
सांकेतिक तस्वीर।
नक्सल (Naxalites) कैडर के हालात खराब हैं और वो अपनी यूनिट में संदेश भेज रहे हैं कि वह सब मुश्किल में हैं। एक खुफिया रिपोर्ट में ये खुलासा हुआ है कि नक्सलियों ने अपनी निचली इकाइयों को एक लेटर भेजा है, जिसमें नक्सल कैडर ने साफ कहा है कि उनके सामने वित्तीय संकट है इसलिए खर्च पर कंट्रोल करना होगा।
नई दिल्ली: नक्सलवाद देश की एक बड़ी समस्या है और इस समस्या से निपटने के लिए सुरक्षाबल ताबड़तोड़ कार्रवाई कर रहे हैं। सुरक्षाबलों की कार्रवाई की वजह से देश में नक्सल (Naxalites) प्रभावित इलाके कम हो रहे हैं और लोग मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं। इस दौरान नक्सली वारदातों में भी पहले की तुलना में काफी कमी आई है।
बीते साल 90 जिलों से नक्सली वारदातों की खबर सामने आई थी, वहीं इस साल अब तक केवल 46 जिलों से नक्सली घटनाएं सामने आई हैं।
नक्सल (Naxalites) कैडर के हालात खराब हैं और वो अपनी यूनिट में संदेश भेज रहे हैं कि वह सब मुश्किल में हैं। एक खुफिया रिपोर्ट में ये खुलासा हुआ है कि नक्सलियों ने अपनी निचली इकाइयों को एक लेटर भेजा है, जिसमें नक्सल कैडर ने साफ कहा है कि उनके सामने वित्तीय संकट है इसलिए खर्च पर कंट्रोल करना होगा। पार्टी का आंदोलन घाटे में है और वो कठिन दौर में हैं।
इस लेटर के आखिर में ये भी लिखा है कि मार्क्सवादी सिद्धांत सीख देता है, कोई भी स्थिति हमेशा नहीं रहती। इसके अलावा लेटर में नक्सल कैडर ने सुरक्षाबलों से सचेत रहने के लिए कहा है।
इस लेटर से साफ है कि सुरक्षाबलों की कार्रवाई ने नक्सलियों की कमर तोड़ दी है और नक्सली डरे हुए हैं। एक तरफ उनके सामने वित्तीय संकट है, दूसरी तरफ सुरक्षाबलों का खौफ भी है।
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