Army

सेना ने खास रणनीति 'वॉर ऑफ मूवमेंट' के जरिए दुश्मनों के कब्जे वाले इलाकों पर कहर बरपा कर खुद का कब्जा जमाया था। यहां तक भारतीय सेना ढाका तक पहुंच गई थी।

इस वॉर मेमोरियल में आपको पता लगेगा कि कैसे युद्ध में भारतीय सैनिक बंकर से लेकर बंकर तक योजनाबद्ध तरीके से भागते हुए दुश्मन सेना पर हथगोले फेंकते थे।

जंग में वे और उनके 14 गार्ड्स रेजिमेंट के साथियों ने अगरतला को पाक के हमलों से बचाया था। गंगासागर स्टेशन के पास इस जंग में दुश्मनों की कमर तोड़कर रख दी थी।

रजा इस युद्ध में सबसे आगे होकर लड़ रहे थे। भारतीय सेना ने मुंहतोड़ जवाब देते हुए पाकिस्तान के 250 से अधिक सैनिक मार गिराए। 17 दिसंबर की रात युद्ध खत्म हुआ।

बंटवारे के वक्त ब्रिटिश इंडिया सैन्य टुकड़ियों को भी भारत-पाक के बीच बांटा जा रहा था। ब्रिगेडियर मोहम्मद उस्मान भीड़ में शामिल नहीं हुए।

लड़ाई में भारतीय सेना लाहौर तक पहुंच चुकी थी लेकिन बॉर्डर पर ही रुक गई। सेना चाहती तो पाकिस्तानी के कई इलाकों पर कब्जा कर सकती थी लेकिन ऐसा नहीं किया गया।

22 साल के बेटे को तिरंगे में लिपटा देख पिता अपने आंसू नहीं रोक सके। उधर उनकी मां समेत पूरे परिवार का रो रो कर बहुत बुरा हाल हो गया था।

1971 के भारत-पाकिस्तान जंग में सैम मानेकशॉ की मुख्य भूमिका रही और पाक के खिलाफ जीत हासिल की गई थी। वह युद्ध में पूरी तैयारी के साथ उतरे थे।

ये घटना बुधवार रात करीब सवा एक बजे की है। हमला चंदेल में हुआ है, जिसे उग्रवादियों ने अंजाम दिया।

सेना के कई जवानों ने अकल्पनीय साहस का परिचय दिया था जिसकी मिसाल आज भी पेश की जाती है। कुछ जवान ऐसे थे जिनके प्रदर्शन से सीना गर्व से चौड़ा हो जाता है।

हैरानी की बात ये है कि नक्सली जिनकी मदद से यह काम करते हैं, उन्हें भी मौत के घाट उतारने से नहीं कतराते हैं।

एनसीसीस को 1942 में ब्रिटिश अधिकारियों द्वारा स्थापित विश्वविद्यालय अधिकारी प्रशिक्षण कोर के उत्तराधिकारी के रूप में माना जा सकता है।

एनसीसी का लक्ष्य छात्रों को समाज के अच्छे नागरिक बनाने और उन्हें जीवन के प्रत्येक क्षेत्र मे योग्य और अग्रणी बनाना है। आजादी के बाद 15 जुलाई, 1948 को देश की तीनों सेना को मजबूती प्रदान करने के लिए राष्ट्रीय कैडेट कोर की स्थापना की गई थी।

चीन ने एलएसी के पार अपने सैनिकों की तैनाती में जबरदस्त बढ़ोत्तरी की है। चीन की शुरू से यह नीति रही है कि वह भारतीय सीमा में घुसकर थोड़ा पीछे होता है और बाकी की जमीन पर कब्जा कर लेता है।

कुलगाम के पुलिस अधीक्षक गुरिंदरपाल सिंह ने कहा कि कुलगाम पुलिस स्टेशन के क्षेत्राधिकार के तहत कुलगाम के आरा गांव में तलाशी और घेराबंदी अभियान शुरू किया गया है।

पुलवामा जिले के अवंतीपोरा में 17 जून की देर रात आतंकियों और सुरक्षाबलों के बीच मुठभेड़ (Encounter) शुरू हो गई। आतंकियों के खिलाफ जम्मू-कश्मीर पुलिस (J&K Police) और सेना (Army) ने मोर्चा संभाल लिया। इस मुठभेड़ में एक आतंकी (Terrorist) मारा गया है।

सेना (Army) के करीब चार लाख जवानों की सेवानिवृत्ति की उम्र 58 साल की जाएगी। यह तकनीकि पदों और गैर युद्धक भूमिकाओं में लगे जवानों के लिए होगा। वायुसेना और नौसेना के भी हजारों जवानों को इसका फायदा होगा।

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