Ayodhya

मुस्लिम नेता ने कहा कि हमारा मानना है कि बाबरी मस्जिद वहां थी और वह हमेशा मस्जिद के रूप में वहां रहेगी। मंदिर को गिराकर वहां मस्जिद नहीं बनाई गई थी लेकिन अब ऐसा हो सकता है।

हर तरफ श्री राम के नारे लगाए जा रहे हैं। दुकानों, घरों और चौराहों पर श्री राम के झंडे लगाए गए हैं। पूरी अयोध्या (Ayodhya) रामधुन में लीन है।

पुलिस प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां शहर के हर होटल, धर्मशाला और सार्वजनिक स्थानों पर गोपनीय तरीके से जांच कर रही हैं। 3 अगस्त से किसी भी बाहरी श्रद्धालु, व्यक्ति, समूह या फिर आमजन को अयोध्या में एंट्री की इजाज़त नहीं दी जाएगी।

राम जन्मभूमि पर राम लला की सेवा में पांच पुजारी लगाए गए हैं। जिनमें से एक पुजारी प्रदीप दास की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई है।

सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखकर तीनों राज्यों को अलर्ट किया गया है। मिली जानकारी के मुताबिक आईएसआई आतंकवादियों के 5 अलग-अलग समूहों को भारत भेजा सकता है।

अयोध्या विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने 9 नवंबर को अपना ऐतिहासिक फैसला सुना दिया। कोर्ट ने इस फैसले में विवादित जमीन पर रामलला का हक माना और विवादित जमीन राम मंदिर के लिए दे दी गई।

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