Army

किसी भी देश की सेना ताकतवर तभी बनती है जब उसके पास घातक हथियार होते हैं। सेना के पास जितने एडवांस हथियार होंगे, दुश्मनों पर विजय पाना उतना ही आसान होगा। यही वजह है कि अमेरिकी सेना को आज पूरे विश्व में सबसे घातक सेना वाला देश माना जाता है।

Army Day: 15 जनवरी (1949) को इंडियन आर्मी पूरी तरह ब्रिटिश थल सेना से मुक्त हुई थी। इसी दिन से भारतीय सेना की अपनी अलग पहचान बनी थी।

सेना के लिए डबल हम्पल कैमल यानी दो कूबड़ वाले ऊंट  की व्यवस्था की गई है। इनके जरिए भारी भरकम सामान को एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाया जाता है।

भारतीय सेना (Indian Army) से मिली जानकारी के मुताबिक, यूपी और उत्तराखंड के सभी जिलों की 5898 महिला उम्मीदवारों के इस भर्ती में शामिल होने की उम्मीद है।

इस मौके पर ब्रिगेडियर हरबीर सिंह ने सैनिकों बधाई दी और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। इन जवानों की लगभग 9 महीने के प्रशिक्षण के बाद भर्ती हुई।

Indian Army: दुनिया के सबसे ऊंचे रणक्षेत्र सियाचिन में भी हमारे सैनिक दिन रात जुटे रहते हैं। ये वह जगह है जोकि सामरिक रूप से महत्वपूर्ण है।

सेना (Army) के अधिकारियों के साथ-साथ जिले के अधिकारियों ने हल्द्वानी-नैनीताल रोड स्थित शहीद पार्क में शहीदों को पुष्पचक्र अर्पित किए। इस दौरान देशभक्ति के नारों से शहीद स्मारक गूंज उठा।

गोवा (Goa) पर पुर्तागालियों को कब्जा था। तत्काली प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू और रक्षा मंत्री कृष्ण मेनन के बार-बार आग्रह करने के बावजूद पुर्तगालियों द्वारा इसे मुक्त नहीं किया जा रहा था।

इंडियन आर्मी (Indian Army) की इन्फेंट्री यानी पैदल सेना बेहद ही घातक मानी जाती है। यह सेना की एक सामान्य शाखा है। पैदल सेना के जरिए ही गोवा मुक्ति के लिए ऑपरेशन विजय लॉन्च किया गया था।

जिस तरह एक कंपनी में पद निर्धारित होते हैं, उसी तरह सेना (Indian Army) में भी रैंक के मुताबिक जवानों की पहचान होती है। इसके जरिए यह जाना जाता है कि कौन सा अधिकारी सीनियर है और कौन सा अधिकारी जूनियर।

सेना (Army) का एक जवान आज मजदूरी करने को मजबूर है। जी हां, ओडिशा के रहने वाले चंदूराम माझी सेना में हवलदार थे। वे गोंड आदिवासी समाज से आते हैं। अपने कार्यकाल के दौरान वे जम्मू-कश्मीर से लेकर पश्चिम बंगाल और राजस्थान समेत देश के कई हिस्सों में तैनात रहे।

मीडिया रिपोर्ट्स का कहना है कि सरकार ने इस पर आदेश जारी कर दिया है। यह व्यवस्था साल 2006 से लागू मानी जाएगी।

अभी आर्मी हेडक्वार्टर में 2 डेप्युटी चीफ के पद हैं, लेकिन डोकलाम विवाद के बाद ये जरूरत महसूस की गई थी कि एक और डेप्युटी चीफ होना चाहिए।

सेना (Army) को ऐसा जेनरेटर मिलने वाला है जो बेहद उंचाई वाले ठंडे इलाकों में काम करेगा। दरअसल, भोपाल के विजय ममतानी ने ऐसा जेनरेटर (Generator) बनाया है जो बर्फीली वादियों में भी काम करेगा।

लद्दाख (Ladakh) में चीन (China) के साथ चल रहे तनाव के मद्देनजर सेना (Army) के जवानों को जरूरी तकनीकियों से लैस किया जा रहा है। लेह (Leh) में मौसम विभाग के बुनियादी ढांचा को एडवांस किया जा रहा है।

भारत और पाकिस्तान के बीच 1971 के युद्ध में एक डाकू ने भारतीय सेना (Indian Army) की काफी मदद की थी। सेना की मदद करने के बाद इस डाकू के ऊपर चल रहे सारे मामलों को बंद कर दिया गया था।

उत्तराखंड (Uttarakhand) के नौजवान सेना (Indian Army) में भर्ती होने के लिए तत्पर रहते हैं। सेना के भर्ती शुरू हो जाए, तो झटपट टेस्ट देने और एग्जाम की तैयारी शुरू कर देते हैं। पहाड़ की हवा पानी में रहने वाले नौजवान बेहद ही मेहनती और फुर्तीले होते हैं।

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