Bastar

छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के खिलाफ लगातार अभियान जारी है। ऐसे में सरकार ने नक्सलियों के खात्मे के लिए एक नई रणनीति बनाई है।

छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) में सरकार और प्रशासन नक्सलियों (Naxalites) की कमर तोड़ने का लगातार प्रयास कर रहा है। बावजूद इसके बस्तर में नक्सली मौका देखते ही अपनी कायराना हरकतों को अंजाम दे देते हैं।

छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) में नक्सलियों की कमर तोड़ने के लिए सरकार और प्रशासन लगातार काम कर रही है। इसके लिए यहां के नक्सल प्रभावित इलाकों (Naxal Area) के विकास पर जोर दिया जा रहा है।

छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के धुर नक्सल प्रभावित बस्तर (Bastar) में पुलिस ने नक्सलियों (Naxalites) के नापाक मंसूबों पर पानी फेर दिया है।

छत्तीसगढ़ के बस्तर डिविजन के दो जिलों में तीन नक्सलियों (Naxalites) ने सरेंडर किया जिनमें से एक 2015 में दंतेवाड़ा में हुए विस्फोट के मामले में वांछनीय था।

अंकिता शर्मा (IPS Ankita Sharma) की सबसे खास बात यह है कि उन्होंने IPS अधिकारी (IPS Officer) बनने तक का मुकाम अपने दम पर हासिल किया है।

छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के नक्सल प्रभावित बस्तर (Bastar) में सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ (Naxal Encounter) में एक नक्सली (Naxalite) को मार गिराया है।

बीती रात झीरम और एलेंगनार के बीच में सुरक्षाबलों और नक्सलियों (Naxalites) के बीच मुठभेड़ हो गई। इस मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने एक नक्सली को ढेर कर दिया है।

25 लाख का खूंखार इनामी नक्सली हिडमा (Naxalite Hidma)। खबर मिली है कि हिडमा (Naxalite Hidma) बस्तर के जंगलों में कोरोना से जूझ रहा है।

केरल से बस्तर का नक्सल नेता पकड़ा गया था। उसके खिलाफ यहां के कई थानों में प्राथमिकी दर्ज थे। हाल में ही नक्सलियों (Naxalites) के संचार ग्रुप के अधिकारी को तेलंगाना पुलिस ने वारंगल से पकड़ा था।

छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के बस्तर (Bastar) में अपने साथियों की मौत को लेकर नक्सलियों (Naxalites) ने बंद का आह्वान किया है। गांवों में नक्सलियों (Naxals) ने बंद का आह्वान कर पर्चा फेंका है।

लाल आतंक (Red Terror) का गढ़ कहे जाने वाले बस्तर (Bastar) के नक्सल प्रभावित इलाकों (Naxal Area) में एक ऐसा दौर था जब यहां तक पहुंच पाना ही मुश्किल था। न सड़कें थीं, न कोई वाहन और ऊपर से नक्सलियों (Naxalites) का खौफ।

नक्सलियों (Naxalites) ने किरंदुल-भांसी स्टेशनों बीच नेरली ब्रिज में रेल पटरी को उखाड़ दिया था। यही वजह है कि इस ट्रेन को दक्षिण बस्तर से दूर किया गया है।

बस्तर के आईजी सुंदरराज पी का बयान सामने आया है। उन्होंने बताया कि इन इलाकों में तेजी से विकास हो रहा है और अंदरूनी इलाकों को तेजी से मुख्यधारा में लाया जा रहा है

आईजी ने बताया कि नक्सली (Naxalites) दम भरते हैं कि उन्हें लोकल जनता का साथ मिला है, लेकिन अगर ऐसा है तो नक्सली क्यों आदिवासियों की हत्याएं कर रहे हैं।

कोबरा कमांडो (CoBRA Commando) राकेश्वर सिंह (Rakeshwar Singh Manhas) को नक्सलियों (Naxalites) के कब्जे से रिहा कराने में 90 साल के स्वतंत्रता सेनानी और सामाजिक कार्यकर्ता धर्मपाल सैनी (Dharmpal Saini) की अहम भूमिका है।

कोबरा कमांडो (CoBRA Commando) राकेश्वर सिंह (Rakeshwar Singh Manhas) को नक्सलियों (Naxalites) के कब्जे से रिहा कराने में 90 साल के स्वतंत्रता सेनानी और सामाजिक कार्यकर्ता धर्मपाल सैनी (Dharmpal Saini) की अहम भूमिका है।

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