BSF

पूरा देश में कोरोना वायरस (Corona Virus) के संक्रमण की मार झेल रहा है। इस महामारी के दौर में जान की परवाह किए बिना लोगों की मदद के लिए तत्पर सुरक्षाबल के जवान भी इससे अछूते नहीं हैं। कोविड-19 (COVID-19) की लड़ाई में मोर्चा ले रहे अर्द्धसैनिक बलों के जवान भी लगातार कोरोना वायरस की चपेट में आ रहे हैं।

सीआरपीएफ (CRPF) ने आदित्य मेहता फाउंडेशन के साथ एक एमओयू पर हस्ताक्षर किया। ये संस्था एशिया की पहली ऐसी चैरिटेबल संस्था है जो विकलांग लोगों को राष्ट्रीय पैरा-खेलों के माध्यम से प्रशिक्षित और पुनर्वास करेगी।

भारतीय सेना, सुरक्षाबल और पुलिस देश की सेवा में हर पल तत्पर रहते हैं। देश के साथ-साथ लोगों की हर संभव मदद के लिए हमेशा तैयार रहते हैं।

साल 2013 में इसरार खान बीएसएफ (BSF) में भर्ती हुए और उनकी पहली पोस्टिंग बंगाल के मालदा में हुई। उसके बाद साल 2017 में इनकी पोस्टिंग छत्तीसगढ़ में हो गई।

छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित जिले कांकेर-नारायणपुर सीमा क्षेत्र में सीमा सुरक्षा बल (BSF) को बड़ी सफलता हाथ लगी। सर्चिंग के दौरान BSF के जवानों ने जंगल से तीन माओवादियों को गिरफ्तार किया।

असम जिले के सिलचर इलाके के आसपास बीते 14 अक्टूबर को सीमा सुरक्षाबल (BSF) के 3 जवान एनआरसी ड्यूटी के लिए पेट्रोलिंग कर रहे थे। उसी दौरान नक्सलियों ने फायरिंग कर दी।

जम्मू-कश्मीर में भारत-पाकिस्तान सीमा पर पाकिस्तानी सैनिकों के द्वारा सीजफायर का उल्लंघन किया गया। इस घटना में एक जवान शहीद हो गया। शहीद जवान का नाम संतोष गोप है।

इससे पहले इसी हफ्ते 7 अक्टूबर की रात पंजाब के हुसैनीवाला सेक्टर में दो पाकिस्तानी ड्रोन भारतीय सीमा में घुसे थे। यह संदिग्ध ड्रोन बस्ती रामलाल की बॉर्डर आउट पोस्ट और हुसैनीवाला की एचके टावर पोस्ट के करीब देखे गए और एक किलोमीटर की ऊंचाई पर उड़ रहे थे।

राजस्थान के बाड़मेर के मुनाबाव इलाके में बीएसएफ ने एक पाकिस्तानी युवक को पकड़ा है। यह पाकिस्तानी युवक सीमा पर बिछाई गई तारों के नीचे से निकल कर भारत में दाखिल हो गया था।

बीएसएफ के जवानों की कड़ी नजर बार्डर पर दुश्मनों के साथ-साथ वहां के जानवरों पर भी है। पाकिस्तान में फैले कांगो हेमेरेजिक फीवर ने भारत में भी पैर पसारने का खतरा पैदा हो गया है।

27 साल के हरप्रीत सिंह ने बताया कि उन्होंने वैकल्पिक विषय़ के तौर पर पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन को चुना था। हालांकि इससे पहले हरप्रीत ने इंडियन ट्रेड सर्विस में ग्रुप ए की नौकरी के लिए भी क्वालीफाई किया था।

देशभर में लोग लोकसभा चुनाव के नतीजों को जानने में व्यस्त थे। उसी वक्त सुरक्षाबल के जवान मुस्तैदी से अपनी ड्यूटी निभा रहे थे। इसी दौरान छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में उन्हें बड़ी सफलता हाथ लगी।

शहादत के वक्त परिवार से बड़े-बड़े वादे किए गए थे। सरकारी नौकरी और तमाम तरह की सुविधाओं की भी बात कही गई थी। लेकिन वादे अधूरे रह गए। आज परिवार पर रोजी-रोटी का संकट है।

छत्तीसगढ़ के कांकेर में 4 अप्रैल को बीएसएफ और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ की जगह और आस-पास के इलाकों से 27 बम बरामद किए गए हैं। इनमें पांच किलोग्राम के 14 प्रेशर कुकर बम, छह तीर बम और पेट्रोल बम शामिल हैं

4 अप्रैल को छत्तीसगढ़ के कांकेर में हुए नक्सली हमले में शहीद होने वाले बीएसएफ के 4 जवानों में झारखंड के धनबाद के लोधना के रहने वाले इशरार खान भी हैं। शहीद मोहम्मद इशरार खान बीएसएफ के 114वीं बटालियन में थे।  उनका परिवार लोधना के साउथ गोलकडीह में रहता है। परिवार में सब उन्हें टिंकू कह कर बुलाते थे।

छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में 4 अप्रैल को तीन इनामी नक्सलियों ने सरेंडर किया है। सरेंडर करने वालों में एक महिला नक्सली भी शामिल है। तीनों ही अलग-अलग इलाकों में सालों से आतंक का खेल खेल रहे थे।

छत्तीसगढ़ के कांकेर में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ में BSF के 4 जवान शहीद हो गए हैं। मुठभेड़ कांकेर जिले के पंखाजुर इलाके के परतापुर में हुई।

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