1971 War

भारत और पाकिस्तान के बीच 1971 में युद्ध लड़ा गया था। इस युद्ध में पाकिस्तान को हराने के लिए हर मोर्चे पर भारतीय सेना (Indian Army) ने शानदार प्रदर्शन किया था।

सेना ने इस युद्ध में ऐसा पराक्रम दिखाया था जिसके चलते सिर्फ 13 दिन में ही यह जंग खत्म हो गई थी। इस जंग में 91000 पाक युद्धबंदी कैद कर भारत लाए गए थे।

War of 1971: वाइस एयर मार्शल चंदन सिंह राठौड़ वे शख्स थे जिन्होंने सेना की दो कंपनियों को एक रात में ही मेघना नदी के पार उतार कर इतिहास रच दिया था।

भारत और पाकिस्तान के बीच 1971 में भीषण युद्ध (War of 1971) लड़ा गया था। इस युद्ध में पाकिस्तान को बुरी तरह से हराया गया था। यह युद्ध पाकिस्तान से बांग्लादेश की आजादी के लिए लड़ा गया था।

भारत और पाकिस्तान के बीच 1971 में भीषण युद्ध लड़ा गया था। इस युद्ध में पाकिस्तानी सेना के खिलाफ भारतीय सेना का शौर्य बेहद ही शानदार था। भारतीय वीर सपूतों ने दुश्मनों को बुरी तरह से नेस्तनाबुद कर दिया था।

भारत और पाकिस्तान के बीच 1971 में भीषण युद्ध लड़ा गया था। इस युद्ध में रिटायर्ड एयर वाइस मार्शल आदित्य विक्रम पेठिया (Aditya Vikram Pethia) ने भी हिस्सा लिया था।

भारत और पाकिस्तान के बीच 1971 में लड़े गए युद्ध (War of 1971) के दौरान पाकिस्तान ने हमारे 54 सैनिकों को युद्ध बंदी बना लिया था। पाकिस्तान आज तक यह बात स्वीकार नहीं करता, लेकिन हमारे पास इसके पर्याप्त सबूत हैं।

खेत्रपाल 14 अक्टूबर-1950 को जन्मे थे। वे 13 जून-1971 को पूना हॉर्स में भर्ती हुए इसके बाद तीन दिसंबर को युद्ध में शामिल हो गए थे। यानी सेना में शामिल होने के 6 महीने बाद ही देश के लिए जंग लड़ी।

भारत और पाकिस्तान के बीच 1947-48 में भीषण युद्ध लड़ा गया था। इस युद्ध में भारतीय सेना (Indian Army) हर मोर्चे पर सफल साबित हुई थी। पाकिस्तानी सेना को धूल चटाकर ही भारतीय सेना ने सांस ली थी।

भारत और पाकिस्तान के बीच 1971 में लड़े गए युद्ध के दौरान 93 हजार पाकिस्तानी सैनिकों ने सरेंडर किया था। इस युद्ध में भारतीय सेना (Indian Army) ने बांग्लादेश की आजादी में अहम भूमिक निभाई थी।

भारत और पाकिस्तान के बीच 1971 में भीषण युद्ध लड़ा गया था। इस युद्ध में भारतीय सेना ने ऐसा पराक्रम दिखाया था जिसे यादकर दुश्मन देश आज भी थर-थर कांप उठता होगा।

भारत और पाकिस्तान के बीच 1971 में भीषण युद्ध लड़ा गया था। बांग्लादेश, पाकिस्तान के अत्याचारों से आजाद हुआ और इसमें भारतीय सेना की भूमिका को वह आज तक मानता है।

भारत और पाकिस्तान के बीच 1971 में भीषण युद्ध लड़ा गया था। इस युद्ध में भारत ने पाकिस्तान को बुरी तरह से हराया था। युद्ध पूर्वी पाकिस्तान (बांग्लादेश) की आजादी के लिए लड़ा गया था।

भारत और पाकिस्तान के बीच 1971 में लड़े गए युद्ध के दौरान विंग कमांडर दिलीप पारुलकर (Dilip Parulkar) ने अहम भूमिका निभाई थी। उन्होंने पाकिस्तान को बुरी तरह से पटखनी देते हुए अपने शौर्य का परिचय दिया था।

भारत और पाकिस्तान के बीच 1971 में लड़े गए युद्ध के दौरान विंग कमांडर धीरेंद्र सिंह जाफा (Dhirendra Singh Jafa) बहादुरी का परिचय दिया था। युद्ध के दौरान दुश्मनों को नुकसान पहुंचाने के दौरान वे पाकिस्तानी सेना की कैद में आ गए थे।

भारत और पाकिस्तान के बीच 1971 में लड़े गए भीषण युद्ध में भारतीय वायुसेना ने अपनी अलग ही छाप छोड़ी थी। युद्ध में भारत को जीत हासिल हुई थी। पाकिस्तान के 93 हजार सैनिकों ने भारतीय सेना के सामने सरेंडर किया था।

भारत और पाकिस्तान के बीच 1971 में भीषण युद्ध (War of 1971) लड़ा गया था। इस युद्ध में पाकिस्तानी सेना को बुरी तरह से पटखनी दी गई थी। भारतीय सेना (Indian Army) के वीर सपूतों ने हर मोर्चे पर दुश्मन को विफल किया था।

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