैं। तीसरे चरण के मतदान 23 अप्रैल को होंगे। चुनाव आयोग ने कहा है कि छत्तीसगढ़ में लोकसभा चुनाव के लिए तीनों चरण के मतदान अपने तय कार्यक्रम के अनुसार ही होंगे।

छत्तीसगढ़ में एक हफ्ते के भीतर यह तीसरा नक्सली हमला है। नक्सली लगातार बड़ा नुकसान पहुंचाने की कोशिश में थे। हाल ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे से पहले भी नक्सलियों ने पखांजुर के माहला इलाके में बीएसएफ के चार जवानों की हत्या कर दी।

भीमा मंडावी विधानसभा में भाजपा विधायक दल के उपनेता थे। मंडावी दूसरी बार विधायक चुने गए थे। दंतेवाड़ा जिले के गदापाल निवासी मंडावी 2008 में विधायक चुने गए थे।

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