नक्सल संगठन के अंदर वर्चस्व की लड़ाई, ये बड़ा नक्सली नेता कर सकता सरेंडर

नक्सलियों के सबसे मजबूत कहे जाने वाले दरभा डिवीजन कमेटी के दो शीर्ष नक्सली नेता विनोद और देवा के बीच चल रही खींचतान की खबरें बाहर आई हैं।

Vinod

देवा की ऐसी कार्यशैली के चलते एक एनकाउंटर में विनोद ने अपनी बेटी खो दिया। विनोद की बेटी भी दरभा डिवीजन कमेटी में एक सक्रिय नक्सली के रूप में काम करती थी। दरअसल, देवा के काम करने के तरीके से परेशान होकर विनोद ने अपनी बेटी को अन्य एरिया में भेजने की तैयारी भी की थी, लेकिन एक मुठभेड़ में विनोद की बेटी की मौत हो गई।

बस्तर जैसे नक्सल (Naxal) प्रभावित क्षेत्र से अक्सर नक्सलियों द्वारा बर्बरता, हत्या और शोषण की खबरें जंगलों से निकलकर बाहर आती रहती हैं। नक्सलियों पर नकेल कसने के लिए सुरक्षाबलों के जवान भी जुटे रहते हैं। लेकिन अब इन खबरों के बीच एक हैरान कर देने वाली खबर जंगल से निकलकर मीडिया तक पहुंची है।

नक्सलियों के सबसे मजबूत कहे जाने वाले दरभा डिवीजन कमेटी के दो शीर्ष नक्सली (Naxal) नेता विनोद और देवा के बीच चल रही खींचतान की खबरें बाहर आई हैं।

सूत्रों की मानें तो इस खींचतान के चलते विनोद सुरक्षाबलों के सामने सरेंडर करने के विचार में है। और अगर ऐसा होता है तो सुरक्षाबलों के लिए यह अब तक की सबसे बड़ी कामयाबी कहलाएगी।

बता दें कि, दरभा डिवीजन कमेटी की कमान विनोद के बाद देवा नाम के एक नक्सली नेता के हाथों संभाली जा रही है। विनोद दरभा डिवीजन कमेटी और क्षेत्र में सबसे सीनियर लीडर है।

वहीं देवा, विनोद से छोटा और युवा नेता है। पिछले कुछ वर्षों से इन दोनों में ग्रामीणों के बीच नक्सलियों के घटते जनाधार को लेकर मतभेद चल रहे हैं। सूत्रों से मिल रही जानकारी के अनुसार विनोद को देवा की कार्यशैली पसंद नही है।

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ठीक इसी तरह देवा भी विनोद की कार्यशैली से संतुष्ट नहीं है। विनोद की कार्यशैली ऐसी है कि वह क्षेत्र के ग्रामीणों की मदद करते हुए आगे बढ़ता है। ग्रामीणों की दुख तकलीफों को दूर करने में भी विनोद पीछे नहीं हटता है।

वहीं देवा का काम करने का तरीका इससे बिल्कुल ही विपरीत है। देवा एक उग्र नेता के रूप में माना जाता है। गलती होने पर निर्दोष ग्रामीणों को सजा देने और उनकी हत्या करने में भी नही हिचकता है।

देवा की ऐसी कार्यशैली के चलते एक एनकाउंटर में विनोद ने अपनी बेटी खो दिया। विनोद की बेटी भी दरभा डिवीजन कमेटी में एक सक्रिय नक्सली के रूप में काम करती थी। दरअसल, देवा के काम करने के तरीके से परेशान होकर विनोद ने अपनी बेटी को अन्य एरिया में भेजने की तैयारी भी की थी, लेकिन एक मुठभेड़ में विनोद की बेटी की मौत हो गई।

जिसके बाद से ही विनोद टूट सा गया है। विनोद को लगता है कि देवा की कार्यशैली से संगठन अपना जनाधार खोता जा रहा है। बस्तर आई जी सुंदरराज पी ने बताया कि अगर यह खींचतान और चलती रही तो जल्द ही विनोद, पुलिस के सामने सरेंडर कर सकता है। अगर विनोद सरेंडर करता है तो सुरक्षाबलों को उससे बहुत सी महत्वपूर्ण जानकारियां हासिल हो सकती हैं।

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