नक्सलियों से सरेंडर करवाने के लिए पुलिस ने अपनाई ये रणनीति, मिली बड़ी सफलता

ये अभियान काफी सफल हुआ है। इससे प्रभावित होकर 100 से ज्यादा नक्सली (Naxalites) सरेंडर कर चुके हैं, इनमें इनामी नक्सली भी शामिल हैं।

Odisha

सांकेतिक तस्वीर।

पुलिस अब गांव-गांव जाकर नक्सलियों (Naxalites) के परिजनों और रिश्तेदारों से मिलेगी और उन्हें मुख्यधारा में लौटने के फायदे बताएगी। लोन वर्राटू अभियान के तहत उन्हें बताया जाएगा कि आखिर किस तरह नक्सली मुख्यधारा से जुड़कर अपना जीवन बदल सकते हैं।

सुरक्षाबलों की ओर से नक्सलियों (Naxalites) के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने की कोशिश की जा रही है।

पुलिस अब नक्सलियों की घर वापसी के लिए उनके रिश्तेदारों की मदद लेने की कोशिश कर रही है। दरअसल पुलिस ने एक सूची तैयार की है जिसमें 529 नक्सलियों का नाम शामिल है।

पुलिस अब गांव-गांव जाकर इनके परिजनों और रिश्तेदारों से मिलेगी और उन्हें मुख्यधारा में लौटने के फायदे बताएगी। लोन वर्राटू अभियान के तहत उन्हें बताया जाएगा कि आखिर किस तरह नक्सली मुख्यधारा से जुड़कर अपना जीवन बदल सकते हैं।

बता दें कि ये अभियान काफी सफल हुआ है। इससे प्रभावित होकर 100 से ज्यादा नक्सली सरेंडर कर चुके हैं, इनमें इनामी नक्सली भी शामिल हैं।

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पुलिस क्षेत्रीय नेताओं को सूची सौंपकर, नक्सलियों के परिजनों के जरिए नक्सलियों से घर लौटने की अपील कर रही है। इसके अलावा नक्सलियों के रिश्तेदारों के घर जाकर उन्हें इस अभियान से जुड़ने के फायदे बताए जा रहे हैं।

एसपी डॉ. अभिषेक पल्लव भी गांवों का दौरा कर रहे हैं और नक्सलियों के परिजनों की मदद कर रहे हैं।

बता दें कि नक्सलियों के खिलाफ सुरक्षाबलों ने आक्रामक रवैया अपनाया है। अब तक कई नक्सली मारे जा चुके हैं। जंगलों में भी कई बार मुठभेड़ हो चुकी है। ऐसे में नक्सलियों के परिजन उन्हें समझा रहे हैं कि सरेंडर कर दो, वर्ना मार दिए जाओगे।

एसपी दंतेवाड़ा अभिषेक पल्लव का कहना है कि ये अभियान काफी सफल रहा है और नक्सलियों के परिजन खुद उन्हें पुलिस के पास पहुंचा रहे हैं।

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