उत्तर प्रदेश: कभी नक्सल आतंक के साए में रहा इलाका विकास की राह पर बढ़ रहा आगे

कभी नक्सल (Naxal) आतंक के साए में रहे उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले में में इस बार गणतंत्र दिवस परेड के दौरान रंगरूटों के बूटों की आवाज सुनाई देगी। इस बार गणतंत्र दिवस की परेड विकास से अछूते नक्सल प्रभावित नौगढ़ इलाके में होगी। पुलिस महकमा जोर-शोर से इसकी तैयारी में जुटा है। नौगढ़ के भेड़ा फार्म में रंगरूट रिहर्सल कर रहे हैं।

Naxal
सांकेतिक तस्वीर।

बता दें कि 90 के दशक में नौगढ़ इलाका नक्सल (Naxal) आतंक का दंश झेल चुका है। लाल आतंक के गवाह रह चुके स्थानीय लोगों ने परिवर्तन की उम्मीद ही छोड़ दी थी। लेकिन सरकार, प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता की वजह से नक्सलवाद की जड़ धीरे-धीरे कमजोर हुई। पिछले एक दशक से इस जिले में कोई नक्सली वारदात नहीं हुई है। लेकिन पड़ोसी जिला मीर्जापुर और सोनभद्र में नक्सलियों (Naxal) की आहट अभी भी सुनाई देती रहती है। सरकार और प्रशासन इन इलाकों को मुख्यधारा से जोड़ने की कवायद में जुटा है। कम्युनिटी पुलिसिंग के तहत क्षेत्र के युवाओं को तरह-तरह के लघु और सूक्ष्म उद्योगों का प्रशिक्षण देकर हुनरमंद बनाने की पहल की जा रही है।

प्रशिक्षित युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के साथ ही योग्यता के आधार पर निजी कंपनियों में नौकरी भी दिलाई जा रही है। पुलिस की पहल पर वाराणसी स्थित निजी अस्पताल के चिकित्सकों की ओर से नौगढ़ इलाके में हर माह नियमित तौर पर शिविर का आयोजन कर गरीब वनवासियों की आंखों की जांच की जाती है। गरीबों की आंखों में मोतियाबिंद समेत अन्य बीमारियों का मुफ्त इलाज किया जाता है। इससे गरीबों के आंखों की खोई रोशनी लौट रही है। नक्सल (Naxal) प्रभावित इलाके में इस बार होने वाले गणतंत्र दिवस परेड से लोगों का विश्वास और मजबूत होगा।

इस परेड के लिए पुलिस प्रशासन व्यापक स्तर पर तैयारियों में जुटा है। भेड़ा फार्म में रोज सुबह और शाम के वक्त रंगरूट परेड की रिहर्सल कर रहे हैं। एसपी प्रेमचंद के मुताबिक, इस बार गणतंत्र दिवस परेड नौगढ़ इलाके में कराई जाएगी। इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। रंगरूटों से परेड की रिहर्सल कराई जा रही। साथ ही जरूरी साजो-सामान परेड स्थल पर पहुंचाए जा रहे हैं। परेड में उच्चाधिकारियों के साथ ही इलाके के प्रतिष्ठित लोगों को भी आमंत्रित किया जाएगा।

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